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Karnal News: गांवों में सीवर लाइन नहीं, गंदगी से अटे नाले और जोहड़, बरसात में बढ़ेगी मुसीबत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jun 2024 05:22 AM IST
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There is no sewer line in the villages, drains and ponds filled with dirt, problems will increase during the rainy season.
- योजनाओं को धरातल पर उतारने में विफल विभाग, स्वीकृत 15 में से महज दो गांवों में शुरू हुई सीवरेज लाइन बिछाने की प्रक्रिया भी अटकी
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- 433 गांवों में गंदगी और जलनिकासी केवल जोहड़ पर निर्भर





- 433 गांवों में 10 लाख की आबादी

- 12 गांव महाग्राम योजना में

- 05 गांव रुर्बन मिशन में शामिल



गगन तलवार

करनाल। मानसून नजदीक है मगर गांवों के नाले और जोहड़ गंदगी से अटे पड़े हैं। ऐसे में बरसात के मौसम में ग्रामीणों को एक बार फिर जलभराव का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि गांवों में सीवरेज व्यवस्था तो है नहीं, नालों और जोहड़ की सफाई न होने से गंदगी सड़कों और गलियों में पहुंच जाएगी व ग्रामीणों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाएगा।

जिले में गत वर्ष महाग्राम और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन (आर अर्बन) मिशन योजना के तहत 15 गांवों का चयन किया गया था लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी महज दो गांवों में ही सीवरेज लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ, यहां भी प्रक्रिया बीच में अटकी है।
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वहीं इससे अलग 433 गांवों में गंदगी और जल निकासी केवल जोहड़ पर ही निर्भर है, जो गंदगी से अटे हैं और कुछ गांवों में तो ओवरफ्लो स्थिति में हैं। ऐसे में बरसात शुरू होने पर यहां स्थिति और विकट हो जाएगी। अधिकारियों के पास भी इन गांवों में सफाई व अन्य इंतजामों को लेकर कोई योजना नहीं है।
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इधर, यमुना के साथ लगते घरौंडा, इंद्री और कुंजपुरा खंड के ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ने लगी है। पिछले दो वर्षों में बरसाती मौसम और यमुना के ऊफान पर इन क्षेत्र के गांवों में पानी घरों में भी घुस आया था। बरसाती मौसम में तो कुछ गांवों में जोहड़ ओवरफ्लो हुए थे। जबकि बाढ़ के दौरान यमुना का जलस्तर बढ़ गया था।

अराईंपुरा के विवेक, काछवा के हरिओम, निगदू के अभय और बड़ागांव के तरसेम का कहना है कि अधिकारी केवल कागजों में योजना बना रहे हैं। गांव की कुरड़ी, तालाब और जोहड़ों पर गंदगी जमा है। इनकी समय रहते सफाई नहीं हुई तो जनता को एक बार फिर खामियाजा भुगताना पड़ सकता है। जिले की 17 लाख आबादी में से करीब 10 लाख आबादी 435 गांवों में रहती है।





ये हैं दो योजनाएं

- महाग्राम : योजना के तहत जिले के 12 गांवों का चयन किया गया है। यहां सीवरेज-पेयजल लाइन बिछाने के साथ ही एसटीपी यानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाने का प्रावधान है। ताकि उपचारित पानी को सिंचाई या पशुओं को नहलाने आदि कार्यों में इस्तेमाल किया जा सके। 10 हजार से ज्यादा आबादी वाले गांवों को इस योजना में शामिल किया गया।

- रुर्बन मिशन : श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन योजना के तहत 20 हजार से ज्यादा आबादी वाले गांवों का सुंदरीकरण का प्रावधान है। योजना में पांच गांवों का चयन हुआ। इनमें सालवन, बल्ला, गोल्ली, मानपुर और फफड़ाना शामिल हैं। योजना में हर घर में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, गांव के डेरों तक को सीवरेज नेटवर्क, पक्के रास्ते, स्ट्रीट लाइटें, पार्क, क्लीनिक, ओपन या इंडोर जिम और पुस्तकालय शामिल हैं।



आबादी बढ़ी पर जनगणना से पिछड़े गांव सुविधा से महरूम
दोनों योजनाओं में गांवों को आबादी के आधार पर ही शामिल किया जाना है। जिले में कई गांव ऐसे हैं जिनकी आबादी पिछले 10 वर्ष में बढ़ी है पर वे योजना में शामिल नहीं हो पाए। क्योंकि जनगणना में आज भी उनके गांवों की आबादी कम है। अधिकारियों ने वर्ष 2011 में हुई जनगणना के आधार पर ही गांवों का चयन किया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार जनगणना दोबारा कराए या फिर मतदाता सूची के आधार पर नया पैमाना तय करे। क्योंकि यह सूची अभी अपडेट हुई है। रुर्बन के गांव सालवन और बल्ला महाग्राम में भी हैं।





कुंजपुरा और गोंदर में शुरू, सालवन में अटका

महाग्राम में शामिल कुंजपुरा और गोंदर गांव में काम शुरू हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, सालवन गांव में एसटीपी की जगह न मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। वहीं महाग्राम में शामिल बल्ला, बरसत, बड़ागांव, जुंडला, काछवा, कोहंड, मूनक, निगदू और संगोहा में सीवरेज लाइन बिछाने का सर्वे हो चुका है पर धरातल पर काम शुरू होने में अभी कई माह का समय लगेगा। सालवन जिले की सबसे बड़ी पंचायत है, फिर भी यहां पर सबसे पहले काम नहीं शुरू हो पाया।





जलनिकासी और तालाबों की सफाई भी कराई जाती है। महाग्राम और रुर्बन मिशन में ही गांवों में सीवरेज लाइन बिछाने की व्यवस्था है। पहले चरण में तीन गांवों को लिया था, इनमें से दो में काम शुरू हो चुका है। कार्य जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाना है। अन्य गांवों में काम के लिए भी जल्द प्रक्रिया शुरू होगी।

- परमिंद्र सिंह, एक्सईएन, पंचायती राज





कुंजपुरा और गोंदर में सीवरेज लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया है। अन्य गांवों के लिए सर्वे कर रहे हैं। काम पूरा होने में समय लगेगा। इन गांवों की सीवरेज लाइन को नजदीकी ड्रेन से जोड़ा जाएगा। बिना प्रावधान अन्य गांवों में सीवरेज लाइन नहीं बिछाई जा सकती। जोहड़ों की सफाई का काम पंचायती राज और ड्रेन की सफाई सिंचाई विभाग के अधीन है।
- विकास सिंगरोहा, एसई, जनस्वास्थ्य विभाग
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