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फिर मौसम की मार, मंडियों में भीगा लाखों क्विंटल धान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Oct 2021 02:21 AM IST
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Then the weather hit, millions of quintals of paddy soaked in the mandis
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। किसानों की मेहनत पर एक बार फिर मौसम की मार पड़ गई। रविवार दोपहर बाद जिले में तेज हवाओं के साथ एक घंटे हुई झमाझम बारिश से अनाज मंडियों में खुले में रखे धान की बोरियां भीग गईं। मंडियों में करीब 21 लाख क्विंटल से अधिक खरीदा गया धान है। इसके अलावा बिक्री के लिए आया किसानों का लाखों क्विंटल धान भी भीग गया।
दोपहर बाद तीन बजे से चार बजे तक 24.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद भी रात तक बारिश जारी रही। शहर में कमेटी चौक के अलावा एक-दो स्थानों पर हल्की ओलावृष्टि भी हुई। हवा चलने से कई इलाकों में बासमती धान भी जमीन पर बिछ गई। इस बारिश के बाद तापमान में लगातार गिरावट के साथ ठंड शुरू होने की संभावना है। वहीं आगामी कई दिन तक मौसम साफ रहेगा।
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पशु चारे की बिजाई में देरी
मौसम विभाग ने कई दिन पहले ही एरल सागर, कैस्पियन सागर व ब्लैक सी से उठे पश्चिमी विक्षोभ के अंश उत्तर-पश्चिमी भारत में आने की सूचना दे दी थी। इस बारिश से प्रभावित इलाकों में फसलों की कटाई व बिजाई का कार्य कई दिन के लिए रुक गया है। इस महीने बार-बार मौसम खराब होने से किसान पशुचारे की भी बिजाई नहीं कर पाए हैं। फसल अवशेष प्रबंधन के साथ हैप्पी सीडर मशीन से गेहूं बिजाई शुरू कर दी थी लेकिन यह कार्य भी कई दिन के लिए प्रभावित हो चुका है।
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2.4 डिग्री गिरा तापमान
पिछले 24 घंटे की तुलना में अधिकतम तापमान में 2.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के सिंचाई एवं जल निकास प्रभाग के अध्यक्ष एवं प्रधान वैज्ञानिक डा. डीएस बुंदेला के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 18.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जिले में 24.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। हवा की गति 4.8 किलोमीटर प्रति घंटा रही। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अब कई दिन तक मौसम साफ रहेगा।
कृषि कार्यों में होगी देरी
जिन खेतों में बासमती धान कटी हुई रखी है वह भीगने से झड़ाई का काम रुक गया है। बारिश के कारण लहसुन, बरसीम व गेहूं की बिजाई में देरी होगी। सूखे खेतों में सिंचाई की बचत हुई है। वहीं जिन्होंने पहले से सिंचाई कर रखी थी उनके खेत बत्तर होने में समय लगेगा।

- कमल कांबोज, किसान, नबीपुर।
बासमती धान जमीन पर बिछी
तेज हवा के साथ बारिश के कारण कई किसानों की बासमती धान जमीन पर बिछ गई है। बासमती धान पकी है और अनाज मंडियों में जगह नहीं होने के कारण कटाई में देरी हो रही थी। पीआर ग्रुप धान की ज्यादातर कटाई हो चुकी है और बासमती की फसल शेष है।
- धन सिंह, किसान, संगोही
मौसम विभाग के अनुसार तापमान का पूर्वानुमान
तिथि अधिकतम न्यूनतम
25 28 16
26 28 17
27 28 16
28 29 15
29 29 14
30 29 15
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