{"_id":"dd86b61fe766d9fd7a5d399d28e9f621","slug":"the-yoke-fellow-female-students-now","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब छात्राएं भी बनी सांगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब छात्राएं भी बनी सांगी
कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 10 Feb 2014 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र के भगवान परशुराम कॉलेज में आयोजित 4 दिवसीय रत्नावली युवा सांग महोत्सव के तीसरे दिन डीएवी महिला महाविद्यालय यमुनानगर की छात्राओं ने ‘फूल सिंह-नौटंकी’ सांग का मंचन किया गया।
कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंधक समिति के प्रधान नारायण दत्त शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। प्राचार्य डॉ. योगेश्वर जोशी ने मुख्यातिथि का फूलमालाएं डालकर अभिनंदन किया।
मुख्यातिथि ने मां सरस्वती व भगवान परशुराम के चरणों में पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यातिथि नारायण दत्त शर्मा ने कहा कि सांग प्राचीन काल से ही पुरुष कलाकारों द्वारा किया जाता रहा है, लेकिन आज यह धरोहर लुप्त होती जा रही है। हरियाणवी संस्कृति को बचाने में लड़कियां अपने दायित्व का निर्वाह कर रही हैं।
विज्ञापन
आज के प्रतिस्पर्धा के युग में लड़कियां लड़कों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। प्राचार्य डॉ. योगेश्वर जोशी ने कहा कि यह रत्नावली युवा सांग महोत्सव हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की धरोहर है।
इस सांग में पारूल मित्तल ने फूल सिंह, साक्षी ने रानी व भारती ने नौटंकी के रूप में सफल मंचन किया। कॉलेज प्राध्यापक डॉ. प्रशांत शर्मा ने मंच का संचालन किया।
इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधन समिति के सचिव सतपाल शर्मा, सदस्य रमेश शास्त्री घराड़सी, ब्राह्मण धर्मशाला एवं छात्रावास के प्रधान रामफल शर्मा फफड़ाना, प्रो. शीशपाल शर्मा, प्रो. कैलाश चंद, प्रो. कर्मजीत सिंह, प्रो. सतीश व डॉ. प्रशांत शर्मा, महेंद्र पाल शर्मा, चंद्रभान शर्मा कमौदा, अनिल शर्मा व बलबीर चंद मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंधक समिति के प्रधान नारायण दत्त शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। प्राचार्य डॉ. योगेश्वर जोशी ने मुख्यातिथि का फूलमालाएं डालकर अभिनंदन किया।
विज्ञापन
मुख्यातिथि ने मां सरस्वती व भगवान परशुराम के चरणों में पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यातिथि नारायण दत्त शर्मा ने कहा कि सांग प्राचीन काल से ही पुरुष कलाकारों द्वारा किया जाता रहा है, लेकिन आज यह धरोहर लुप्त होती जा रही है। हरियाणवी संस्कृति को बचाने में लड़कियां अपने दायित्व का निर्वाह कर रही हैं।
विज्ञापन
आज के प्रतिस्पर्धा के युग में लड़कियां लड़कों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। प्राचार्य डॉ. योगेश्वर जोशी ने कहा कि यह रत्नावली युवा सांग महोत्सव हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की धरोहर है।
इस सांग में पारूल मित्तल ने फूल सिंह, साक्षी ने रानी व भारती ने नौटंकी के रूप में सफल मंचन किया। कॉलेज प्राध्यापक डॉ. प्रशांत शर्मा ने मंच का संचालन किया।
इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधन समिति के सचिव सतपाल शर्मा, सदस्य रमेश शास्त्री घराड़सी, ब्राह्मण धर्मशाला एवं छात्रावास के प्रधान रामफल शर्मा फफड़ाना, प्रो. शीशपाल शर्मा, प्रो. कैलाश चंद, प्रो. कर्मजीत सिंह, प्रो. सतीश व डॉ. प्रशांत शर्मा, महेंद्र पाल शर्मा, चंद्रभान शर्मा कमौदा, अनिल शर्मा व बलबीर चंद मौजूद रहे।