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Karnal News: रिश्वतखोरी में पकड़े ग्राम सचिव को कोर्ट ने भेजा जेल
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने ग्राम पंचायत चौगांव के सचिव अमित कुमार को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। रविवार को आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार अप्रैल, 2024 में ग्राम पंचायत चौगांव में सीसीटीवी कैमरों की रिपेयरिंग का काम किया गया था। जिसका करीब 1,08,452 का भुगतान किया गया था। इसके बाद पंचायत सचिव अमित कुमार लगातार कमीशन की मांग करता रहा। आरोप है कि सचिव ने 26 जुलाई को दोबारा 20 हजार नकद रिश्वत देने के लिए दबाव बनाया। परेशान होकर शिकायतकर्ता ने एसीबी को पूरी जानकारी दी और रिश्वत मांगने की बातचीत की रिकॉर्डिंग भी अधिकारियों को सौंपी।
एसीबी टीम ने शिकायत की पुष्टि के बाद 27 सितंबर को जाल बिछाया। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी सचिव अमित कुमार को इंद्री बस अड्डे के सामने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये लेते पकड़ लिया गया। मौके पर ही उसे हिरासत में लेकर एसीबी थाना करनाल ले जाया गया और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के बाद रविवार को सचिव को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि अब यह जांच की जा रही है कि पंचायत सचिव का रिश्वतखोरी नेटवर्क कहीं और अधिकारियों तक तो नहीं फैला हुआ है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
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करनाल। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने ग्राम पंचायत चौगांव के सचिव अमित कुमार को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। रविवार को आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार अप्रैल, 2024 में ग्राम पंचायत चौगांव में सीसीटीवी कैमरों की रिपेयरिंग का काम किया गया था। जिसका करीब 1,08,452 का भुगतान किया गया था। इसके बाद पंचायत सचिव अमित कुमार लगातार कमीशन की मांग करता रहा। आरोप है कि सचिव ने 26 जुलाई को दोबारा 20 हजार नकद रिश्वत देने के लिए दबाव बनाया। परेशान होकर शिकायतकर्ता ने एसीबी को पूरी जानकारी दी और रिश्वत मांगने की बातचीत की रिकॉर्डिंग भी अधिकारियों को सौंपी।
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एसीबी टीम ने शिकायत की पुष्टि के बाद 27 सितंबर को जाल बिछाया। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी सचिव अमित कुमार को इंद्री बस अड्डे के सामने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये लेते पकड़ लिया गया। मौके पर ही उसे हिरासत में लेकर एसीबी थाना करनाल ले जाया गया और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के बाद रविवार को सचिव को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि अब यह जांच की जा रही है कि पंचायत सचिव का रिश्वतखोरी नेटवर्क कहीं और अधिकारियों तक तो नहीं फैला हुआ है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
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