पीड़िता बोली न्याय के लिए कोर्ट से लेकर राष्ट्रपति तक लगाएगी गुहार
पुलिस अधिकारियों पर शोषण का आरोप लगाकर आत्महत्या का प्रयास करने वाली हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल एवं राष्ट्रीय खिलाड़ी अनीता को छठे दिन सोमवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अलबत्ता एक भी अधिकारी ने अस्पताल में पहुंचकर पीड़िता का हाल चाल पूछना लाजिमी नहीं समझा। पांच राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ियों द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद आखिर किन कारणों से अभी तक इस मामले की जांच नहीं हुई यह बड़ा सवाल है। अस्पताल से भले ही अनीता को नई जिंदगी मिली हो, लेकिन यहां से लौटते समय अनीता का एक ही सवाल था कि की आखिर अब तक क्यों किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। अनीता ने कहा कि वह अपनी लड़ाई जारी रखेगी। यदि फिर भी इंसाफ नहीं मिला तो वह मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, कोर्ट व राष्ट्रपति से गुहार भी लगाएगी। राष्ट्रीय खिलाड़ी ने कहा कि शिकायत देने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तक का आश्वासन नहीं दिया गया।
परिचितों के पास रहने गई अनीता छुट्टी मिलने के बाद अनीता अपने परिचितों के पास रहने के लिए गई है। अनीता के चेहरे पर बिल्कुल दर्द नजर आ रहा था और अधिकारियों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने से वह हताश नजर आ रही थी।
आवाज को दबाने के किए जा रहे प्रयास अनीता ने आरोप लगाया कि उसने अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ 309 का मामला दर्ज करने का प्रयास किया जा रहा है और उसकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने साफ शब्दो में कहा कि वह इसंाफ के लिए आखिरी दम तक लड़ती रहेगी और जब तक इंसाफ नहीं मिलता तब तक लड़ती रहेगी। महिला कांस्टेबल अगर मधुबन कॉम्पलेक्स में इसी प्रकार महिलाओं के साथ अत्याचार होते रहे तो महिलाएं किस प्रकार नौकरी करेंगी।
साथी बोली, नौकरी करना हुआ दुश्वार अनीता के साथ नौकरी करने वाली रचना ने कहा कि नौकरी करना बड़ा मुश्किल काम हो गया है। उन्होंने कहा कि अनीता के साथ-साथ उनकी नौकरी दाव पर लग गई है, लेकिन इस बात से नहीं घबराएगी। उन्होंने कहा कि कॉम्पलेक्स में महिला सिपाही के साथ शोषण हो रहा है और अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। वो अनीता को इंसाफ दिलाकर ही रहेगी।