{"_id":"699765598a395ae6a3009fbf","slug":"the-town-claims-to-be-free-of-stray-cattle-they-are-roaming-freely-in-the-city-karnal-news-c-18-knl1018-849644-2026-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: कस्बे बेसहारा गोवंश मुक्त का दावा, शहर में घूम रहे सरेआम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: कस्बे बेसहारा गोवंश मुक्त का दावा, शहर में घूम रहे सरेआम
विज्ञापन
सेक्टर 16 की सड़क पर सैर कर रही महिलाओं के पास से गुजरता गोवंश। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले के दो कस्बे तरावड़ी और निसिंग बेसहारा गोवंश से मुक्त घोषित किए जाने के बाद अब शहर में गोवंशों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है। हालांकि नगर निगम की ओर से रोजाना अभियान चलाकर गोवंश को पकड़कर गोशालाओं में भेजा जा रहा है बावजूद इसके शहर की प्रमुख सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में बेसहारा पशु घूमते देखे जा सकते हैं।
इससे लोगों को हादसों और ट्रैफिक जाम का खतरा बना हुआ है। जिले के तरावड़ी और निसिंग कस्बों को प्रशासन ने गोवंश मुक्त घोषित किया है। वहां सड़कों पर पशु नजर नहीं आते, जबकि करनाल शहर में हालात इसके विपरीत हैं। लोगों का कहना है कि कस्बों से हटाए गए पशु शहर की ओर आ गए हैं, जिससे समस्या और बढ़ गई है।
रोजाना चल रहा अभियान
नगर निगम की टीमें सुबह-शाम अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाकर गोवंश को पकड़ रही हैं। शहर को चार जोन में बांटकर टीमें गठित की गई हैं और पशुओं को टैग कर गोशालाओं व नंदीग्राम में भेजा जा रहा है। करीब छह माह में अब तक करीब 500 पशु गोशालाओं में शिफ्ट किए जा चुके हैं। यहां तक कि निगम अधिकरियों की ओर से पशुपालकों को चेतावनी दी गई है कि दूध देना बंद करने के बाद पशुओं को सड़कों पर छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनके पशुओं को जब्त तक कर लिया जाएगा लेकिन निगम की चेतावनी का पशुपालकों पर कोई असर नहीं है।
विज्ञापन
इसलिए खत्म नहीं हो रही समस्या
शहर में गोवंश की समस्या खत्म न होने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। डेयरी संचालक रात के समय पशुओं को सड़कों पर छोड़ देते हैं। बाहरी क्षेत्रों और कस्बों से भी पशु शहर में आ जाते हैं। गोशालाओं की क्षमता सीमित होने से सभी पशुओं को रखना संभव नहीं हो पाता। जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का डर कम होने से लापरवाही जारी है। इसकी वजह से बेसहारा पशु हाईवे, फ्लाईओवर और बाजारों में घूमते देखे जा रहे हैं। रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है। कई बार अचानक सड़क पर आने से वाहन चालकों को हादसों का सामना करना पड़ता है। शहरवासियों का कहना है कि इससे जानमाल का जोखिम बढ़ रहा है।
वर्जन-
शहर से बेसहारा गोवंशों को गोशाला में भेजने का काम लगातार जारी है। पशुपालकों को चेतावनी तक दी जा चुकी है कि अगर किसी के पशु सड़कों पर लावारिस घूमते मिले तो उनको जब्त कर लिया जाएगा।
- सुरेंद्र चोपड़ा, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम
विज्ञापन
करनाल। जिले के दो कस्बे तरावड़ी और निसिंग बेसहारा गोवंश से मुक्त घोषित किए जाने के बाद अब शहर में गोवंशों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है। हालांकि नगर निगम की ओर से रोजाना अभियान चलाकर गोवंश को पकड़कर गोशालाओं में भेजा जा रहा है बावजूद इसके शहर की प्रमुख सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में बेसहारा पशु घूमते देखे जा सकते हैं।
इससे लोगों को हादसों और ट्रैफिक जाम का खतरा बना हुआ है। जिले के तरावड़ी और निसिंग कस्बों को प्रशासन ने गोवंश मुक्त घोषित किया है। वहां सड़कों पर पशु नजर नहीं आते, जबकि करनाल शहर में हालात इसके विपरीत हैं। लोगों का कहना है कि कस्बों से हटाए गए पशु शहर की ओर आ गए हैं, जिससे समस्या और बढ़ गई है।
विज्ञापन
रोजाना चल रहा अभियान
नगर निगम की टीमें सुबह-शाम अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाकर गोवंश को पकड़ रही हैं। शहर को चार जोन में बांटकर टीमें गठित की गई हैं और पशुओं को टैग कर गोशालाओं व नंदीग्राम में भेजा जा रहा है। करीब छह माह में अब तक करीब 500 पशु गोशालाओं में शिफ्ट किए जा चुके हैं। यहां तक कि निगम अधिकरियों की ओर से पशुपालकों को चेतावनी दी गई है कि दूध देना बंद करने के बाद पशुओं को सड़कों पर छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनके पशुओं को जब्त तक कर लिया जाएगा लेकिन निगम की चेतावनी का पशुपालकों पर कोई असर नहीं है।
विज्ञापन
इसलिए खत्म नहीं हो रही समस्या
शहर में गोवंश की समस्या खत्म न होने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। डेयरी संचालक रात के समय पशुओं को सड़कों पर छोड़ देते हैं। बाहरी क्षेत्रों और कस्बों से भी पशु शहर में आ जाते हैं। गोशालाओं की क्षमता सीमित होने से सभी पशुओं को रखना संभव नहीं हो पाता। जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का डर कम होने से लापरवाही जारी है। इसकी वजह से बेसहारा पशु हाईवे, फ्लाईओवर और बाजारों में घूमते देखे जा रहे हैं। रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है। कई बार अचानक सड़क पर आने से वाहन चालकों को हादसों का सामना करना पड़ता है। शहरवासियों का कहना है कि इससे जानमाल का जोखिम बढ़ रहा है।
वर्जन-
शहर से बेसहारा गोवंशों को गोशाला में भेजने का काम लगातार जारी है। पशुपालकों को चेतावनी तक दी जा चुकी है कि अगर किसी के पशु सड़कों पर लावारिस घूमते मिले तो उनको जब्त कर लिया जाएगा।
- सुरेंद्र चोपड़ा, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम