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दोपहर 12:30 बजे तक नहीं आए तहसीलदार और नायब, कतार में लगे रहे फरियादी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jan 2026 01:54 AM IST
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The Tehsildar and Naib did not arrive until 12:30 pm, and the complainants remained in queues.
तहसीलदार के दफ्तर के बाहर उनके इंतजार में खड़े लोग संवाद
राम सारस्वत
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करनाल। सुबह 9 बजे, जिला सचिवालय परिसर में संचालित तहसील में फरियादियों की कतार लगी थी। अधिकांश को अपनी फाइलों पर अधिकारियों के हस्ताक्षर कराने थे। इंतजार लंबा होता गया। दोपहर के 12:30 बजे गए। तहसीलदार और नायब तहसीलदार कार्यालय में नहीं पहुंचे।
कतार में लगा कोई व्यक्ति जमीन के इंतकाल के लिए आया था तो कोई प्रमाणपत्र के लिए। कार्यालय की खाली कुर्सियां बेचैनी बढ़ाती रही। 12:30 बजे के बाद कुछ फरियादी शिकायत लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम भी मौजूद नहीं थे। बताया गया कि वह गणतंत्र दिवस की रिहर्सल में व्यस्त हैं। कई फरियादी मायूस होकर लौट गए।
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लोग रजिस्ट्री के लिए पहुंचे, क्लर्क नदारद
सरकार ने तहसीलों को पेपरलेस बनाने का दावा किया है। पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत की गई है। बुधवार को कई लोग रजिस्ट्री कराने पहुंचे लेकिन मौके पर क्लर्क ही मौजूद नहीं थे। तहसील परिसर में मौजूद लोगों का कहना था कि समय पर अफसर पहुंच जाएं तो समस्याएं हल हों। फरियादी सुबह से दोपहर तक कतार में खड़े रहते हैं और काम नहीं होता।
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पहला ई-टॉयलेट बदहाल
तहसील परिसर में लगा जिले का पहला ई-टॉयलेट बदहाल है। इस टॉयलेट को स्मार्ट सिटी की पहचान बताया गया था, अब बदबू और गंदगी का केंद्र बन चुका है। हालात इतने खराब हैं कि लोग ई-टॉयलेट का प्रयोग करने से कतराने लगे हैं।
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लोगों की पीड़ाजाति प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर कराने के लिए सुबह से तहसील आए हुए हैं। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से आए हैं और शाम तक वापस भी पहुंचना है। दोपहर तक भी तहसीलदार आए नहीं हैं। उनके बिना काम नहीं हो पा रहा है। - ईश्वर पाल




मुझे बस एक हस्ताक्षर कराना था। 12 बज चुके हैं लेकिन अब तक तहसीलदार दफ्तर नहीं पहुंच पाए हैं। अब पता नहीं कि ये अधिकारी आएंगे या नहीं। आएंगे तो कब तक आएंगे और कब तक हमारा काम हो सकेगा। - संजीव कुमार


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ये जरूरी नहीं है कि अधिकारी हर समय अपने कक्ष में ही बैठें। अन्य कई काम भी करने होते हैं। इनके कारण उनको बाहर जाना पड़ता है। अगर जनता को किसी तरह की परेशानी है तो उसका समाधान करवाया जाएगा। - प्रदीप, एसडीएम करनाल

तहसीलदार के दफ्तर के बाहर उनके इंतजार में खड़े लोग संवाद

तहसीलदार के दफ्तर के बाहर उनके इंतजार में खड़े लोग संवाद

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