{"_id":"698ccc28fedb46924e0456bd","slug":"the-system-is-back-on-track-63-registries-and-more-than-a-thousand-certificates-have-also-been-issued-karnal-news-c-18-knl1018-843864-2026-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: पटरी पर लौटी व्यवस्था… 63 रजिस्ट्री एक हजार से ज्यादा प्रमाणपत्र भी जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: पटरी पर लौटी व्यवस्था… 63 रजिस्ट्री एक हजार से ज्यादा प्रमाणपत्र भी जारी
विज्ञापन
.तहसील में रजिस्ट्रेशन करवाते लोग संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पांच दिन बाद तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की हड़ताल समाप्त होते ही जिले की तहसीलों और उप-तहसीलों में चहल-पहल दिखी। बुधवार को जिले में 63 रजिस्ट्रियां हुईं। एक हजार से ज्यादा प्रमाणपत्र जारी हुए।
हड़ताल के कारण जो काम अटके हुए थे, उन्हें निपटाने के लिए अधिकारियों ने मोर्चा संभाला लेकिन दोपहर को पोर्टल बंद होने के कारण लोगों के काम फिर से अटक गए। विदित हो कि बीती 5 फरवरी से तहसीलदार और नायब तहसीलदार मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। पांच दिनों तक चले इस गतिरोध के कारण न केवल जमीन की रजिस्ट्री रुकी हुई थीं, बल्कि इंतकाल, डोमिसाइल और अन्य प्रमाणपत्रों से जुड़े काम भी प्रभावित थे। इससे पहले पटवारी और कानूनगो हड़ताल पर थे, इस कारण भी कई रजिस्ट्री अटक गई थी और प्रमाणपत्रों संबंधित कार्य भी प्रभावित रहा।
13 करोड़ रुपये का लेनदेन
बुधवार को जिले में हुई 63 रजिस्ट्री से कुल 13 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। हड़ताल से करीब 550 रजिस्ट्री अटक गई हैं। इनके प्रार्थी अब नए सिरे से टोकन नंबर लेकर प्रक्रिया को पूरा करते हुए रजिस्ट्री करा पाएंगे। इन रजिस्ट्री से भी करीब 10 करोड़ रुपये का राजस्व प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
-- -
आखिर हो गया काम- सदर बाजार निवासी बलदेव ने बताया कि उनके प्लॉट की रजिस्ट्री का पहले से ही बुधवार का शेड्यूल था। हड़ताल खत्म होने पर उनकी आते ही रजिस्ट्री हो गई। कागजी प्रक्रिया वह पहले ही पूरी करा चुके थे।
पोर्टल के कारण रुकी
- सेक्टर-4 के सत्यवान ने बताया कि सुबह उनकी रजिस्ट्री के लिए आपत्ति लग गई थी, जिसे उन्होंने शाम तक दूर कराया। इसके बाद पोर्टल नहीं चलने के कारण उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पाई। जमीन की रजिस्ट्री करवानी थी।
बुधवार को हुईं रजिस्ट्री
क्षेत्र
रजिस्ट्री
वैध कॉलोनी
09
एचएसवीपी
4
लाइसेंस्ड कॉलोनी
08
पुराना शहर क्षेत्र
19
अन्य क्षेत्र
23
विज्ञापन
करनाल। पांच दिन बाद तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की हड़ताल समाप्त होते ही जिले की तहसीलों और उप-तहसीलों में चहल-पहल दिखी। बुधवार को जिले में 63 रजिस्ट्रियां हुईं। एक हजार से ज्यादा प्रमाणपत्र जारी हुए।
हड़ताल के कारण जो काम अटके हुए थे, उन्हें निपटाने के लिए अधिकारियों ने मोर्चा संभाला लेकिन दोपहर को पोर्टल बंद होने के कारण लोगों के काम फिर से अटक गए। विदित हो कि बीती 5 फरवरी से तहसीलदार और नायब तहसीलदार मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। पांच दिनों तक चले इस गतिरोध के कारण न केवल जमीन की रजिस्ट्री रुकी हुई थीं, बल्कि इंतकाल, डोमिसाइल और अन्य प्रमाणपत्रों से जुड़े काम भी प्रभावित थे। इससे पहले पटवारी और कानूनगो हड़ताल पर थे, इस कारण भी कई रजिस्ट्री अटक गई थी और प्रमाणपत्रों संबंधित कार्य भी प्रभावित रहा।
विज्ञापन
13 करोड़ रुपये का लेनदेन
बुधवार को जिले में हुई 63 रजिस्ट्री से कुल 13 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। हड़ताल से करीब 550 रजिस्ट्री अटक गई हैं। इनके प्रार्थी अब नए सिरे से टोकन नंबर लेकर प्रक्रिया को पूरा करते हुए रजिस्ट्री करा पाएंगे। इन रजिस्ट्री से भी करीब 10 करोड़ रुपये का राजस्व प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
आखिर हो गया काम- सदर बाजार निवासी बलदेव ने बताया कि उनके प्लॉट की रजिस्ट्री का पहले से ही बुधवार का शेड्यूल था। हड़ताल खत्म होने पर उनकी आते ही रजिस्ट्री हो गई। कागजी प्रक्रिया वह पहले ही पूरी करा चुके थे।
पोर्टल के कारण रुकी
- सेक्टर-4 के सत्यवान ने बताया कि सुबह उनकी रजिस्ट्री के लिए आपत्ति लग गई थी, जिसे उन्होंने शाम तक दूर कराया। इसके बाद पोर्टल नहीं चलने के कारण उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पाई। जमीन की रजिस्ट्री करवानी थी।
बुधवार को हुईं रजिस्ट्री
क्षेत्र
रजिस्ट्री
वैध कॉलोनी
09
एचएसवीपी
4
लाइसेंस्ड कॉलोनी
08
पुराना शहर क्षेत्र
19
अन्य क्षेत्र
23