फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   The society worked, is the warrior: MP Kunwar, Karnal

जो समाज के काम आए, वही क्षत्रिय होता है : सांसद कुंवर

Mon, 12 Dec 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल Updated Mon, 12 Dec 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
The society worked, is the warrior: MP Kunwar, Karnal
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूपी प्रतापगढ़ के सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने क्षत्रिय समाज को बधाई देते हुए कहा कि आज जो तीन शोधपूर्ण इतिहास ग्रंथों का विमोचन हुआ है, वह ऐतिहासिक घटना है - फोटो : Amar Ujala
 अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूपी प्रतापगढ़ के सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने क्षत्रिय समाज को बधाई देते हुए कहा कि आज जो तीन शोधपूर्ण इतिहास ग्रंथों का विमोचन हुआ है, वह ऐतिहासिक घटना है, आज के इन ऐतिहासिक लम्हों को सदियां याद करेंगी। उन्होंने तीन शोधपूर्ण इतिहास ग्रंथों सहित कुल आठ शोध ग्रंथों के लेखक बिंध्य राज चौहान को क्षत्रियों की आंख का नाम देते हुए कहा कि लेखक बिंध्य राज चौहान की लेखनी से नई पीढ़ियां सबक लेंगी और इस प्रेरणा से अपने समाज की उन्नति के हर संभव प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि वास्तव में क्षत्रिय वही है, जो अपनी मेहनत के बलबूते समाज में अपनी पहचान बनाता है और समाज के काम आता है। वे क्षत्रिय इतिहास शोध संस्था करनाल की ओर से सेक्टर आठ स्थित महाराणा प्रताप भवन में तीन शोध ग्रंथों-सूर्यवंश महाप्रकाश-चौहान इतिहास, सूर्यवंश के गौरव-मडाहड व महानायक शहीद मोहन सिंह मडाहड़ के विमोचन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि विभिन्न प्रांतों से आए क्षत्रिय व अन्य समाज के प्रतिष्ठित वर्ग को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन


भारत का इतिहास षड्यंत्र का शिकार : प्रो. चौहा
हरियाणा ग्रंथ अकादमी के वाइस चेयरमैन प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा है कि भारत केवल क्षत्रियों का नहीं संपूर्ण भारत का इतिहास मैकाले, मैक्समुलर, मार्क्सवादियों के सुनियोजित षड्यंत्र का शिकार रहा है, उसके सही पुर्नलखन व पुर्नपाठ की आवश्यकता है, इस पुनीत कार्य में क्षत्रिय इतिहास शोध संस्था व अन्य सभी संस्थाएं जो इस कार्य में लगी हुई हैं, वे सभी अभिनंदन की पात्र हैं। इस मौके पर नवचेतना मंच के संयोजक व क्षत्रिय इतिहास शोध संस्था के संरक्षक एसपी चौहान ने कहा है कि किसी भी समाज को सकारात्मक सोच आगे ले जाती है, आने वाली पीढ़ियां उन्हें ही याद करती हैं और उनका ही नाम इतिहास में जिंदा रहता है।
विज्ञापन


वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भोला नाथ त्यागी ने कहा कि राजपूत कोई जाति या बिरादरी ना होकर एक सामाजिक भावना का नाम है जो काम तलवार से किया जा सकता है, उससे अधिक गंभीरता से कलम से भी वही भावना दर्शाई जा सकती है, हमें इस भावना का आदर करते हुए भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्षत्रिय इतिहास शोध संस्था के महासचिव बलबीर सिंह चौहान घरौंडा ने कहा कि देश आजाद होने के बाद यह सत्ता गोरे अंग्रेजों के हाथ से निकलकर काले अंग्रेजों के हाथ में आ गई जिसने भारतीय सभ्यता, संस्कृति व इतिहास का गला घोंट दिया, इतिहास में केवल तीन शासकों को महान बताया जाता है, सिकंदर, सम्राट अशोक और अकबर। सिकंदर यूनानी संस्कृति के थे, अंतकाल में अशोक भी बोध संस्कृति में चले गए और अकबर मुस्लिम संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते थे, लेकिन क्षत्रिय इतिहास के पुरोधा सम्राट मिहिर भोज प्रतिहार, राजा भोज परमार, विग्रह राज चौहान, महाराणा प्रताप की अनदेखी की गई, जो निंदनीय है।

शोध संस्था की गतिविधियां बताई
इस मौके पर मंच संचालन करते राणा ठाठ सिंह अलावला ने क्षत्रिय इतिहास शोध संस्था की गतिविधियां बताई और मंच से मुख्यातिथि सहित सभी मौजिज मेहमानों का स्वागत किया। संस्था अध्यक्ष डा. अमृत सिंह चौहान ने सभी आंगुतकों का आभार जताया। मौके पर असंध की वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप संस्था ने मुख्यातिथि को महाराणा प्रताप का स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।


मौके पर दिल्ली से राघवेंद्र सिंह राघू, रोहताश सिंह, केपी सिंह, डॉक्टर भागवत राजपूत, ठाकुर सर्वेश सिंह, ठाकुर दुष्यंत सिंह, कर्नल बच्चन सिंह राणा, ददलाना से शूरवीर संदेश के संपादक यशपाल राणा, भाजपा नेता महिपाल सिंह चौहान पधाना, पुस्तकालय अध्यक्ष नत्था सिंह राणा, सुभाष राणा अलावला, मास्टर धर्मेंद्र राणा, हंसकुमार चौहान, गुरपाल सिंह नंबरदार, भूपेंद्र प्रताप-बंटी, बाध सिंह राणा, ऋषिपाल राणा, ईश्वर पाल सिंह पधाना, राजपाल सिंह पधाना, प्रवीण पधाना, कुलदीप सिंह शामली, साहिब सिंह निगदू, श्रवण सिंह निगदू इत्यादि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed