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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   The server of the civil hospital remained down, neither the prescription was issued nor the doctor could see the report.

Karnal News: नागरिक अस्पताल का सर्वर रहा ठप, न पर्ची कटी न रिपोर्ट देख पाए डॉक्टर

Thu, 08 Jan 2026 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Thu, 08 Jan 2026 01:47 AM IST
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The server of the civil hospital remained down, neither the prescription was issued nor the doctor could see the report.
नागरिक अस्पताल में दोपहर को सर्वर नही चलने से खाली सा दिखा अस्पताल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। जिला नागरिक अस्पताल की व्यवस्था बुधवार को सर्वर ठप होने के कारण चरमरा गई। इससे ओपीडी के लिए पर्ची नहीं कटी, वहीं जिन मरीजों की लैब जांच हुई थी, रिपोर्ट अपडेट न होने के कारण डॉक्टर उनकी रिपोर्ट नहीं देख पाए। ऐसे में कुछ ही मरीजों को ऑफलाइन पर्ची पर दवा लिखकर घर भेज दिया गया। वहीं रिपोर्ट के आधार पर इलाज कराने वाले मरीजों को या तो सामान्य दवा दी गई या फिर उन्हें वीरवार को दोबारा अस्पताल बुलाया गया।

सर्वर ठप होने के कारण सुबह करीब नौ बजे से मरीज रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पर्ची कटाने के लिए लाइनों में लगने को मजबूर हो गए। दूर-दराज के गांवों से आए मरीज घंटों लाइनों में खड़े रहने के बाद भी बिना इलाज लौटने को मजबूर हुए। सुबह अस्पताल खुलते ही मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी लेकिन एक घंटा सर्वर सही चलने के बाद करीब 9:30 बजे सर्वर में अचानक ग्लिच आ गया। इसके बाद, मरीज केवल रजिस्ट्रेशन काउंटर तक ही सीमित रह गए। उसके दो घंटे बाद मैनुअल पर्ची के लिए आदेश जारी हुए तो रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पर्ची कटवाने के लिए अफरा-तफरी मच गई। कई मरीजों की मजबूरी में मैनुअल पर्ची तो बना दी गई, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम न चलने से खून के टेस्ट, एक्स-रे जांच, दवा काउंटर सभी जगह स्थिति प्रभावित रही।
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सुबह नौ बजे से खाली रही ओपीडी

जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी रोजाना लगभग पूरी तरह मरीजों से भरी रहती है लेकिन बुधवार को पूरी तरह खाली दिखी। डॉक्टरों का कहना है कि बिना रिपोर्ट कई मरीजों को केवल दवा देकर ही भेजना पड़ा। उन्हें अगले दिन बुलाया गया है। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज सबसे ज्यादा परेशान नजर आए। कई मरीजों ने बताया कि वे सुबह आठ और 9 बजे से अस्पताल में बैठे रहे, लेकिन दो बजे तक भी डॉक्टर से जांच तो दूर पर्ची ही नहीं कटी, इलाज तो दूर की बात है।
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45 किलोमीटर की दूरी तय की, पर्ची नहीं कटी

असंध से आई बबली ने कहा कि 45 किलोमीटर की दूरी तय कर इलाज के लिए आई थीं लेकिन पर्ची कटाने की लाइन सुबह 9 बजे से ही इतनी लंबी दिखी। चार घंटे इंतजार के बाद भी पर्ची नहीं कटी। पहले से अस्पतालों में भीड़ रहती है, दूसरा अब तकनीकी खराबी हम आम लोगों की परेशानी और बढ़ा रही है। घर के जरूरी काम छोड़कर या दूर से आने के लिए किराया खर्च करके भी इलाज नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यह दिन पूरी तरह बेकार साबित हुआ।



बिना इलाज लिए लौट रही हूं

घरौंडा से आई 70 वर्षीय बंतो देवी ने बताया कि रोज-रोज आना पहले ही नहीं हो पाता लेकिन आज जब स्थिति बिल्कुल हाथ में नहीं रही तो कान और गले की दिक्कत होने पर आना पड़ा। लेकिन आने के बावजूद बिना इलाज लिए वापस लौट रही हूं। 25 किलोमीटर की दूरी तय करने में भी अब परेशानी होती है जिसके बाद सरकारी अस्पताल की स्थिति देख निराश होकर वापस लौटने को मजबूर हूं।



वसंत विहार से आई सुदेश ने बताया कि सुबह आठ बजे से आखिर में खड़ी हुई थी अब दोपहर के एक बज चुके हैं स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। न ताे पर्ची कटी और न ही लाइन आगे बढ़ी। सुबह आठ बजे से घर-परिवार को छोड़ अस्पताल आठ बजे से हूं। सोचा था ईएनटी वाले डॉक्टर को दिखाकर एक घंटे में वापस चली जाऊंगी, लेकिन चार से पांच घंटे बीत गए, स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।



चार घंटे इंतजार करने पर भी कोई हल नहीं

नेवल से आई कौशल ने बताया कि सर्दियों में हड्डियां जाम हो गई हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाना था लेकिन लाइन में चार घंटे से आगे 20 से 25 लोगों की कतार है। पर्ची ही नहीं कट रही। पहले ही हड्डियों में दर्द था कि अब खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा। मजबूर होकर वापस ही जाना पड़ रहा है। सुबह इस उम्मीद में जल्दी आई थी कि पहले नंबर आ जाएगा लेकिन चार घंटे इंतजार करने पर भी कोई हल नहीं।




सुबह सवा 9 बजे के करीब सॉफ्टवेयर में ग्लिच आने के कारण सर्वर डाउन हो गया था। तुरंत संबंधित इंजीनियर विभाग को सूचना दी गई और निर्देश दे दिए गए थे कि उसे तुरंत ठीक किया जाए। 12 तक बजे दोबारा चलाने की कोशिश की गई लेकिन चला नहीं था। मरीजों को परेशानी न आए इसके लिए मैनुअल पर्ची काटी गई। दो बजे के करीब इसे दोबारा चला लिया गया था। मरीजों को परेशानी नहीं आने दी गई। दवाओं से लेकर टेस्ट तक जो ऑनलाइन रिकॉर्ड चढ़ना जरूरी है उसे अगले दिन स्टाफ की ओर से चढ़ाया जाएगा।

- डॉ. दीपक गोयल, प्रवक्ता, जिला नागरिक अस्पताल
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