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बारिश और तेज हवा से धुला वातावरण में घुला जहर
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पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर-पश्चिमी हवाओं, ओलावृष्टि व तेज हवाओं ने फिजा में घुला जहर धो दिया है। जिससे सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स पर पीएम2.5 का स्तर 105 से 121 तक व पीएम10 का स्तर 29 तक आंका गया। जबकि दीपावली की रात एक्यूआई स्तर 950 तक पहुंच गया था। वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश ही प्रदूषित कणों को वातावरण से साफ करती है। अब मौसम परिवर्तन के साथ स्वच्छ हवा मिलेगी।
दो महीने बाद 39 एमएम बारिश
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा इकाई के अनुसार जिले में रविवार शाम व रात को 39 एमएम बरसात हुई। किसी क्षेत्र में कम तो कहीं अधिक फुहारें पड़ी। करनाल में 39 एमएम, असंध में 31 एमएम, घरौंडा में 8 एमएम, नीलोखेड़ी मे 17.2 एमएम, कुंजपुरा व नीलोखेड़ी क्षेत्र में 25 एमएम बरसात दर्ज की गई है। ओलावृष्टि असंध क्षेत्र में हुई। सोमवार सुबह मौसम साफ हो गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब मौसम साफ रहेगा। दो-तीन दिन में न्यूनतम तापमान रात को और नीचे जाएगा। सोमवार को अधिकतम तापमान सुबह 26.6 एमएम व दोपहर 22.2 एमएम, न्यूनतम तापमान 14.4 एमएम रहा। आर्र्दता सुबह 96 प्रतिशत व दोपहर को 82 प्रतिशत रही। वाष्प दाब 16.3 एमएम व हवा की औसत गति सुबह 9.3 तथा दोपहर को 2.6 किलोमीटर प्रति घंटा रही। एक दिन पहले रविवार को अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री व न्यूनतम 13.4 डिग्री सेल्सियस था। अधिकतम तापमान में 4.4 डिग्री सेल्सियस गिरावट आई है।
गेहूं जमाव पर होगा असर, बिजाई में देरी
जिन किसानों ने दो-तीन दिन पहले खेतों में गेहूं की बिजाई की थी उन खेतों में जलभराव के कारण जमाव पर असर पड़ेगा। जबकि अगेती बिजाई वाले जिन खेतों में पहला पानी लगाना था उनमें गेहूं की फसल पर यह बारिश वरदान के रूप में पड़ी है। किसानों की बिजली व पानी की बचत हुई है। एनडीआरआई कृषि विज्ञान केंद्र का कहना है कि गेहूं की बिजाई तीन-चार दिन के लिए रोक दें। जब खेत में उपयुक्त नमी बने तब बिजाई करें। गेहूं व बरसीम के खेतों में जहां पानी जमा है उसकी निकासी का उचित प्रबंध करें। जलभराव की स्थिति न होने दें। यदि ज्यादा नुकसान प्रतीत हो तो समय रहते दोबारा गेहूं की बिजाई करें।
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दो महीने बाद 39 एमएम बारिश
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा इकाई के अनुसार जिले में रविवार शाम व रात को 39 एमएम बरसात हुई। किसी क्षेत्र में कम तो कहीं अधिक फुहारें पड़ी। करनाल में 39 एमएम, असंध में 31 एमएम, घरौंडा में 8 एमएम, नीलोखेड़ी मे 17.2 एमएम, कुंजपुरा व नीलोखेड़ी क्षेत्र में 25 एमएम बरसात दर्ज की गई है। ओलावृष्टि असंध क्षेत्र में हुई। सोमवार सुबह मौसम साफ हो गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब मौसम साफ रहेगा। दो-तीन दिन में न्यूनतम तापमान रात को और नीचे जाएगा। सोमवार को अधिकतम तापमान सुबह 26.6 एमएम व दोपहर 22.2 एमएम, न्यूनतम तापमान 14.4 एमएम रहा। आर्र्दता सुबह 96 प्रतिशत व दोपहर को 82 प्रतिशत रही। वाष्प दाब 16.3 एमएम व हवा की औसत गति सुबह 9.3 तथा दोपहर को 2.6 किलोमीटर प्रति घंटा रही। एक दिन पहले रविवार को अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री व न्यूनतम 13.4 डिग्री सेल्सियस था। अधिकतम तापमान में 4.4 डिग्री सेल्सियस गिरावट आई है।
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गेहूं जमाव पर होगा असर, बिजाई में देरी
जिन किसानों ने दो-तीन दिन पहले खेतों में गेहूं की बिजाई की थी उन खेतों में जलभराव के कारण जमाव पर असर पड़ेगा। जबकि अगेती बिजाई वाले जिन खेतों में पहला पानी लगाना था उनमें गेहूं की फसल पर यह बारिश वरदान के रूप में पड़ी है। किसानों की बिजली व पानी की बचत हुई है। एनडीआरआई कृषि विज्ञान केंद्र का कहना है कि गेहूं की बिजाई तीन-चार दिन के लिए रोक दें। जब खेत में उपयुक्त नमी बने तब बिजाई करें। गेहूं व बरसीम के खेतों में जहां पानी जमा है उसकी निकासी का उचित प्रबंध करें। जलभराव की स्थिति न होने दें। यदि ज्यादा नुकसान प्रतीत हो तो समय रहते दोबारा गेहूं की बिजाई करें।
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