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Karnal News: होनहारों ने मारी बाजी, खिले चेहरे
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- जेईई एडवांस का शानदार रहा परीक्षा परिणाम, सफल विद्यार्थी बनेंगे इंजीनियर
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जेईई एडवांस का परीक्षा परिणाम जारी हो चुका है। इस बार कई विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इंजीनियर बनने का सपना लिए इन बच्चों का कहना है कि वे नई तकनीक से देश को नई दिशा देंगे। देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए जेईई की परीक्षा होती है।
जेईई मेन के बाद विद्यार्थी एडवांस में हिस्सा लेते हैं। अंतिम परिणाम के आधार पर ही इन्हें अलग-अलग संस्थानों में दाखिला मिलेगा। बेहतर परिणाम लाने वाले इन होनहारों के परिवारों में खुशी का माहौल है। विद्यार्थियों का कहना है कि अब डिजिटल युग की शुरुआत हो चुकी है। आने वाला समय सिर्फ तकनीक का ही है। ताकि ये मुश्किल राह और आसान हो और देश को नई दिशा मिले। देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए जेईई की परीक्षा होती है।
पिता बने प्रेरणा तो की मेहनत
110वें रैंक से सफल होने वाले छात्र अमित सिंह का कहना है कि उसे आईएएस अफसर बनना है। पिछली परीक्षा में उनके 99.9 पर्सेंटाइल थे। जबकि गणित विषय में 100 पर्सेंटाइल रहे। उनके पिता एनडीआरआई में वैज्ञानिक हैं। पिता सरकारी सेवा में हैं। इसलिए वे भी जनता के लिए काम करने के इच्छुक हैं। फिलहाल वे अच्छे इंजीनियरिंग संस्थान में दाखिला लेना चाहते हैं।
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10 से 12 घंटे की पढ़ाई
ऑल इंडिया 427वां रेंक लेने वाले मंयक गुप्ता का कहना है कि मेहनत कभी विफल नहीं जाती। उन्होंने लगातार 10 से 12 घंटे पढ़ाई की तो वे परीक्षा परिणाम शानदार लाने में सफल रहे। उनका कहना है कि अभिभावकों का सहयोग भी जरूरी है। बिना अच्छे मार्गदर्शन और मेहनत के हम कभी किसी भी काम में सफल नहीं हो सकते।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जेईई एडवांस का परीक्षा परिणाम जारी हो चुका है। इस बार कई विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इंजीनियर बनने का सपना लिए इन बच्चों का कहना है कि वे नई तकनीक से देश को नई दिशा देंगे। देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए जेईई की परीक्षा होती है।
जेईई मेन के बाद विद्यार्थी एडवांस में हिस्सा लेते हैं। अंतिम परिणाम के आधार पर ही इन्हें अलग-अलग संस्थानों में दाखिला मिलेगा। बेहतर परिणाम लाने वाले इन होनहारों के परिवारों में खुशी का माहौल है। विद्यार्थियों का कहना है कि अब डिजिटल युग की शुरुआत हो चुकी है। आने वाला समय सिर्फ तकनीक का ही है। ताकि ये मुश्किल राह और आसान हो और देश को नई दिशा मिले। देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए जेईई की परीक्षा होती है।
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पिता बने प्रेरणा तो की मेहनत
110वें रैंक से सफल होने वाले छात्र अमित सिंह का कहना है कि उसे आईएएस अफसर बनना है। पिछली परीक्षा में उनके 99.9 पर्सेंटाइल थे। जबकि गणित विषय में 100 पर्सेंटाइल रहे। उनके पिता एनडीआरआई में वैज्ञानिक हैं। पिता सरकारी सेवा में हैं। इसलिए वे भी जनता के लिए काम करने के इच्छुक हैं। फिलहाल वे अच्छे इंजीनियरिंग संस्थान में दाखिला लेना चाहते हैं।
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10 से 12 घंटे की पढ़ाई
ऑल इंडिया 427वां रेंक लेने वाले मंयक गुप्ता का कहना है कि मेहनत कभी विफल नहीं जाती। उन्होंने लगातार 10 से 12 घंटे पढ़ाई की तो वे परीक्षा परिणाम शानदार लाने में सफल रहे। उनका कहना है कि अभिभावकों का सहयोग भी जरूरी है। बिना अच्छे मार्गदर्शन और मेहनत के हम कभी किसी भी काम में सफल नहीं हो सकते।