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रखवाली करने वाली कंपनी के कर्मियों ने लाखों का चावल गायब किया
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तरावड़ी। बैंक से ऋण दिलाने वाली एक कंपनी के कर्मचारियों ने कस्बे के एक व्यापारी के गोदाम से लाखों रुपये के चावल गायब कर दिए। जानकारी होने पर व्यापारी ने कंपनी के कर्मचारियों से संपर्क साधा तो उन्होंने उल्टे धमकाना शुरू कर दिया। इस बारे में चावल व्यापारी ने पुलिस थाना में शिकायत देकर माल वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
तरावड़ी निवासी चावल व्यापारी शीशपाल गुप्ता ने बताया कि अक्सर व्यापारी अपने मॉल पर कंपनियों की मध्यस्थता से बैंकों से ऋण लेते हैं। इसके एवज में व्यापारी अपना चावल कंपनी के गोदाम में रख देते हैं, जिसकी रखवाली कंपनी के कर्मचारी करते हैं। उन्होंने भी एक निजी कंपनी के माध्यम से बैंक से चावल की एवज में पैसा लिया था। अब जब चावल व्यापारी ने बैंक का पैसा लौटा कर कंपनी के कर्मचारियों की मौजूदगी में गोदाम खोला तो चावल के बोरों में आधे चावल गायब मिले, जिसकी कीमत बाजार में लाखों रुपये बताई जा रही है।
जब इस बारे में चावल कंपनी के अधिकारियों से बात की तो उल्टा वह चावल व्यापारी का ही दोष निकालने लगा और धमकाने लगा। इसकी शिकायत तरावड़ी थाने में की है। विवेचना अधिकारी जसबीर सिंह ने बताया कि अभी मामले की जांच की जा रही है।
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ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर के प्रधान नाथीराम गुप्ता का कहना है कि व्यापारी अक्सर इन कंपनियों के माध्यम से बैंक से अपने माल के एवज में पैसा लेते हैं। पैसा चुकाने के बाद कंपनी उनका माल वापस दे देती है, मगर आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ कि माल चोरी हो गया हो। जिस कंपनी पर यह आरोप लगा है, उसकी काफी शाखाएं प्रदेशभर में खुली हैं। उन्होंने व्यापारियों को आगाह किया है कि ऐसी धोखेबाज कंपनियों से बचकर कार्य करें। साथ ही पुलिस-प्रशासन से मांग की है कि कंपनी के खिलाफ कार्यवाही करके व्यापारी का माल वापस दिलाया जाए।
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तरावड़ी निवासी चावल व्यापारी शीशपाल गुप्ता ने बताया कि अक्सर व्यापारी अपने मॉल पर कंपनियों की मध्यस्थता से बैंकों से ऋण लेते हैं। इसके एवज में व्यापारी अपना चावल कंपनी के गोदाम में रख देते हैं, जिसकी रखवाली कंपनी के कर्मचारी करते हैं। उन्होंने भी एक निजी कंपनी के माध्यम से बैंक से चावल की एवज में पैसा लिया था। अब जब चावल व्यापारी ने बैंक का पैसा लौटा कर कंपनी के कर्मचारियों की मौजूदगी में गोदाम खोला तो चावल के बोरों में आधे चावल गायब मिले, जिसकी कीमत बाजार में लाखों रुपये बताई जा रही है।
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जब इस बारे में चावल कंपनी के अधिकारियों से बात की तो उल्टा वह चावल व्यापारी का ही दोष निकालने लगा और धमकाने लगा। इसकी शिकायत तरावड़ी थाने में की है। विवेचना अधिकारी जसबीर सिंह ने बताया कि अभी मामले की जांच की जा रही है।
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ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर के प्रधान नाथीराम गुप्ता का कहना है कि व्यापारी अक्सर इन कंपनियों के माध्यम से बैंक से अपने माल के एवज में पैसा लेते हैं। पैसा चुकाने के बाद कंपनी उनका माल वापस दे देती है, मगर आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ कि माल चोरी हो गया हो। जिस कंपनी पर यह आरोप लगा है, उसकी काफी शाखाएं प्रदेशभर में खुली हैं। उन्होंने व्यापारियों को आगाह किया है कि ऐसी धोखेबाज कंपनियों से बचकर कार्य करें। साथ ही पुलिस-प्रशासन से मांग की है कि कंपनी के खिलाफ कार्यवाही करके व्यापारी का माल वापस दिलाया जाए।