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बस संचालक की लापरवाही पड़ी भारी, 12 घंटे ठंड और भूख से जूझती रही सवारी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गलत तरीके से टूरिस्ट बस चलाने की मालिक की गलती का खामियाजा वीरवार को सवारियों को भी भुगतना पड़ा। जिन्हें ठंड में 12 घंटे आरटीए कार्यालय की पार्किंग में बिताने पड़े। ऐसे में सवारियां और उनके बच्चे भी ठंड और भूख-प्यास से बेहाल रहे। वहीं बिना टैक्स भरे बस चलाने, 40 सवारी अतिरिक्त बैठाने और चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस न मिलने पर आरटीए टीम ने बस संचालक पर 59 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
सामान्य चेकिंग के लिए बुधवार रात को आरटीए टीम नेशनल हाईवे-44 पर थी। इस दौरान अंबाला की ओर से आती हुई टूरिस्ट बस को जांच टीम ने रोक लिया। जांच के दौरान बस बिना मोटर व्हीकल टैक्स भरे चलती पाई गई। पंजाब से बिहार जाने के लिए बस 92 सवारियों से भरी थी। जबकि स्लीपर बस की क्षमता 52 सवारियों की थी। रात तीन बजे बस को इंपाउंड करके जांच टीम ने आरटीए कार्यालय में खड़ा कर दिया। बस मालिक वीरवार सुबह कार्यालय में पहुंचा। दोपहर को जुर्माना भरने के बाद करीब तीन बजे बस आगे के लिए रवाना हुई।
आरटीए सहायक सचिव सतीश जैन ने बताया कि बस पर 59 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना भरने के लिए रात को ही बस के मालिक एवं चालक को कह दिया था लेकिन उन्होंने दोपहर तक जुर्माना नहीं भरा ऐसे में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। सुबह यात्रियों को दूसरी बस से भेजने की व्यवस्था भी कर दी गई थी।
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टैक्स के 2500 रुपये बचाने के चक्कर में 50 हजार रुपये भरे
नियम के अनुसार बस मालिक को बिहार तक जाने के लिए 2500 रुपये मोटर व्हीकल टैक्स भरना था लेकिन बिना टैक्स भरे ही वे बस चला रहे थे। ऐसे में पकड़े जाने पर 50 हजार रुपये जुर्माना देना पड़ा। इसके अलावा 40 अतिरिक्त सवारियों में 100 रुपये प्रति सवारी के हिसाब से चार हजार रुपये और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बस चालक मिलने पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया।
रोते दिखे बच्चे
रातभर सवारियां ठंड में ठिठुरती रही। बच्चे भी दोपहर तक रोते रहे। निर्मल कुटिया की ओर से सवारियों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई। आरटीए कार्यालय में पूरे दिन यात्री बस चालक को कोसते नजर आए। यात्रियों ने बताया कि तीन हजार रुपये प्रति सवारी से किराये के लिए वसूले थे। बस बिहार के पटना तक जानी थी।
ऑनलाइन टैक्स की जांच के बाद करें यात्रा
परिवहन विभाग का कहना है कि ऐसी टूरिस्ट बसों में सफर करने से पहले यात्री यह जरूर जांच लें कि बस ने मोटर व्हीकल टैक्स जमा कराया है या नहीं। इसकी जानकारी परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर गाड़ी का नंबर डालते हुए ऑनलाइन ली जा सकती है। अक्सर टैक्स बचाने के लिए बस चालक ऐसा करते हैं।
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करनाल। गलत तरीके से टूरिस्ट बस चलाने की मालिक की गलती का खामियाजा वीरवार को सवारियों को भी भुगतना पड़ा। जिन्हें ठंड में 12 घंटे आरटीए कार्यालय की पार्किंग में बिताने पड़े। ऐसे में सवारियां और उनके बच्चे भी ठंड और भूख-प्यास से बेहाल रहे। वहीं बिना टैक्स भरे बस चलाने, 40 सवारी अतिरिक्त बैठाने और चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस न मिलने पर आरटीए टीम ने बस संचालक पर 59 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
सामान्य चेकिंग के लिए बुधवार रात को आरटीए टीम नेशनल हाईवे-44 पर थी। इस दौरान अंबाला की ओर से आती हुई टूरिस्ट बस को जांच टीम ने रोक लिया। जांच के दौरान बस बिना मोटर व्हीकल टैक्स भरे चलती पाई गई। पंजाब से बिहार जाने के लिए बस 92 सवारियों से भरी थी। जबकि स्लीपर बस की क्षमता 52 सवारियों की थी। रात तीन बजे बस को इंपाउंड करके जांच टीम ने आरटीए कार्यालय में खड़ा कर दिया। बस मालिक वीरवार सुबह कार्यालय में पहुंचा। दोपहर को जुर्माना भरने के बाद करीब तीन बजे बस आगे के लिए रवाना हुई।
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आरटीए सहायक सचिव सतीश जैन ने बताया कि बस पर 59 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना भरने के लिए रात को ही बस के मालिक एवं चालक को कह दिया था लेकिन उन्होंने दोपहर तक जुर्माना नहीं भरा ऐसे में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। सुबह यात्रियों को दूसरी बस से भेजने की व्यवस्था भी कर दी गई थी।
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टैक्स के 2500 रुपये बचाने के चक्कर में 50 हजार रुपये भरे
नियम के अनुसार बस मालिक को बिहार तक जाने के लिए 2500 रुपये मोटर व्हीकल टैक्स भरना था लेकिन बिना टैक्स भरे ही वे बस चला रहे थे। ऐसे में पकड़े जाने पर 50 हजार रुपये जुर्माना देना पड़ा। इसके अलावा 40 अतिरिक्त सवारियों में 100 रुपये प्रति सवारी के हिसाब से चार हजार रुपये और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बस चालक मिलने पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया।
रोते दिखे बच्चे
रातभर सवारियां ठंड में ठिठुरती रही। बच्चे भी दोपहर तक रोते रहे। निर्मल कुटिया की ओर से सवारियों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई। आरटीए कार्यालय में पूरे दिन यात्री बस चालक को कोसते नजर आए। यात्रियों ने बताया कि तीन हजार रुपये प्रति सवारी से किराये के लिए वसूले थे। बस बिहार के पटना तक जानी थी।
ऑनलाइन टैक्स की जांच के बाद करें यात्रा
परिवहन विभाग का कहना है कि ऐसी टूरिस्ट बसों में सफर करने से पहले यात्री यह जरूर जांच लें कि बस ने मोटर व्हीकल टैक्स जमा कराया है या नहीं। इसकी जानकारी परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर गाड़ी का नंबर डालते हुए ऑनलाइन ली जा सकती है। अक्सर टैक्स बचाने के लिए बस चालक ऐसा करते हैं।