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कल्याणकारी है राम नाम का सुमरन
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करनाल। सेक्टर आठ स्थित श्रीराम मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा श्रवण के लिए बुधवार को भी श्रद्धा उमड़ी। शुक्रताल धाम से आए कथा व्यास आचार्य राजीव लोचन मिश्र ने कहा कि जो फल अन्य युगों में बड़े-बड़े यज्ञ व पूजा-पाठ से प्राप्त होता था, वही फल कलियुग में केवल राम नाम संकीर्तन मात्र से प्राप्त हो जाता है। कैसे भी राम नाम लिया जाए वह कल्याण ही करता है। ठीक वैसे ही जैसे अग्नि का धर्म है जलाना, आप जानकर स्पर्श करें अथवा अनजाने में, वह तो जलाती ही है।
उन्होंने कहा कि पापी में पाप करने की उतनी सामर्थ्य नहीं है जितनी राम नाम में पाप नष्ट करने की है। जीव को अधिक से अधिक नाम जप करना चाहिए। भगवान के नाम में जितनी शक्ति है उतनी शक्ति भगवान में भी नहीं है। भगवान भी नाम महिमा का वर्णन नहीं कर सकते। भगवान ने बड़े से बड़े पापियों का उद्धार किया है। आपका कल्याण कैसे नहीं होगा। भगवान स्वयं कहते हैं कि न मैं बैकुंठ में रहता हूं न योगियों के हृदय में रहता हूं। मेरे भक्त जहां श्रद्धापूर्वक मेरा कीर्तन करते हैं, वहां मैं नित्य विराजमान रहता हूं।
मौके पर संजय बत्रा, महेंद्र मोहन बत्रा, डॉ. केएल डांग, कृष्ण लाल मुखीजा, जगत बत्रा, वेद दुआ, अशोक मदान, राजेश चंद्र आर्य, सरोज दुआ, सरोज शर्मा, सतीश शर्मा, श्याम धमीजा, संजय बरेजा, विभा बत्रा, उषा बत्रा, कृष्णा तनेजा, मीनू, ईश पूनानी, सीमा, राजरानी व अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि पापी में पाप करने की उतनी सामर्थ्य नहीं है जितनी राम नाम में पाप नष्ट करने की है। जीव को अधिक से अधिक नाम जप करना चाहिए। भगवान के नाम में जितनी शक्ति है उतनी शक्ति भगवान में भी नहीं है। भगवान भी नाम महिमा का वर्णन नहीं कर सकते। भगवान ने बड़े से बड़े पापियों का उद्धार किया है। आपका कल्याण कैसे नहीं होगा। भगवान स्वयं कहते हैं कि न मैं बैकुंठ में रहता हूं न योगियों के हृदय में रहता हूं। मेरे भक्त जहां श्रद्धापूर्वक मेरा कीर्तन करते हैं, वहां मैं नित्य विराजमान रहता हूं।
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मौके पर संजय बत्रा, महेंद्र मोहन बत्रा, डॉ. केएल डांग, कृष्ण लाल मुखीजा, जगत बत्रा, वेद दुआ, अशोक मदान, राजेश चंद्र आर्य, सरोज दुआ, सरोज शर्मा, सतीश शर्मा, श्याम धमीजा, संजय बरेजा, विभा बत्रा, उषा बत्रा, कृष्णा तनेजा, मीनू, ईश पूनानी, सीमा, राजरानी व अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
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