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Karnal News: मानक से अधिक रक्त निकालने में संस्था दोषी, कार्रवाई की संस्तुति
Tue, 30 Sep 2025 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 30 Sep 2025 12:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। बिना अनुमति लगाए गए रक्तदान शिविर का मामला गरमा गया है। पंजाब की संस्था की ओर से शिविर में मानक से अधिक रक्त निकाले जाने और विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। इसमें संस्था की लापरवाही बताई गई है। कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
सीएमओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। शिविर में आवश्यक सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की मौजूदगी नहीं पाई गई। दाताओं से निर्धारित 450 मिलीलीटर की बजाय 570 मिलीलीटर तक रक्त लिया जाना बेहद खतरनाक माना गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक रक्त निकाले जाने से दाताओं की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। जांच में यह भी सामने आया है कि संस्था पिछले कई महीनों से ऐसे शिविर लगातार आयोजित कर रही थी, लेकिन प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई। अब स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरी घटना की रिपोर्ट डीसी को भेजते हुए संबंधित संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है।
मामले के उजागर होने के बाद लोगों का कहना है कि अगर समय रहते स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर न पहुंचती, तो कई दाताओं की जान खतरे में पड़ सकती थी। पीड़ित दाताओं के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए विभाग ने स्थानीय अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि भविष्य में बिना अनुमति कोई भी संस्था रक्तदान शिविर नहीं लगा सकेगी। अनुमति प्रक्रिया और मानकों का कड़ाई से पालन करवाया जाएगा।
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तरावड़ी। बिना अनुमति लगाए गए रक्तदान शिविर का मामला गरमा गया है। पंजाब की संस्था की ओर से शिविर में मानक से अधिक रक्त निकाले जाने और विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। इसमें संस्था की लापरवाही बताई गई है। कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
सीएमओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। शिविर में आवश्यक सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की मौजूदगी नहीं पाई गई। दाताओं से निर्धारित 450 मिलीलीटर की बजाय 570 मिलीलीटर तक रक्त लिया जाना बेहद खतरनाक माना गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक रक्त निकाले जाने से दाताओं की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। जांच में यह भी सामने आया है कि संस्था पिछले कई महीनों से ऐसे शिविर लगातार आयोजित कर रही थी, लेकिन प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई। अब स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरी घटना की रिपोर्ट डीसी को भेजते हुए संबंधित संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है।
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मामले के उजागर होने के बाद लोगों का कहना है कि अगर समय रहते स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर न पहुंचती, तो कई दाताओं की जान खतरे में पड़ सकती थी। पीड़ित दाताओं के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए विभाग ने स्थानीय अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि भविष्य में बिना अनुमति कोई भी संस्था रक्तदान शिविर नहीं लगा सकेगी। अनुमति प्रक्रिया और मानकों का कड़ाई से पालन करवाया जाएगा।
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