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बारिश में गिरा मकान, मदद की लगाता रहा गुहार, फिर हारकर दी जान
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गांव कुटेल के मृतक नरेश की फाइल फोटो।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मधुबन। कड़ी मेहनत करते तिनका-तिनका जोड़कर घर बनाया था, लेकिन पांच दिन पहले हुई बारिश में वह धराशायी हो गया। मदद के लिए उसने प्रशासन से भी गुहार लगाई, लेकिन फरियाद काम नहीं आई। आशियाना ढहने से आहत और मदद न मिलने से लाचार व्यक्ति ने टूटे मकान के गार्डर में सोमवार की रात फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस और एफएसएल की टीम ने मौके पर जांच पड़ताल की। साथ ही पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
परिजनों के अनुसार कुटेल गांव निवासी नरेश कुमार-39 मेहनत मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता था। बमुश्किल उसने अपना आशियाना खड़ा किया था, लेकिन 16 सितंबर को क्षेत्र में हुई तेज बारिश से नरेश और उसके भाई राजेश का मकान गिर गया था। गनीमत रही कि उस दौरान कोई चपेट में नहीं आया, लेकिन मकान में रखा सारा सामान खराब हो गया था। मेहनत की कमाई पर पानी फिरने से आहत नरेश ने परेशान होकर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई।
मृतक के भाई संजय और राजेश ने बताया कि नरेश ने मकान गिरने के बाद दोबारा से मकान के निर्माण में सहायता के लिए अधिकारियों के कार्यालयों में कई बार चक्कर काटे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। थक हारकर सोमवार की रात उसने टूटे हुए मकान के ही गार्डर में ही फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। देर रात साढ़े 12 बजे नरेश को फंदे से लटका देखकर परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों की चीख पुकार के बीच आस पड़ोस से बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। इस दौरान किसी ने घटना की सूचना मधुबन पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। थाना प्रभारी सज्जन कुमार का कहना है कि फंदा लगाने की सूचना पर कुटेल गांव में पुलिस टीम पहुंची थी। पोस्टमार्टम के बाद मामले की जांच की जा रही है। अभी मौत के कारणों पर कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। मगर मृतक के भाइयों का कहना है कि नरेश मकान के गिर जाने के बाद से ही काफी परेशान चल रहा था।
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मधुबन। कड़ी मेहनत करते तिनका-तिनका जोड़कर घर बनाया था, लेकिन पांच दिन पहले हुई बारिश में वह धराशायी हो गया। मदद के लिए उसने प्रशासन से भी गुहार लगाई, लेकिन फरियाद काम नहीं आई। आशियाना ढहने से आहत और मदद न मिलने से लाचार व्यक्ति ने टूटे मकान के गार्डर में सोमवार की रात फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस और एफएसएल की टीम ने मौके पर जांच पड़ताल की। साथ ही पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
परिजनों के अनुसार कुटेल गांव निवासी नरेश कुमार-39 मेहनत मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता था। बमुश्किल उसने अपना आशियाना खड़ा किया था, लेकिन 16 सितंबर को क्षेत्र में हुई तेज बारिश से नरेश और उसके भाई राजेश का मकान गिर गया था। गनीमत रही कि उस दौरान कोई चपेट में नहीं आया, लेकिन मकान में रखा सारा सामान खराब हो गया था। मेहनत की कमाई पर पानी फिरने से आहत नरेश ने परेशान होकर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई।
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मृतक के भाई संजय और राजेश ने बताया कि नरेश ने मकान गिरने के बाद दोबारा से मकान के निर्माण में सहायता के लिए अधिकारियों के कार्यालयों में कई बार चक्कर काटे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। थक हारकर सोमवार की रात उसने टूटे हुए मकान के ही गार्डर में ही फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। देर रात साढ़े 12 बजे नरेश को फंदे से लटका देखकर परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों की चीख पुकार के बीच आस पड़ोस से बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। इस दौरान किसी ने घटना की सूचना मधुबन पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। थाना प्रभारी सज्जन कुमार का कहना है कि फंदा लगाने की सूचना पर कुटेल गांव में पुलिस टीम पहुंची थी। पोस्टमार्टम के बाद मामले की जांच की जा रही है। अभी मौत के कारणों पर कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। मगर मृतक के भाइयों का कहना है कि नरेश मकान के गिर जाने के बाद से ही काफी परेशान चल रहा था।
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