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Karnal News: लक्की और प्रतीक के परिजनों के नहीं थम रहे आंसू
Fri, 10 Oct 2025 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 10 Oct 2025 01:40 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। घोघड़ीपुर गांव के पास मंगलवार की शाम को नहर में डूबे आनंद विहार वासी लक्की (15) और प्रतीक (12) का वीरवार की शाम तक सुराग नहीं लगा। दोनों बच्चों के डूबने से परिजन की आंखों के आंसू थम नहीं रहे हैं। वीरवार को भी एसडीआरएफ और पुलिस के गोताखोरों ने तलाशी अभियान चलाया। एसडीआरएफ के आठ और पुलिस के चार गोताखोरों की टीम ने मूनक हेड तक 10 किलोमीटर के क्षेत्र को खंगाला। टीम का कहना है कि पानी ठंडा होने के कारण हो सकता है दोनों डूबे हुए हों।
दोनों बच्चों के परिवार के सदस्य भी मंगलवार शाम से नहर पर नजरें लगाए बैठे हैं। मामले के अनुसार, मंगलवार की शाम को तीन बच्चे नहर पर घूमने आए थे। इस दौरान लक्की का नहर पर सेल्फी लेते हुए पैर फिसल गया। इसके बाद बचाने के लिए प्रतीक ने भी छलांग लगा दी। इस दौरान तीसरा बच्चा आयुष उर्फ अमन थोड़ी ही दूर खड़ा था। उसने भागकर तुरंत परिवार को जानकारी दी। तीनों आनंद विहार कॉलोनी में पड़ोसी हैं और हमेशा एक साथ ही गली में खेलते और साइकिल चलाते थे।
मां और दादी के आंसू नहीं थम रहे
प्रतीक के दादा रमेश ने बताया कि तीनों बच्चे रोजाना गली में ही साइकिल चलाते थे। मंगलवार को भी वे गली में ही खेलते रहे। जब आगे जाने लगे तो उनकी दादी और मां ने उन्हें रोका भी था लेकिन बच्चों ने उनकी बात नहीं मानी। अब बच्चों के डूबने के बाद से दोनों की मां, दादी और परिवार के अन्य लोगों के आंसू नहीं थम रहे हैं। इधर, लोगों का कहना है कि आनंद विहार कॉलोनी की जिस गली में ये तीनों बच्चे रहते थे, वहां मायूसी छाई हुई है। त्योहार की खुशियां भी फीकी हो गई हैं।
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करनाल। घोघड़ीपुर गांव के पास मंगलवार की शाम को नहर में डूबे आनंद विहार वासी लक्की (15) और प्रतीक (12) का वीरवार की शाम तक सुराग नहीं लगा। दोनों बच्चों के डूबने से परिजन की आंखों के आंसू थम नहीं रहे हैं। वीरवार को भी एसडीआरएफ और पुलिस के गोताखोरों ने तलाशी अभियान चलाया। एसडीआरएफ के आठ और पुलिस के चार गोताखोरों की टीम ने मूनक हेड तक 10 किलोमीटर के क्षेत्र को खंगाला। टीम का कहना है कि पानी ठंडा होने के कारण हो सकता है दोनों डूबे हुए हों।
दोनों बच्चों के परिवार के सदस्य भी मंगलवार शाम से नहर पर नजरें लगाए बैठे हैं। मामले के अनुसार, मंगलवार की शाम को तीन बच्चे नहर पर घूमने आए थे। इस दौरान लक्की का नहर पर सेल्फी लेते हुए पैर फिसल गया। इसके बाद बचाने के लिए प्रतीक ने भी छलांग लगा दी। इस दौरान तीसरा बच्चा आयुष उर्फ अमन थोड़ी ही दूर खड़ा था। उसने भागकर तुरंत परिवार को जानकारी दी। तीनों आनंद विहार कॉलोनी में पड़ोसी हैं और हमेशा एक साथ ही गली में खेलते और साइकिल चलाते थे।
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मां और दादी के आंसू नहीं थम रहे
प्रतीक के दादा रमेश ने बताया कि तीनों बच्चे रोजाना गली में ही साइकिल चलाते थे। मंगलवार को भी वे गली में ही खेलते रहे। जब आगे जाने लगे तो उनकी दादी और मां ने उन्हें रोका भी था लेकिन बच्चों ने उनकी बात नहीं मानी। अब बच्चों के डूबने के बाद से दोनों की मां, दादी और परिवार के अन्य लोगों के आंसू नहीं थम रहे हैं। इधर, लोगों का कहना है कि आनंद विहार कॉलोनी की जिस गली में ये तीनों बच्चे रहते थे, वहां मायूसी छाई हुई है। त्योहार की खुशियां भी फीकी हो गई हैं।
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