फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   The danger of sheath blight on crops

फसलों पर शीथ ब्लाइट का खतरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Aug 2022 02:51 AM IST
विज्ञापन
The danger of sheath blight on crops
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

निसिंग। फसलों में शीथ ब्लाइट का खतरा मंडराने लगा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि धान की फसल में तने पर धब्बे दिखाई देते हैं। यह शीथ ब्लाइट बीमारी की दस्तक होती है। यह बीमारी जिंक की कमी से हो रही है। इससे धान के पौधों का विकास रुक जाता है और तने पर काले दाने बन जाते हैं। इससे किसान को सीधे आर्थिक नुकसान हो जाता है। कुछ किसान इसे सामान्य बीमारी समझ लेते हैं पर जब फसल पक जाती है तो यह धान कम चमकीला होता है और कम कीमत में बिकता है। इससे पैदावार घट जाती है। बीएओ डॉ. राधेश्याम गुप्ता के अनुसार किसान धान के पौधों पर धब्बे या बुरा तेला दिखाई देते ही उसमें स्प्रे करवाने से पहले कृषि विभाग के डॉक्टर से सुझाव लें। कई बार गलत दवा का उपयोग करने पर स्प्रे में देरी होने पर पौधा कमजोर हो जाता है।
डॉं. विकास ने बताया कि धान की फसल के तने पर भूरे तेले, शीथ ब्लाइट और गंदी बाली जैसी समस्याओं के हमलों के प्रति अतिसंवेदनशील होती है। जिससे फसल की गुणवत्ता और उपज को नुकसान पहुंचता है। इसके बचाव के लिए लस्तर 400 मिली लीटर प्रति एकड़, वेल्डामाइसीन 400 मी. लीटर प्रति एकड़ और हल्दी की समस्या बालियों के आने पर बावास्टीन व प्रोपीक्रोनालझोन का छिड़काव पानी की उचित मात्रा के साथ किसान अपनी फसल में करें।
विज्ञापन

पछेती फसलों में अधिक यूरिया न डालें
डॉ. राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि धान में अधिक फुटाव व फसल का रंग काला हरा करने के लिए किसान उसमें अंधाधुंध यूरिया डालते हैं। जिससे फसल में फायदा कम और नुकसान अधिक होता है। यूरिया की अधिक मात्रा से धान का पौधा नरम हो जाता है। जिसमें बीमारियां जल्दी व अधिक आती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed