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Karnal News: ऑनलाइन मंगवाए गए काजू में मिले कीड़े आयोग ने लगाया 2.13 लाख का जुर्माना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Dec 2025 02:22 AM IST
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The commission imposed a fine of Rs 2.13 lakh on cashews ordered online for being found to be contaminated with insects.
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। जिला उपभोक्ता निवारण आयोग ने ऑनलाइन ऑर्डर पर मेवा व अन्य सामान प्रदान करने वाले तीन सेवा प्रदाताओं को दो लाख 13 हजार 396 रुपये का जुर्माना लगाया है। शिकायतकर्ता सीएचडी निवासी पीयूस बंसल ने फ्लिपकार्ट के माध्यम से दोषियों से काजू खरीदे थे। पैकेट में जिंदा कीड़े मिले थे।
उन्होंने एक किलो काजू मंगाए थे। पैकेट में डिब्बा समेत कुल वजन एक किलो था। डिब्बे का 110 ग्राम वजन भी शामिल था। अब तीनों दोषियों को यह राशि 45 दिन के भीतर शिकायतकर्ता पीयूस बंसल को देनी है। इस राशि में 2,396 रुपये लागत राशि, मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए दो लाख मुआवजा और 11 हजार रुपये मुकदमा खर्च शामिल है।
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शिकायतकर्ता पीयूष बंसल ने 13 जून, 2024 को अदालत में पक्ष रखा था कि उन्होंने एक मार्च, 2024 को फ्लिपकार्ट के माध्यम से मेवा का ऑर्डर किया था। उन्होंने एक किलो काजू के लिए 2,620 रुपये कीमत चुकाई थी। उनके पास पहुचे काजू के डिब्बे की पेकिंग में जिंदा कीड़े निकले। काजू की गुणवत्ता भी निम्न थी। ऑनलाइन पोर्टल पर दिखाए गए ग्रेड से मेल नहीं खाती थी। इसके अलावा काजू के डिब्बे पर एक किलो नेट लिखा हुआ था। जबकि वास्तव में डिब्बे के वजन सहित एक किलो कुल वजन था। जब खाली डिब्बे का वजन किया गया तो 110 ग्राम मिला।
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इसके बाद उन्होंने बार-बार कस्टमर केयर से संपर्क किया। कोई सामाधान नहीं निकल पाया। इससे वह मानसिक रूप से परेशान हुए। मुकदमे में वादी ने 2,620 रुपये लागत, मानसिक पीड़ा के लिए दस लाख रुपये मुआवजा और 75 हजार रुपये मुकदमा खर्च दिए जाने की मांग की थी। अदालत में पहुंचे परिवादी पक्ष फ्लिपकार्ट के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वह केवल एक ऑनलाइन मार्केट प्लेस प्लेटफॉर्म प्रदान करते हैं। वो सीधे कोई उत्पाद नहीं बेचते। इसलिए मामले में कार्रवाई सेवा प्रदाता गांधी ओवरसीज, न्यूट्रीचेफ और केशरिया कंवर जी ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ होनी चाहिए। उनके अनुसार उत्पादों की वारंटी, प्रतिस्थापन, धनवापसी, या बिक्री के बाद की सेवाएं विक्रेता या निर्माता देते हैं।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने अदालत में उपस्थित नहीं होने से सेवा प्रदाताओं को 16 अगस्त, 2024 को एक पक्षीय करने के आदेश जारी किए। आयोग ने शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार किया, जिसमें कीड़ों की तस्वीरें और वीडियो, कम वजन की तस्वीरें और बिल शामिल थे। आयोग ने पाया कि परिवादी गांधी ओवरसीज, न्यूट्रीचेफ और केशरिया कंवर जी ट्रेडिंग कंपनी आपूर्ति किए गए सामान में दोषी हैं। आयोग ने फ्लिपकार्ट के खिलाफ शिकायत खारिज कर दी। आयोग ने अन्य तीनों पर लागत की वापसी के तौर पर 2396 रुपये, मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए दो लाख मुआवजा और 11 हजार रुपये मुकदमा खर्च सहित कुल 2 लाख 13 हजार 396 रुपये 45 दिनों के भीतर वहन करने के आदेश जारी किए।
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