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Karnal News: हाईकोर्ट पहुंचा बर्खास्त सरपंच का मामला
Thu, 13 Nov 2025 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 13 Nov 2025 01:58 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुंजपुरा। गांव कुंजपुरा की बर्खास्त सरपंच सुमन का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले में बुधवार को सुनवाई हुई, जहां प्रशासनिक पक्ष रखने के लिए बीडीपीओ की तरफ से पंचायत सचिव सुभाष पहुंचे। स्टे पर कोई फैसला नहीं हो पाया।
अपनी बर्खास्तगी के बाद सरपंच सुमन ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। गांव के कार्यवाहक प्रधान को लेकर कुंजपुरा की बीडीपीओ मोनिका बालदा की ओर से बुलाई गई बैठक भी टल गई। बैठक टलने से मौके पर पहुंचे पंचों ने भी विरोध किया। ऐसा दूसरी बार हुआ है। पहले भी बुलाई गई बैठक कोरम पूरा न होने के कारण टाली गई थी।
वहीं मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने पक्षपात का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि गांव में पंचायत के न होने से विकास कार्य रुके हुए हैं। उल्लेखनीय है कि कुंजपुरा ग्राम पंचायत में 20 पंच होने के कारण बहुमत अथवा कार्यवाहक सरपंच के लिए 11 पंचों का समर्थन होना जरूरी है। अभी तक कोई भी पंच यह जरूरी कोरम पूरा नहीं कर सका।
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मामले के अनुसार, एसडीएम अनुभव मेहता की जांच रिपोर्ट पर उपायुक्त उत्तम सिंह ने जब सरपंच सुमन को बर्खास्त किया था तो इसके बाद उसे मंडल आयुक्त राजीव रतन के कार्यालय से स्टे मिल गया था। जिसके कारण सरपंच अपना कार्य तो करती रही लेकिन उस पर लगे आरोपों की जांच एवं सुनवाई निरंतर जारी रही। सुनवाई पूरी होने के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर सरपंच सुमन देवी को बर्खास्तगी के खिलाफ मिला स्टे कमिश्नर ने 17 सितंबर को हटा दिया गया। इसके बाद सुमन मामले को लेकर हाईकोर्ट पहुंची।
सरपंच और पंचों में थी खींचतान
सुमन के गांव की सरपंच चुने जाने के काफी दिनों तक पचों व सरपंच के बीच खींचतान भी चली। जिस कारण गांव में सफाई व्यवस्था सहित सभी विकास कार्य लटकते चले गए। हालांकि कुछ समय बीतने के बाद सरपंच व पंचों के बीच समझौता भी हो गया था लेकिन ग्रामीणों व कुछ पंचों की ओर से लगाए आरोपों की जांच एवं सुनवाई प्रशासनिक स्तर पर जारी रही। एससीपीओ प्रवीण कुमार का कहना है कि प्रस्तावित अगली बैठक में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। तब तक हाईकोर्ट का निर्णय आ गया तो उसी अनुरूप आगामी कार्रवाई होगी।
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कुंजपुरा। गांव कुंजपुरा की बर्खास्त सरपंच सुमन का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले में बुधवार को सुनवाई हुई, जहां प्रशासनिक पक्ष रखने के लिए बीडीपीओ की तरफ से पंचायत सचिव सुभाष पहुंचे। स्टे पर कोई फैसला नहीं हो पाया।
अपनी बर्खास्तगी के बाद सरपंच सुमन ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। गांव के कार्यवाहक प्रधान को लेकर कुंजपुरा की बीडीपीओ मोनिका बालदा की ओर से बुलाई गई बैठक भी टल गई। बैठक टलने से मौके पर पहुंचे पंचों ने भी विरोध किया। ऐसा दूसरी बार हुआ है। पहले भी बुलाई गई बैठक कोरम पूरा न होने के कारण टाली गई थी।
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वहीं मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने पक्षपात का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि गांव में पंचायत के न होने से विकास कार्य रुके हुए हैं। उल्लेखनीय है कि कुंजपुरा ग्राम पंचायत में 20 पंच होने के कारण बहुमत अथवा कार्यवाहक सरपंच के लिए 11 पंचों का समर्थन होना जरूरी है। अभी तक कोई भी पंच यह जरूरी कोरम पूरा नहीं कर सका।
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मामले के अनुसार, एसडीएम अनुभव मेहता की जांच रिपोर्ट पर उपायुक्त उत्तम सिंह ने जब सरपंच सुमन को बर्खास्त किया था तो इसके बाद उसे मंडल आयुक्त राजीव रतन के कार्यालय से स्टे मिल गया था। जिसके कारण सरपंच अपना कार्य तो करती रही लेकिन उस पर लगे आरोपों की जांच एवं सुनवाई निरंतर जारी रही। सुनवाई पूरी होने के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर सरपंच सुमन देवी को बर्खास्तगी के खिलाफ मिला स्टे कमिश्नर ने 17 सितंबर को हटा दिया गया। इसके बाद सुमन मामले को लेकर हाईकोर्ट पहुंची।
सरपंच और पंचों में थी खींचतान
सुमन के गांव की सरपंच चुने जाने के काफी दिनों तक पचों व सरपंच के बीच खींचतान भी चली। जिस कारण गांव में सफाई व्यवस्था सहित सभी विकास कार्य लटकते चले गए। हालांकि कुछ समय बीतने के बाद सरपंच व पंचों के बीच समझौता भी हो गया था लेकिन ग्रामीणों व कुछ पंचों की ओर से लगाए आरोपों की जांच एवं सुनवाई प्रशासनिक स्तर पर जारी रही। एससीपीओ प्रवीण कुमार का कहना है कि प्रस्तावित अगली बैठक में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। तब तक हाईकोर्ट का निर्णय आ गया तो उसी अनुरूप आगामी कार्रवाई होगी।