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लंकेश के कुनबे का दहन, गूंजे श्रीराम के जयकारे
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श्रीराम लीला सभा की ओर से दशहरा पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम के दौरान जब पुतलों में आग लगी तो जलती
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दशहरा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। करीब एक माह की मेहनत के साथ तैयार हुए रावण और उसके साम्राज्य के पुतले महज तीन मिनट में जलकर रखा हो गए। इधर, मंच से अतिथियों ने रिमोट का बटन दबाया, उधर मैदान में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले लंका सहित मैदान में जल उठे। इस दृश्य को देखते ही मैदान में भगवान राम के जयकारे गूंज उठे।
कर्ण नगरी में छठी बार रावण दहन इलेक्ट्रिक शॉक से हुआ। श्रीराम लीला सभा की ओर से सेक्टर-4 के मैदान में 119वां विजयदशमी महोत्सव मनाया गया। मेले में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। लंका दहन के साथ पुतलों के दहन की शुरुआत की गई। रावण के पुतले जलने से पहले ही युवाओं की भीड़ लकड़ियां उठाने के लिए बैरिकेड पार करके आगे आ गई। इस दौरान उन्हें रोकते हुए पुलिस ने पीछे हटाया। इस दौरान कुछ युवकों में मारपीट भी हो गई।
कार्यक्रम में सांसद संजय भाटिया ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। वहीं मॉरीशस गणराज्य संसद के सदस्य नंदकुमार बोध, सीएम के प्रतिनिधि संजय बठला, मेयर रेणू बाला गुप्ता और भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा विशेष रूप से पहुंचे। उन्होंने परंपरा अनुसार सूर्यास्त होने के समय ही पुतलों को अग्नि दी। इससे पहले शोभायात्रा का भी अवलोकन किया।
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बटन दबते ही आंखों और मुंह से उगले अंगारे
हर बार कारीगर रावण के पुतले पर अलग-अलग तरह की कलाकारी दिखाते हैं। इस बार भी पिछली बार की तरह बटन दबते ही लंकेश ने आंखों और मुंह से अंगारे उगले। जबकि पिछले कुछ वर्षों से रावण का पुतला दहन से पहले चारों तरफ गर्दन घुमाता था, सुरक्षा के लिहाज से इस बार ऐसा नहीं किया। इस दृश्य को देखते ही मैदान में भगवान राम के जयकारे गूंजे।
रंगीन आतिशबाजी, ढाई हजार गोलों से हुए धमाके
रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले में 2500 इलेक्ट्रिक बम लगाए गए। लंका में भी करीब 500 बम के गोले लगाए गए थे। जैसे ही पुतलों में आग लगी तो गोलों के फटने से धमाके हुए। करीब चार किलोमीटर की परिधि में धमाकों की आवाज गूंजी। मैदान में सुरक्षा के लिहाज से अग्निशमन गाड़ी और एंबुलेंस तैनात रही। पुतलों के दहन से पूर्व मैदान में रंगीन आतिशबाजी हुई।
टाइमलाइन
05:10 बजे : दशहरा मैदान में पहुंचे अतिथि
05:32 बजे : अतिथियों का संबोधन शुरू
05:54 बजे : लंका दहन
05:55 बजे : कुंभकरण दहन
05:56 बजे : मेघनाद दहन
05:56 बजे : रावण दहन
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करनाल। दशहरा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। करीब एक माह की मेहनत के साथ तैयार हुए रावण और उसके साम्राज्य के पुतले महज तीन मिनट में जलकर रखा हो गए। इधर, मंच से अतिथियों ने रिमोट का बटन दबाया, उधर मैदान में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले लंका सहित मैदान में जल उठे। इस दृश्य को देखते ही मैदान में भगवान राम के जयकारे गूंज उठे।
कर्ण नगरी में छठी बार रावण दहन इलेक्ट्रिक शॉक से हुआ। श्रीराम लीला सभा की ओर से सेक्टर-4 के मैदान में 119वां विजयदशमी महोत्सव मनाया गया। मेले में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। लंका दहन के साथ पुतलों के दहन की शुरुआत की गई। रावण के पुतले जलने से पहले ही युवाओं की भीड़ लकड़ियां उठाने के लिए बैरिकेड पार करके आगे आ गई। इस दौरान उन्हें रोकते हुए पुलिस ने पीछे हटाया। इस दौरान कुछ युवकों में मारपीट भी हो गई।
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कार्यक्रम में सांसद संजय भाटिया ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। वहीं मॉरीशस गणराज्य संसद के सदस्य नंदकुमार बोध, सीएम के प्रतिनिधि संजय बठला, मेयर रेणू बाला गुप्ता और भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा विशेष रूप से पहुंचे। उन्होंने परंपरा अनुसार सूर्यास्त होने के समय ही पुतलों को अग्नि दी। इससे पहले शोभायात्रा का भी अवलोकन किया।
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बटन दबते ही आंखों और मुंह से उगले अंगारे
हर बार कारीगर रावण के पुतले पर अलग-अलग तरह की कलाकारी दिखाते हैं। इस बार भी पिछली बार की तरह बटन दबते ही लंकेश ने आंखों और मुंह से अंगारे उगले। जबकि पिछले कुछ वर्षों से रावण का पुतला दहन से पहले चारों तरफ गर्दन घुमाता था, सुरक्षा के लिहाज से इस बार ऐसा नहीं किया। इस दृश्य को देखते ही मैदान में भगवान राम के जयकारे गूंजे।
रंगीन आतिशबाजी, ढाई हजार गोलों से हुए धमाके
रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले में 2500 इलेक्ट्रिक बम लगाए गए। लंका में भी करीब 500 बम के गोले लगाए गए थे। जैसे ही पुतलों में आग लगी तो गोलों के फटने से धमाके हुए। करीब चार किलोमीटर की परिधि में धमाकों की आवाज गूंजी। मैदान में सुरक्षा के लिहाज से अग्निशमन गाड़ी और एंबुलेंस तैनात रही। पुतलों के दहन से पूर्व मैदान में रंगीन आतिशबाजी हुई।
टाइमलाइन
05:10 बजे : दशहरा मैदान में पहुंचे अतिथि
05:32 बजे : अतिथियों का संबोधन शुरू
05:54 बजे : लंका दहन
05:55 बजे : कुंभकरण दहन
05:56 बजे : मेघनाद दहन
05:56 बजे : रावण दहन

श्रीराम लीला सभा की ओर से दशहरा पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में धू धू कर जलता कुंभकर्ण का पुतला।

श्रीराम लीला सभा की ओर से दशहरा पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में खूबी हुई आतिशबाजी। संवाद

श्रीराम लीला सभा की ओर से दशहरा पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में रावण दहन देखने के लिए जमा भारी भी

श्रीराम लीला सभा की ओर से दशहरा पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में रावण के पुतलों के साथ दूर से सेल्