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Karnal News: हर लड़ाई में हमारे गांव के जांबाजों ने दिखाया पराक्रम
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घरौंडा। अब तक जितने युद्ध हुए, लगभग सभी में अराईपुरा गांव के जांबाजों ने अहम जिम्मेदारी निभाई है। दुश्मनों के दांत खट्टे करते हुए तिरंगा फहराया है।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में इस गांव के करीब 100 से ज्यादा युवा सीमा पर डटे हैं। सभी ने पूरे जोश के साथ परिजनों से कहा है कि चिंता मत कीजिए, हम हमेशा जीते हैं, इस बार भी जीतेंगे।
करीब 10 हजार की आबादी वाले अराईपूरा गांव में पहुंचते ही युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में जोश दिखा। शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे पूर्व सरपंच के घर के बरामदे में कई लोग बैठे नजर आए, जिनकी बातचीत का मुख्य मुद्दा भारत-पाक के बीच चल रहा तनाव ही था। बुजुर्गों का कहना था कि गांव के डेढ़ सौ के लगभग सैनिक सेवानिवृत हो चुके हैं। पूर्व सरपंच महेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में लगभग हर घर से सेना में कोई न कोई सेवाएं दे ही रहा है। जब भी सेना की भर्ती होती है तो उसमें पांच सात युवा यहां के भी भर्ती होते हैं। तेक सिंह ने बताया कि प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध, 1948 व 1971 में भारत-पाकिस्तान, 1962 भारत-चीन के साथ जो भी युद्ध हुए हैं, सभी में गांव के जवानों की हिस्सेदारी रही है।
ओमप्रकाश ने बताया कि 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने पहलगाम में जो हरकत की है, उसका जवाब दिया गया। अब पाकिस्तान के साथ युद्ध जैसे हालात हैं, दुश्मन को खत्म करके ही दम लेना होगा। अनिल राणा ने कहा कि पाकिस्तान की सोच भारत के प्रति सदा गलत रही है देश का एक-एक नागरिक सरकार के साथ खड़ा है। संवाद
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ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में इस गांव के करीब 100 से ज्यादा युवा सीमा पर डटे हैं। सभी ने पूरे जोश के साथ परिजनों से कहा है कि चिंता मत कीजिए, हम हमेशा जीते हैं, इस बार भी जीतेंगे।
करीब 10 हजार की आबादी वाले अराईपूरा गांव में पहुंचते ही युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में जोश दिखा। शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे पूर्व सरपंच के घर के बरामदे में कई लोग बैठे नजर आए, जिनकी बातचीत का मुख्य मुद्दा भारत-पाक के बीच चल रहा तनाव ही था। बुजुर्गों का कहना था कि गांव के डेढ़ सौ के लगभग सैनिक सेवानिवृत हो चुके हैं। पूर्व सरपंच महेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में लगभग हर घर से सेना में कोई न कोई सेवाएं दे ही रहा है। जब भी सेना की भर्ती होती है तो उसमें पांच सात युवा यहां के भी भर्ती होते हैं। तेक सिंह ने बताया कि प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध, 1948 व 1971 में भारत-पाकिस्तान, 1962 भारत-चीन के साथ जो भी युद्ध हुए हैं, सभी में गांव के जवानों की हिस्सेदारी रही है।
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ओमप्रकाश ने बताया कि 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने पहलगाम में जो हरकत की है, उसका जवाब दिया गया। अब पाकिस्तान के साथ युद्ध जैसे हालात हैं, दुश्मन को खत्म करके ही दम लेना होगा। अनिल राणा ने कहा कि पाकिस्तान की सोच भारत के प्रति सदा गलत रही है देश का एक-एक नागरिक सरकार के साथ खड़ा है। संवाद
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