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राइस मिलरों पर लटकी तलवार

Sun, 21 Jun 2015 01:17 AM IST
करनाल/ अमर उजाला ब्यूरो
करनाल/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 21 Jun 2015 01:17 AM IST
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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से धान खरीदने के बाद तय समय पर चावल उपलब्ध न
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करवाने वाले राइस मिलर्स के खिलाफ अब विभाग कानूनी कार्रवाई कराएगा।

इसकी शुरुआत करते हुए विभाग ने दो अलग-अलग थानों में शिकायत देकर केस दर्ज करने की मांग की है। उधर, विभाग के सख्त रवैये से राइस मिलर्स के पसीने छूटने लगे हैं।

विभाग की इस कार्रवाई को लेकर राइस मिलर्स में हड़कंप का माहौल है। डीएफएससी निशांत राठी ने चेताया कि 30 जून निर्धारित समय बीत जाने पर जिन्होंने चावल उपलब्ध नहीं कराया उनको डिफाल्टर घोषित किया जाएगा और उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डिफाल्टर घोषित मिलरों को भविष्य में विभाग की तरफ से धान नहीं दिया जाएगा।
निसिंग थाना में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर अमन कुमार ने गोयल फूड निसिंग के खिलाफ और तरावड़ी थाने में विभाग के इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने अक्षर ओवरसिज तरावड़ी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा दस राइस मिलरों पर भी कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक गई है और 30 जून तक भारतीय खाद्य निगम को चावल उपलब्ध न करवाने के आरोप में कानूनी कार्रवाई होनी तय है।
हरियाणा राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के राज्य प्रधान राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि सरकार से बात चल रही है। जो अनुबंध है, व्यापारियों को उसको पूरा करना चाहिए, अगर प्रशासन ने सख्ती बरती तो हम राइस मिलर्स का साथ देंगे और किसी के साथ ज्यादती नहीं होने देंगे।
राइस मिलर्स के पास स्टाक है कम
जिले के बारह राइस मिलरों पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 485579.99 क्विंटल धान दी थी और राइस मिलरों को 126991.44 क्विंटल चावल उपलब्ध करवाने थे, लेकिन काफी राइस मिलरों के पास स्टॉक ही कम है। ऐसे में चावल उपलब्ध होना पाना तय नहीं है।
डीएफएससी राठी ने बताया कि धान सीजन में विभाग की तरफ जिन राइस मिलरों को धान दी जाती है, उन्हें तय समय में चावल उपलब्ध करवाना होता है। 30 अप्रैल को राइस मिलरों ने चावल उपलब्ध करवाना था। इसके बाद 30 जून तक चावल उपलब्ध करवाना है। अधिकतर समय बीत गया है और इन्होंने चावल उपलब्ध करवाने की कोई तैयारी नहीं की। जिले के 12 राइस मिल हैं, जिन्होंने 30 जून तक चावल उपलब्ध करवाना है। इनमें से दो राइस मिलरों पर केस दर्ज करवा दिया है। दस राइस मिलरों पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
राइस मिलरों पर स्टॉक भी कम
डीएफएससी निशांत राठी ने बताया कि समस्त बकाया मिलरों ने चावल की डिलीवरी वक्त तिथि तक भारतीय खाद्य निगम को प्रेषित करवाया जाना सुनिश्चित करने के आदेश प्राप्त हुए हैं, परंतु भौतिक जांच के दौरान कई राइस मिलरों के पास स्टॉक कम पाया गया, इसलिए अक्षर ओवरसिज तरावड़ी व एलएम फूड निसिंग की थाने में शिकायत दर्ज करवा दी गई है व विभाग द्वारा अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

बकाया सीएमआर के राइस मिलों के नाम
संख्या     राइस मिलर        पैडी अलॉट     राइस पेंडिंग
1. अन्नपूर्ण एग्रो फूड कुटेल 66482.15 18686.20
2. बाला सुंदरी राइस मिल करनाल    53219.85    11650.10
3. दीपक राईस एंड जनरल मिल करनाल    44105.64    19856.38
4. कृष्णा फूड काछवा    29620.00    8770.45
5. श्री कृष्णा कृपा फूड जुंडला     26036.85    7216.39
6. अक्षर ओवरसिज तरावड़ी    18980.85    10831.87
7. गुरु नानक राइस मिल तरावड़ी    36724.45    7095.58
8. जीआर इंटरनेशनल निसिंग     35935.90    9797.80
9. गोयल राइस मिल निसिंग     40569.55    17477.90
10. एलएम फूड निसिंग    30163.00    5655.61
11. सीता राम राइस मिल निसिंग    46855.55    2834.22
12. शिव राइस मिल कुंजपुरा     56886.20    7118.85
जिले के बारह राइस मिलरों को सूचित कर दिया है। राइस मिलर लापरवाही बरतते हैं। इस तरह की अनदेखी सहन नहीं की जाएगी। इसके अलावा विभाग में जो-जो गड़बड़ है, उसको दूर किया जाएगा। 30 जून तक जिन-जिन राइस मिलरों ने चावल उपलब्ध नहीं कराया है उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- निशांत राठी, डीएफएससी करनाल।
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