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Karnal News: ऊनी कपड़े की पोशाक, रजाई में विश्राम और गर्म दूध का भोग लगाएंगे ठाकुर जी
Fri, 05 Dec 2025 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 05 Dec 2025 01:50 AM IST
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राम गली में कान्हा जी के पार्लर से ठाकुर जी के गर्म वस्त्र पसंद करते श्रद्धालु। संवाद
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भगवानदास
करनाल। जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, वैसे-वैसे मंदिरों और घरों में ठाकुर जी और अन्य सभी देवताओं की सेवा का स्वरूप भी बदला है। अब सर्दी में ठाकुर जी ऊनी पोशाक पहनेंगे, रात में रजाई में विश्राम करेंगे और गर्म दूध के अलावा मेवे का ही भोग लगाएंगे। कर्णनगरी में श्रद्धालुओं और पंडितों की और से ठाकुर जी के लिए ऊनी कपड़े, वेलवेट की पोशाकें, रजाई-कंबल और गर्म भोग की व्यवस्था कर रहे हैं, ताकि बालरूप भगवान को ठंड महसूस न हो। इसके लिए भक्त 30 से लेकर दो हजार रुपये तक खर्च कर रहे हैं।
सर्दी बढ़ते ही ठाकुरजी के भोग में भी बदलाव किया गया है। हल्का गर्म दूध, केसर वाला दूध, मिश्री, मखाने और ड्राई फ्रूट इन दिनों ठाकुर जी को भोग लगाया जा रहा हैं। राम गली के ठाकुर जी का पार्लर चलाने वाले संजीव सोनी बताते हैं कि ठंड बढ़ते ही गर्म वस्त्रों की मांग बढ़ी है। इसमें ऊनी ड्रेस, वेलवेट ड्रेस, गर्म कंबल, रजाई और गद्दे की अधिक मांग है। ड्रेस 30 रुपए से शुरू होकर दो हजार रुपए तक मिल रही है। श्रद्धालु वेलवेट की ड्रेस अधिक पसंद कर रहे हैं।
श्रद्धालु रज्जी ने बताया कि उनके घर में पांच ठाकुर जी और पांच राधा रानी जी विराजमान हैं। वह कहती हैं कि जैसे हम अपने बच्चों को ठंड से बचाते हैं, उसी तरह ठाकुर जी की सेवा करते हैं। ठंड शुरू होते ही उनकी ऊनी ड्रेस, छोटी सी रजाई, मुलायम गद्दे और तकिये सब तैयार कर दिए। उनके अनुसार, ठाकुरजी को सुबह गरमाहट भरा दूध और शाम को ड्राई फ्रूट वाला भोग जरूर लगाया जाता है।
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घर में बढ़ गई बरकत और शांति
जुंडाला गेट की पूनम और उनकी बेटी आरती भी अपने ठाकुर जी के लिए विशेष सर्दियों की खरीदारी करती दिखी। दुकान से उन्होंने वेलवेट की गर्म ड्रेस, कंबल और छोटा गद्दा खरीदा। पूनम बताती हैं कि पिछले एक साल से ठाकुर जी उनके घर में विराजमान हैं। जब से आए हैं, घर में बरकत और शांति दोनों बढ़ी हैं। इस बार हमने उनके लिए गाढ़े वेलवेट की नई ड्रेस चुनी है जो बहुत सुंदर लगती है।
भक्ति और प्यार का अनोखा मेल
सर्दी के मौसम में ठाकुरजी की सेवा का यह रूप सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि भक्तों के प्रेम और लगाव की अभिव्यक्ति भी है। जैसे परिवार के छोटे बच्चों को ठंड से बचाया जाता है, वैसे ही लोग ठाकुरजी को गर्म दूध देने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।
मंदिर में देव स्वरूपों को शॉल ओढ़ाई
श्री कर्णेश्वरम महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी षष्ठी बल्लव बताते है कि नवंबर में ठंड शुरू होते ही मंदिर सभा की ओर से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान जी, राधा कृष्ण, गणेश और सभी भगवानों को शॉल ओढ़ा दी गई थी, ताकि उन्हें ठंड ना लगे।
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करनाल। जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, वैसे-वैसे मंदिरों और घरों में ठाकुर जी और अन्य सभी देवताओं की सेवा का स्वरूप भी बदला है। अब सर्दी में ठाकुर जी ऊनी पोशाक पहनेंगे, रात में रजाई में विश्राम करेंगे और गर्म दूध के अलावा मेवे का ही भोग लगाएंगे। कर्णनगरी में श्रद्धालुओं और पंडितों की और से ठाकुर जी के लिए ऊनी कपड़े, वेलवेट की पोशाकें, रजाई-कंबल और गर्म भोग की व्यवस्था कर रहे हैं, ताकि बालरूप भगवान को ठंड महसूस न हो। इसके लिए भक्त 30 से लेकर दो हजार रुपये तक खर्च कर रहे हैं।
सर्दी बढ़ते ही ठाकुरजी के भोग में भी बदलाव किया गया है। हल्का गर्म दूध, केसर वाला दूध, मिश्री, मखाने और ड्राई फ्रूट इन दिनों ठाकुर जी को भोग लगाया जा रहा हैं। राम गली के ठाकुर जी का पार्लर चलाने वाले संजीव सोनी बताते हैं कि ठंड बढ़ते ही गर्म वस्त्रों की मांग बढ़ी है। इसमें ऊनी ड्रेस, वेलवेट ड्रेस, गर्म कंबल, रजाई और गद्दे की अधिक मांग है। ड्रेस 30 रुपए से शुरू होकर दो हजार रुपए तक मिल रही है। श्रद्धालु वेलवेट की ड्रेस अधिक पसंद कर रहे हैं।
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श्रद्धालु रज्जी ने बताया कि उनके घर में पांच ठाकुर जी और पांच राधा रानी जी विराजमान हैं। वह कहती हैं कि जैसे हम अपने बच्चों को ठंड से बचाते हैं, उसी तरह ठाकुर जी की सेवा करते हैं। ठंड शुरू होते ही उनकी ऊनी ड्रेस, छोटी सी रजाई, मुलायम गद्दे और तकिये सब तैयार कर दिए। उनके अनुसार, ठाकुरजी को सुबह गरमाहट भरा दूध और शाम को ड्राई फ्रूट वाला भोग जरूर लगाया जाता है।
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घर में बढ़ गई बरकत और शांति
जुंडाला गेट की पूनम और उनकी बेटी आरती भी अपने ठाकुर जी के लिए विशेष सर्दियों की खरीदारी करती दिखी। दुकान से उन्होंने वेलवेट की गर्म ड्रेस, कंबल और छोटा गद्दा खरीदा। पूनम बताती हैं कि पिछले एक साल से ठाकुर जी उनके घर में विराजमान हैं। जब से आए हैं, घर में बरकत और शांति दोनों बढ़ी हैं। इस बार हमने उनके लिए गाढ़े वेलवेट की नई ड्रेस चुनी है जो बहुत सुंदर लगती है।
भक्ति और प्यार का अनोखा मेल
सर्दी के मौसम में ठाकुरजी की सेवा का यह रूप सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि भक्तों के प्रेम और लगाव की अभिव्यक्ति भी है। जैसे परिवार के छोटे बच्चों को ठंड से बचाया जाता है, वैसे ही लोग ठाकुरजी को गर्म दूध देने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।
मंदिर में देव स्वरूपों को शॉल ओढ़ाई
श्री कर्णेश्वरम महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी षष्ठी बल्लव बताते है कि नवंबर में ठंड शुरू होते ही मंदिर सभा की ओर से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान जी, राधा कृष्ण, गणेश और सभी भगवानों को शॉल ओढ़ा दी गई थी, ताकि उन्हें ठंड ना लगे।