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Karnal News: चर्च की जमीन की दीवार तोड़ने पर फिर बढ़ा तनाव
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/नीलोखेड़ी। चर्च की जमीन का विवाद फिर बढ़ गया है।
शुक्रवार शाम को एक पक्ष ने पुलिस की मौजूदगी में जमीन पर बनी दीवार को तोड़ दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। हंगामे के बाद पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया जबकि मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
इस मामले को लेकर वीरवार को डीएसपी असंध की अध्यक्षता में बैठक भी हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों को दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया था। लेकिन दस्तावेज दिखाने से पहले शुक्रवार को एक पक्ष ने विवाद को फिर भड़का दिया। दोनों पक्षों से दस्तावेज मंगवाकर मामले की जांच की जा रही है। नीलोखेड़ी स्थित एक पुराने चर्च से सटी जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। शुक्रवार शाम को मोहित मल्होत्रा नाम का व्यक्ति कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचा और विवादित जमीन पर बनी दीवार को गिराने लगा। उस समय पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। दीवार तोड़े जाने का विरोध जब चर्च पक्ष की महिलाओं ने किया तो उन्हें धमकी दी गई।
चर्च के पादरी विरेंद्र और बेंजामिन फ्रेंकलिन ने आरोप लगाया कि दूसरा पक्ष फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चर्च की जमीन पर कब्जा करना चाहता है जबकि उनके पास चर्च और संबंधित जमीन के पूरे दस्तावेज मौजूद हैं। उनका कहना है कि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है और शनिवार को कोर्ट से इस पर फैसला आने की संभावना है।
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वहीं, मोहित मल्होत्रा पक्ष ने दावा किया कि जिस जमीन पर दीवार गिरी, वह उनकी निजी संपत्ति है और वर्ष 1981 में उनके परिवार के नाम रजिस्टर्ड हुई थी। उन्होंने बताया कि हाल ही में यह जमीन आशीष के नाम ट्रांसफर की गई है और नगर पालिका में इसके रिकॉर्ड भी मौजूद हैं। उनके अनुसार, गिराई गई दीवार उनकी ही जमीन पर थी और कोर्ट के आदेश के तहत ही निर्माण कार्य शुरू किया गया था।
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करनाल/नीलोखेड़ी। चर्च की जमीन का विवाद फिर बढ़ गया है।
शुक्रवार शाम को एक पक्ष ने पुलिस की मौजूदगी में जमीन पर बनी दीवार को तोड़ दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। हंगामे के बाद पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया जबकि मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
इस मामले को लेकर वीरवार को डीएसपी असंध की अध्यक्षता में बैठक भी हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों को दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया था। लेकिन दस्तावेज दिखाने से पहले शुक्रवार को एक पक्ष ने विवाद को फिर भड़का दिया। दोनों पक्षों से दस्तावेज मंगवाकर मामले की जांच की जा रही है। नीलोखेड़ी स्थित एक पुराने चर्च से सटी जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। शुक्रवार शाम को मोहित मल्होत्रा नाम का व्यक्ति कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचा और विवादित जमीन पर बनी दीवार को गिराने लगा। उस समय पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। दीवार तोड़े जाने का विरोध जब चर्च पक्ष की महिलाओं ने किया तो उन्हें धमकी दी गई।
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चर्च के पादरी विरेंद्र और बेंजामिन फ्रेंकलिन ने आरोप लगाया कि दूसरा पक्ष फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चर्च की जमीन पर कब्जा करना चाहता है जबकि उनके पास चर्च और संबंधित जमीन के पूरे दस्तावेज मौजूद हैं। उनका कहना है कि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है और शनिवार को कोर्ट से इस पर फैसला आने की संभावना है।
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वहीं, मोहित मल्होत्रा पक्ष ने दावा किया कि जिस जमीन पर दीवार गिरी, वह उनकी निजी संपत्ति है और वर्ष 1981 में उनके परिवार के नाम रजिस्टर्ड हुई थी। उन्होंने बताया कि हाल ही में यह जमीन आशीष के नाम ट्रांसफर की गई है और नगर पालिका में इसके रिकॉर्ड भी मौजूद हैं। उनके अनुसार, गिराई गई दीवार उनकी ही जमीन पर थी और कोर्ट के आदेश के तहत ही निर्माण कार्य शुरू किया गया था।