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Karnal News: टैटू बन रहा एचआईवी का बड़ा कारण
Sat, 23 Dec 2023 02:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 23 Dec 2023 02:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। आजकल युवाओं में शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर टैटू बनवाने का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है। जो एचआईवी के मुख्य चार कारणों में से एक है। ऐसे में इसके प्रति युवाओं को जागरूक होना होगा कि वे अपने शरीर पर टैटू न बनवाएं। अगर वे किसी भी तरह का शरीर पर टैटू बनवा रहे है तो रजिस्टर्ड टैटू ऑर्टिस्ट से ही बनवाएं। वहीं वे जांच करे कि टैटू बनवाते समय उपयोग में लाई जा रही सूई नई हो। यह बात शुक्रवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में एचआईवी विंग की नोडल अधिकारी एवं डॉ. सिम्मी कपूर ने कही।
उन्होंने बताया कि एड्स लाइलाज बीमारी है। जागरूकता से इससे बचाव किया जा सकता है। असुरक्षित यौन संबंध, अशुद्ध रक्त का चढ़ाया जाना, दूषित सुइयों व सिरिंज का प्रयोग और संक्रमित गर्भवती मां से जन्म लेने वाले बच्चे या स्तनपान कराने से यह बीमारी फैलती है। एचआईवी संक्रमण को रोकने का एकमात्र तरीका लोगों में जागरूकता है।
इसे ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले छह वर्षों में 1790 मरीज सामने आएं है। इनमें 0-14 वर्ष तक के 2.4 प्रतिशत, 15-29 वर्ष तक के 26.4 प्रतिशत, 30-49 वर्ष तक के 52.2 प्रतिशत व 50 प्लस के 19 प्रतिशत मरीज शामिल है।
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असुरक्षित यौन संबंध, नशीली दवाइयां या नशीले पदार्थ इस्तेमाल करने के लिए इंजेक्शन का प्रयोग, माता या पिता के एचआईवी संक्रमित होने पर पैदा होने वाली संतान को, बिना जांचा या ब्लड बैंक द्वारा बिना सत्यापित किया रक्त चढ़ाने से एड्स हो सकता है। वहीं, एचआईवी संक्रमित से अंगदान लेने और संक्रमित द्वारा इस्तेमाल किया गया ब्लेड व सिरिंज आदि से भी एड्स हो सकता है।
हर व्यक्ति को पता हो अपना एचआईवी स्टेटस : भावना
एचआईवी विंग से भावना ने बताया कि आज के समय में लोगों में जागरूकता का अभाव है। जिसके चलते एचआईवी संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। आज की स्थिति देखे तो हर व्यक्ति को अपना एचआईवी स्टेटस पता होना चाहिए।
एचआईवी के 94 प्रतिशत मामले असुरक्षित यौन संबंध से : कांता
काउंसलर ने बताया कि एचआईवी के बढ़ते मामलों में असुरक्षित महिला-पुरुष यौन संबंधों से 94 प्रतिशत, समलैंगिक संबंधों से एक प्रतिशत, ब्लड से 0.1 प्रतिशत और सूई से 0.9 प्रतिशत, अभिभावकों से बच्चों में तीन प्रतिशत व एक प्रतिशत में संक्रमण का नहीं पता चलता।
जिले में दो स्थानों पर मिल रही निशुल्क दवाए : ममता
एचआईवी काउंसलर ने बताया कि जिले में पहले एक ही एआरटी केंद्र, नागरिक अस्पताल से मरीजों को निशुल्क दवाइयां दी जाती थी। इस वर्ष कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी एआरटी केंद्र खोला जा चुका है। वहां भी निशुल्क दवाएं दी जा रही है।
जिले में 30 स्थानों पर दी जा रही सुविधा : मीत सिंह
एचआईवी विंग के एलटी मीत सिंह ने बताया कि जिले में नागरिक अस्पताल व मेडिकल कॉलेज सहित 30 अलग-अलग स्थानों में जांच की सुविधा दी जा रही है। इनमें छह जगह आईसीटीसी व 24 एफआईसीटीसी केंद्र बनाए गए है। सभी जगह मुफ्त जांच की जा रही है।
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करनाल। आजकल युवाओं में शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर टैटू बनवाने का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है। जो एचआईवी के मुख्य चार कारणों में से एक है। ऐसे में इसके प्रति युवाओं को जागरूक होना होगा कि वे अपने शरीर पर टैटू न बनवाएं। अगर वे किसी भी तरह का शरीर पर टैटू बनवा रहे है तो रजिस्टर्ड टैटू ऑर्टिस्ट से ही बनवाएं। वहीं वे जांच करे कि टैटू बनवाते समय उपयोग में लाई जा रही सूई नई हो। यह बात शुक्रवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में एचआईवी विंग की नोडल अधिकारी एवं डॉ. सिम्मी कपूर ने कही।
उन्होंने बताया कि एड्स लाइलाज बीमारी है। जागरूकता से इससे बचाव किया जा सकता है। असुरक्षित यौन संबंध, अशुद्ध रक्त का चढ़ाया जाना, दूषित सुइयों व सिरिंज का प्रयोग और संक्रमित गर्भवती मां से जन्म लेने वाले बच्चे या स्तनपान कराने से यह बीमारी फैलती है। एचआईवी संक्रमण को रोकने का एकमात्र तरीका लोगों में जागरूकता है।
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इसे ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले छह वर्षों में 1790 मरीज सामने आएं है। इनमें 0-14 वर्ष तक के 2.4 प्रतिशत, 15-29 वर्ष तक के 26.4 प्रतिशत, 30-49 वर्ष तक के 52.2 प्रतिशत व 50 प्लस के 19 प्रतिशत मरीज शामिल है।
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असुरक्षित यौन संबंध, नशीली दवाइयां या नशीले पदार्थ इस्तेमाल करने के लिए इंजेक्शन का प्रयोग, माता या पिता के एचआईवी संक्रमित होने पर पैदा होने वाली संतान को, बिना जांचा या ब्लड बैंक द्वारा बिना सत्यापित किया रक्त चढ़ाने से एड्स हो सकता है। वहीं, एचआईवी संक्रमित से अंगदान लेने और संक्रमित द्वारा इस्तेमाल किया गया ब्लेड व सिरिंज आदि से भी एड्स हो सकता है।
हर व्यक्ति को पता हो अपना एचआईवी स्टेटस : भावना
एचआईवी विंग से भावना ने बताया कि आज के समय में लोगों में जागरूकता का अभाव है। जिसके चलते एचआईवी संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। आज की स्थिति देखे तो हर व्यक्ति को अपना एचआईवी स्टेटस पता होना चाहिए।
एचआईवी के 94 प्रतिशत मामले असुरक्षित यौन संबंध से : कांता
काउंसलर ने बताया कि एचआईवी के बढ़ते मामलों में असुरक्षित महिला-पुरुष यौन संबंधों से 94 प्रतिशत, समलैंगिक संबंधों से एक प्रतिशत, ब्लड से 0.1 प्रतिशत और सूई से 0.9 प्रतिशत, अभिभावकों से बच्चों में तीन प्रतिशत व एक प्रतिशत में संक्रमण का नहीं पता चलता।
जिले में दो स्थानों पर मिल रही निशुल्क दवाए : ममता
एचआईवी काउंसलर ने बताया कि जिले में पहले एक ही एआरटी केंद्र, नागरिक अस्पताल से मरीजों को निशुल्क दवाइयां दी जाती थी। इस वर्ष कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी एआरटी केंद्र खोला जा चुका है। वहां भी निशुल्क दवाएं दी जा रही है।
जिले में 30 स्थानों पर दी जा रही सुविधा : मीत सिंह
एचआईवी विंग के एलटी मीत सिंह ने बताया कि जिले में नागरिक अस्पताल व मेडिकल कॉलेज सहित 30 अलग-अलग स्थानों में जांच की सुविधा दी जा रही है। इनमें छह जगह आईसीटीसी व 24 एफआईसीटीसी केंद्र बनाए गए है। सभी जगह मुफ्त जांच की जा रही है।