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दस गुना झींगा उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jul 2021 02:42 AM IST
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Target to increase shrimp production ten times
करनाल। झींगा मछली के उत्पादन को 2025 तक वर्तमान उत्पादन से 10 गुना तक बढ़ाया जाएगा। इसके लिए विभाग ने लक्ष्य तय करते हुए 2024-25 तक चार हजार हेक्टेयर भूमि पर इसका उत्पादन करने की योजना बनाई है। जिसमें भिवानी, सिरसा, फतेहाबाद और कैथल आदि का विशेष योगदान होगा। यह जानकारी मत्स्य पालन विभाग हरियाणा के निदेशक प्रेम सिंह मलिक ने दी। वे शनिवार को कर्ण लेक पर अंबाला और गुरुग्राम मंडल के जिला मत्स्य अधिकारियों की बैठक ले रहे थे।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा पहला राज्य है जहां सर्वाधिक झींगा मछली का उत्पादन करके किसान अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे है। एक एकड़ भूमि में तीन से चार महीनों में ही 2.50 लाख से 3 लाख रुपये तक का मुनाफा लिया जा रहा है, जोकि अन्य कृषि उत्पादों से दोगुना है। झींगा मछली का पालन हरियाणा में 2014 में महज 28 हेक्टेयर भूमि पर शुरू हुआ था। आज बढ़कर 493 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से मत्स्य पालन को बढ़ावा, पिछले सालों में कमियों और लक्ष्य को पूरा करने को लेकर भी चर्चा की। बैठक में संयुक्त निदेशक धर्मेंद्र, गुरुग्राम मंडल के इंचार्ज रमेश सिंह डांगी, अंबाला मंडल के इंचार्ज आत्मा राम, करनाल जिला मत्स्य अधिकारी शकुंतला देवी मौजूद रहे।
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योजना से मिलेगी आर्थिक और तकनीकी सहायता
निदेशक ने कहा कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना शुरू की है। इसमें निजी भूमि में या पट्टे पर भूमि लेकर मछली फीड हैचरी, बायाफेलाक, आरएएस, फीड मिल, कोल्ड स्टोर आदि लगाने पर विभाग से वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्राप्त की जा सकती है। वहीं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में सभी प्रोजेक्ट पर सामान्य जाति के लाभार्थियों को 40 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति या महिला लाभार्थियों को 60 प्रतिशत वित्तीय सहायता मिलती है।
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मछली पालन में पांच लाख का बीमा भी
पीएमएसवाई योजना के तहत भी किसानों को लाभ दिया जा रहा है। निदेशक ने कहा कि किसान नौकरियों की तरफ न भागकर स्वरोजगार अपनाएं। इस योजना में बीमा भी किया जाता है जिसके तहत यदि किसी किसान की मछली पालन कार्यों के दौरान मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को 5 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाता है। किसान क्रेडिट कार्ड और सस्ती ब्याज दर पर लोन लेकर भी मछली पालन व्यवसाय कर सकते हैं।
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