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एचएयू से स्वाजीलैंड के प्रधानमंत्री ने मांगा सहयोग

Tue, 19 Apr 2016 12:47 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला Updated Tue, 19 Apr 2016 12:47 AM IST
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Swaziland's prime minister sought cooperation from HAU, karnal
बैठक - फोटो : अमर उजाला

स्वाजीलैंड के प्रधानमंत्री डॉ. बर्नाबास सिबूसिसो डलामिनी ने कहा कि स्वाजीलैंड मक्का उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से परस्पर सहयोग का इच्छुक है। इस संदर्भ में गहन जानकारी लेने के लिए स्वाजीलैंड से 17 सदस्यीय दल यहां आया है। वे उचानी स्थित चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में अपने मंत्रीमंडल व उच्च अधिकारियों के 17 सदस्यीय दल और चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों के साथ आयोजित संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे।

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उन्होंने कहा कि मक्का स्वाजीलैंड की प्रमुख फसल है और स्वाजीलैंड गन्ना का सबसे बड़ा उत्पादक है। स्वाजीलैंड में कृषि शिक्षा कॉलेज स्तर पर प्रदान की जा रही है लेकिन हमारे शिक्षकों और वैज्ञानिकों को प्रशिक्षण की आवश्यकता है। इसलिए चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय और स्वाजीलैंड में शिक्षकों, वैज्ञानिकों तथा विद्यार्थियों को आपस में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। इसके लिए संबंधित एमओयू में जो भी आवश्यकताएं और प्राथमिकताएं होंगी उन पर भारत सरकार के साथ राजनैतिक और अधिकारिक स्तर पर प्रयास किया जाएगा।
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स्वाजीलैंड के कृषि मंत्री मोसेस विलाकाती ने कहा कि स्वाजीलैंड को मक्का के शीघ्र तैयार होने वाली किस्मों की जरूरत है। मक्का के मूल्य संवर्धन की आवश्यकता है। यह दोनों प्रौद्योगिकियां चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में उपलब्ध हैं। इसलिए हमें पूर्ण आशा है कि कृषि से संबंधित जो भी जानकारियां चाहिए होंगी वे हमें उपलब्ध करवाने में पूरी सहायता करेंगे। हिसार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. केएस खोखर ने मक्का की किस्मों की प्रति एकड़ उत्पादन क्षमता बाजार व्यवस्था तथा कृषि के बारे में अन्य पहलुओं पर जानकारी देते हुए कहा कि हरियाणा प्रदेश में मक्का उत्पादन के लिए जमीन और जलवायु दोनों ही अनुकूल हैं। प्रदेश के किसान इसे हरेचारे के तौर पर भी प्रयोग करते हैं।
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क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. एसएस सिवाच ने बताया कि चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में 19 देशों के बच्चे कृषि से संबंधित शिक्षा प्राप्त करने के लिए आए हैं। 2012 में केंद्र को बेस्ट सेंटर अवार्ड मिला है, पूरे भारत में ऐसे 32 केन्द्र हैं और करनाल के केन्द्र को 2015 में सर्वश्रेष्ठ केन्द्र का पुरस्कार मिल चुका है। इस अवसर पर उनके साथ आर्थिक प्लानिंग मंत्री प्रिंस हलन्गूसेमपी डालमिनी,  प्राकृतिक संसाधन मंत्री सिनेटर जॉबीलिले मासावामा, प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव विकटर नेक्सूमलो, इंडोनेशिया के कांउसलर जनरल क्रीम अशरफ और भारत की कांउसलर जनरल मोना अशरफ, एचआरएम के निदेशक डॉ. राम सिंह, सहायक निदेशक डॉ. आरके पटेल, क्षेत्रीय निदेशक डॉ. समर सिंह, उपायुक्त डॉ. जे. गणेशन, पुलिस अधीक्षक पंकज नैन, इंद्री के एसडीएम अश्विनी मलिक आदि उपस्थित रहे।


सब्जी केंद्र का भी किया दौरा
स्वाजीलैंड के प्रधानमंत्री डॉ. बर्नाबास सिबूसिसो डलामिनी ने इससे पूर्व घरौंडा स्थित लिबर्टी शू-फैक्टरी का दौरा किया तथा वहां बन रहे विभिन्न प्रकार के जूतों के बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। घरौंडा में स्थित इंडो इजराईल सब्जी उत्कृष्टता केंद्र का दौरा करके वहां पोलीकल्चर व्यवस्था के तहत पैदा की जा रही सब्जियों के बारे में भी जानकारी ली। इस मौके पर आदेश गुप्ता, अधीश गुप्ता, अर्पण गुप्ता, विवेक बंसल, सुनील बंसल, हेमंत मोहन, उत्कृष्टता केंद्र के उपनिदेशक एसके यादव आदि उपस्थित रहे।

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