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Karnal News: कुष्ठ रोगियों का सर्वे पूरा मगर नहीं बन सकी रिपोर्ट
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- इंटरनेट की समस्या बताया जा रहा कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में कुष्ठ रोगियों को तलाशने के लिए चलाया गया कुष्ठ रोग खोज अभियान (एलसीडीसी) पूरा हुए एक सप्ताह बीत चुका है लेकिन अभी तक विभाग संदिग्ध व चिन्हित किए गए कुष्ठ रोगियों की रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाया है और न ही विभाग के कर्मचारी संदिग्धों की जांच नागरिक अस्पताल में करवा पाए हैं। ऐसे में अभी तक अभियान के तहत मिलने वाले कुष्ठ रोगियों का समय से इलाज शुरू नहीं हो पाया है।
मिली जानकारी के अनुसार कुष्ठ रोगियों की रिपोर्ट तैयार न होने का सबसे बड़ा कारण इंटरनेट की समस्या सामने आ रही है। जिससे विभाग के पास अभी तक अभियान के दौरान कुल कितने संदिग्ध मिले और कितनों की अभी तक जांच हो पाई है, इसका कोई ब्योरा जिला कुष्ठ रोग विभाग के पास नहीं है।
विभाग द्वारा 26 मई को दी गई जानकारी के अनुसार बताया गया था कि अभियान के पहले सप्ताह के दौरान जिले की 10 लाख जनसंख्या के बीच 629 संभावित कुष्ठ रोगी पाए गए हैं। जिनकी नागरिक अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में जांच कराई जाएगी। इनमें से कुष्ठ रोगी मिलने वाले मरीजों की स्वास्थ्य विभाग निशुल्क दवाइयां देकर कोर्स शुरू करेगा। इसके अलावा पहले सप्ताह में घरौंडा खंड से एक कुष्ठ रोगी कंफर्म हुआ था।
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दूसरे सप्ताह का ब्योरा विभाग के पास अभी तक नहीं जुड़ पाया है। ऐसे में जिले के बाद स्टेट को भेजे जानी वाली रिपोर्ट भी देरी से जा पाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में कुष्ठ रोगियों को तलाशने के लिए चलाया गया कुष्ठ रोग खोज अभियान (एलसीडीसी) पूरा हुए एक सप्ताह बीत चुका है लेकिन अभी तक विभाग संदिग्ध व चिन्हित किए गए कुष्ठ रोगियों की रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाया है और न ही विभाग के कर्मचारी संदिग्धों की जांच नागरिक अस्पताल में करवा पाए हैं। ऐसे में अभी तक अभियान के तहत मिलने वाले कुष्ठ रोगियों का समय से इलाज शुरू नहीं हो पाया है।
मिली जानकारी के अनुसार कुष्ठ रोगियों की रिपोर्ट तैयार न होने का सबसे बड़ा कारण इंटरनेट की समस्या सामने आ रही है। जिससे विभाग के पास अभी तक अभियान के दौरान कुल कितने संदिग्ध मिले और कितनों की अभी तक जांच हो पाई है, इसका कोई ब्योरा जिला कुष्ठ रोग विभाग के पास नहीं है।
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विभाग द्वारा 26 मई को दी गई जानकारी के अनुसार बताया गया था कि अभियान के पहले सप्ताह के दौरान जिले की 10 लाख जनसंख्या के बीच 629 संभावित कुष्ठ रोगी पाए गए हैं। जिनकी नागरिक अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में जांच कराई जाएगी। इनमें से कुष्ठ रोगी मिलने वाले मरीजों की स्वास्थ्य विभाग निशुल्क दवाइयां देकर कोर्स शुरू करेगा। इसके अलावा पहले सप्ताह में घरौंडा खंड से एक कुष्ठ रोगी कंफर्म हुआ था।
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दूसरे सप्ताह का ब्योरा विभाग के पास अभी तक नहीं जुड़ पाया है। ऐसे में जिले के बाद स्टेट को भेजे जानी वाली रिपोर्ट भी देरी से जा पाएगी।