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सुरजेवाला के आवास का घेराव आज
कैथल
Updated Tue, 18 Feb 2014 11:34 PM IST
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हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन अपनी मांगों को लेकर 19 फरवरी को उद्योग मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला के आवास का घेराव करेगी। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सरबत पूनिया, महासचिव धर्मबीर हुड्डा, कोषाध्यक्ष जसबीर सिंह व राज्य कमेटी के सदस्य ओम प्रकाश गोयत ने प्रेस वार्ता में कहा कि अब रोडवेज कर्मचारी अपनी मांगों के लिए जोरदार आंदोलन करने वाले हैं। उद्योग मंत्री के आवास पर विशाल प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि तीन साल से कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान मांगों के समाधान के लिए सरकार ने एक कमेटी का गठन किया था और सुरजेवाला को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि मंत्री ने कुछ कर्मचारी नेताओं को बुलाकर अपनी मनमर्जी के समझौते पर हस्ताक्षर करवा लिए। 3519 प्राइवेट परमिटों का कर्मचारी लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। जब तक सरकार इन परमिटों को रद्द नहीं करती तब तक विरोध करते रहेंगे।
परमिटों के खिलाफ रोजाना यात्रा करने वाले पांच लाख यात्रियों के हस्ताक्षर भी सरकार को भेज चुके हैं लेकिन सरकार अपने चहेते को परमिट देने में लगी है। प्राइवेट परमिटों से जनता का बहुत नुकसान हो रहा है। जनता से ज्यादा किराया वसूला जा रहा है। उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद भी 12 हजार कर्मचारियों को बिना एरियर पक्का करके कर्मचारियों के वेतन के 322 करोड़ रुपये हजम करने की साजिश रची जा रही है। अब रोडवेज कर्मचारी अपनी एकता और आंदोलन के दम पर अपनी मांगों को मनवाकर ही दम लेंगे।
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उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान मांगों के समाधान के लिए सरकार ने एक कमेटी का गठन किया था और सुरजेवाला को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि मंत्री ने कुछ कर्मचारी नेताओं को बुलाकर अपनी मनमर्जी के समझौते पर हस्ताक्षर करवा लिए। 3519 प्राइवेट परमिटों का कर्मचारी लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। जब तक सरकार इन परमिटों को रद्द नहीं करती तब तक विरोध करते रहेंगे।
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परमिटों के खिलाफ रोजाना यात्रा करने वाले पांच लाख यात्रियों के हस्ताक्षर भी सरकार को भेज चुके हैं लेकिन सरकार अपने चहेते को परमिट देने में लगी है। प्राइवेट परमिटों से जनता का बहुत नुकसान हो रहा है। जनता से ज्यादा किराया वसूला जा रहा है। उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद भी 12 हजार कर्मचारियों को बिना एरियर पक्का करके कर्मचारियों के वेतन के 322 करोड़ रुपये हजम करने की साजिश रची जा रही है। अब रोडवेज कर्मचारी अपनी एकता और आंदोलन के दम पर अपनी मांगों को मनवाकर ही दम लेंगे।
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