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अगले सप्ताह डीसी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
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नगर निगम के अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में रुपये लेते हुए वीडियो वायरल होने के मामले की जांच कर एडीसी योगेश कुमार अगले सप्ताह तक रिपोर्ट डीसी निशांत यादव को सौंप देंगे। एडीसी ने बताया कि मंगलवार को नगर निगम अधीक्षण अभियंता दीपक किंगर जांच में शामिल होंगे और लिखित में बयान दर्ज कराएंगे। इससे पहले वह सात जनवरी को भी जांच में शामिल हुए थे।
एडीसी योगेश शर्मा ने कहा कि बयान दर्ज होने के बाद ही वह जांच रिपोर्ट डीसी को सौंपेंगे। 17 दिसंबर 2021 को नगर निगम अधीक्षण अभियंता दीपक किंगर ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दी थी कि एक नंबर से उनके पास व्हाट्सएप नंबर से ब्लैकमेल करने व रंगदारी मांगने की कॉल आई थी। उसे धमकी दी गई कि उसकी वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा। इस शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। जांच सीआईए टू को सौंपी गई। मामले की जांच कर पुलिस ने 27 दिसंबर 2021 को ब्लैकमेल व रंगदारी मांगने वाले दो आरोपी कैथल निवासी शुभम व साहिल को पकड़ लिया था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी शुभम नगर निगम में ही अधीक्षण अभियंता का कंप्यूटर ऑपरेटर था।
उसका आरोप है कि अधीक्षण अभियंता दीपक किंगर रिश्वत में रुपये लेता है। पहले रुपये उसका पीए विकास शर्मा लेता है फिर दीपक किंगर को देता है। वह लंबे समय से यह देख रहा था। वह उसे उन रुपयों में से कुछ नहीं देते थे। इस कारण उसने एक हिडन कैमरा लगाकर करीब तीन महीने पीए द्वारा रिश्वत के रुपये लेते हुए व अधीक्षण अभियंता दीपक किंगर को रुपये देते हुए कई वीडियो बनाई हैं। इन वीडियो के वायरल होने पर अधीक्षण अभियंता दीपक किंगर को सस्पेंड किया गया और अनुबंध पर लगे उनके पीए विकास को सेवा से ही बाहर कर दिया गया है। मामले की जांच डीसी निशांत कुमार ने एडीसी योगेश शर्मा को सौंप दी। एडीसी का कहना है कि वह अगले सप्ताह तक इस मामले की जांच कर रिपोर्ट डीसी को सौंप देंगे।
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मामले को निपटाने के भी चल रहे प्रयास
अधीक्षण अभियंता व उनके पीए के रुपये लेते हुए वीडियो वायरल होने के मामले ने नगर निगम में खलबली मचा दी है। हालांकि इस मामले को निपटाने के लिए भी सियासी स्तर पर कई प्रयास लगातार चल रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसमें कुछ सफेदपोश में लगे हैं, अब तक करीब तीन बार बैठकें हो चुकी हैं, जिसमें निगम के एक अधिकारी को भी बुलाया गया था। यह भी कहा जा रहा है कि वीडियो में रुपये लेते तो देखा जा रहा है, लेकिन रुपये किस बात के लिए जा रहे हैं, यह साबित कैसे होगा, इसका लाभ एसई को मिल सकता है। लोगों का मानना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी आवश्यक है।
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एडीसी योगेश शर्मा ने कहा कि बयान दर्ज होने के बाद ही वह जांच रिपोर्ट डीसी को सौंपेंगे। 17 दिसंबर 2021 को नगर निगम अधीक्षण अभियंता दीपक किंगर ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दी थी कि एक नंबर से उनके पास व्हाट्सएप नंबर से ब्लैकमेल करने व रंगदारी मांगने की कॉल आई थी। उसे धमकी दी गई कि उसकी वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा। इस शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। जांच सीआईए टू को सौंपी गई। मामले की जांच कर पुलिस ने 27 दिसंबर 2021 को ब्लैकमेल व रंगदारी मांगने वाले दो आरोपी कैथल निवासी शुभम व साहिल को पकड़ लिया था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी शुभम नगर निगम में ही अधीक्षण अभियंता का कंप्यूटर ऑपरेटर था।
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उसका आरोप है कि अधीक्षण अभियंता दीपक किंगर रिश्वत में रुपये लेता है। पहले रुपये उसका पीए विकास शर्मा लेता है फिर दीपक किंगर को देता है। वह लंबे समय से यह देख रहा था। वह उसे उन रुपयों में से कुछ नहीं देते थे। इस कारण उसने एक हिडन कैमरा लगाकर करीब तीन महीने पीए द्वारा रिश्वत के रुपये लेते हुए व अधीक्षण अभियंता दीपक किंगर को रुपये देते हुए कई वीडियो बनाई हैं। इन वीडियो के वायरल होने पर अधीक्षण अभियंता दीपक किंगर को सस्पेंड किया गया और अनुबंध पर लगे उनके पीए विकास को सेवा से ही बाहर कर दिया गया है। मामले की जांच डीसी निशांत कुमार ने एडीसी योगेश शर्मा को सौंप दी। एडीसी का कहना है कि वह अगले सप्ताह तक इस मामले की जांच कर रिपोर्ट डीसी को सौंप देंगे।
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मामले को निपटाने के भी चल रहे प्रयास
अधीक्षण अभियंता व उनके पीए के रुपये लेते हुए वीडियो वायरल होने के मामले ने नगर निगम में खलबली मचा दी है। हालांकि इस मामले को निपटाने के लिए भी सियासी स्तर पर कई प्रयास लगातार चल रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसमें कुछ सफेदपोश में लगे हैं, अब तक करीब तीन बार बैठकें हो चुकी हैं, जिसमें निगम के एक अधिकारी को भी बुलाया गया था। यह भी कहा जा रहा है कि वीडियो में रुपये लेते तो देखा जा रहा है, लेकिन रुपये किस बात के लिए जा रहे हैं, यह साबित कैसे होगा, इसका लाभ एसई को मिल सकता है। लोगों का मानना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी आवश्यक है।