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Karnal News: बदसलूकी पर चार टोल कर्मचारियों और पुलिस कर्मी को समन जारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रिंस कुमार की अदालत ने एक वकील से बदसलूकी करने की शिकायत पर चार टोल कर्मचारियों और पूंडरी पुलिस के एक एएसआई को सम्मन जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी। अपनी शिकायत में एक वकील ने बताया है कि वह 10 अगस्त को अपनी कार से कैथल से रोहतक जा रहा था। जब वह एक्सप्रेस वे 152 डी पर बने टोल प्लाजा पर पहुंचा तो उसने टोल कर्मी को बताया कि उसे रोहतक जाना है। इसलिए मोहना से किला जफरगढ़ तक टोल की पर्ची बना दो, लेकिन टोल कर्मी ने किला जफरगढ़ की बजाय पबनावा की टोल स्लिप बना दी और वकील से 110 रुपये ले लिए।
इसके बाद जब वकील किला जफरगढ़ टोल प्लाजा पर पहुंचा और टोल पर्ची दिखाई तो वहां के टोल कर्मी ने कहा कि यह गलत पर्ची है। इसके बाद जब वकील ने वहां के टोल मैनेजर से बात की तो उसने वकील से बदतमीजी से बात की। फिर उनसे 130 रुपए वसूल कर आगे जाने दिया। वापस लौटते समय जब वकील ने मोहना टोल पर टोल कर्मी से पूछा कि उसने उसे गलत टोल पर्ची क्यों दी तो उसने भी वकील के साथ दुर्व्यवहार किया। टोल प्लाजा के मैनेजर ने भी वकील के साथ भी अभद्रता एवं गाली-गलौज की।
इस संबंध में वकील ने टोल प्लाजा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और क्षेत्रीय अधिकारी से बात की लेकिन उन्होंने भी कोई एक्शन नहीं लिया। इसके बाद वकील ने पूंडरी थाने में शिकायत दी जिसे एक एएसआई को जांच के लिए दे दी गई। एएसआई ने दो महीने तक उस शिकायत पर कोई गौर नहीं किया। इसके बाद वकील ने अदालत की शरण ली। अदालत ने इस मामले में टोल कर्मी, क्षेत्रीय अधिकारी और एएसआई को सम्मन जारी कर 21 नवंबर को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं।
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कैथल। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रिंस कुमार की अदालत ने एक वकील से बदसलूकी करने की शिकायत पर चार टोल कर्मचारियों और पूंडरी पुलिस के एक एएसआई को सम्मन जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर को होगी। अपनी शिकायत में एक वकील ने बताया है कि वह 10 अगस्त को अपनी कार से कैथल से रोहतक जा रहा था। जब वह एक्सप्रेस वे 152 डी पर बने टोल प्लाजा पर पहुंचा तो उसने टोल कर्मी को बताया कि उसे रोहतक जाना है। इसलिए मोहना से किला जफरगढ़ तक टोल की पर्ची बना दो, लेकिन टोल कर्मी ने किला जफरगढ़ की बजाय पबनावा की टोल स्लिप बना दी और वकील से 110 रुपये ले लिए।
इसके बाद जब वकील किला जफरगढ़ टोल प्लाजा पर पहुंचा और टोल पर्ची दिखाई तो वहां के टोल कर्मी ने कहा कि यह गलत पर्ची है। इसके बाद जब वकील ने वहां के टोल मैनेजर से बात की तो उसने वकील से बदतमीजी से बात की। फिर उनसे 130 रुपए वसूल कर आगे जाने दिया। वापस लौटते समय जब वकील ने मोहना टोल पर टोल कर्मी से पूछा कि उसने उसे गलत टोल पर्ची क्यों दी तो उसने भी वकील के साथ दुर्व्यवहार किया। टोल प्लाजा के मैनेजर ने भी वकील के साथ भी अभद्रता एवं गाली-गलौज की।
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इस संबंध में वकील ने टोल प्लाजा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और क्षेत्रीय अधिकारी से बात की लेकिन उन्होंने भी कोई एक्शन नहीं लिया। इसके बाद वकील ने पूंडरी थाने में शिकायत दी जिसे एक एएसआई को जांच के लिए दे दी गई। एएसआई ने दो महीने तक उस शिकायत पर कोई गौर नहीं किया। इसके बाद वकील ने अदालत की शरण ली। अदालत ने इस मामले में टोल कर्मी, क्षेत्रीय अधिकारी और एएसआई को सम्मन जारी कर 21 नवंबर को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं।
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