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Karnal News: शह और मात के खेल शतरंज में माहिर बनेंगे विद्यार्थी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jul 2025 03:04 AM IST
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Students will become experts in the game of checkmate and chess
- हर साल जुलाई के पहले शनिवार को स्कूलों में मनाया जाएगा शतरंज दिवस
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शह और मात के खेल शतरंज में अब विद्यार्थी माहिर बनेंगे। इसके लिए राजकीय विद्यालयों में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही जागरूकता, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। बकायदा हर साल जुलाई माह के पहले शनिवार को स्कूलों में शतरंज दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

इसके लिए सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। पत्र में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल मुखियाओं को व्यवस्था बनाने और शतरंज में विद्यार्थियों की रुचि पैदा करने के लिए कहा गया है। नई शिक्षा नीति के तहत यह निर्णय लिया गया है। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह प्रयास विद्यार्थियों में अनुशासन, मानसिक संतुलन और रचनात्मक सोच के विकास में सहायक होगा।
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शतरंज दिवस के दौरान शतरंज के नियमों व रणनीतियों से संबंधित सीखने व सिखाने के सत्र, कक्षा स्तरीय शतरंज प्रतियोगिताएं, विद्यार्थियों व अभिभावकों को मानसिक लाभ के प्रति जागरूकता अभियान, चलाने वाली प्रति प्रति वर्ष विद्यार्थियो को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान घर पर उपलब्ध पुराने गत्तों से संबंधित गणितीय आकृतियों के मॉडल तैयार कर प्रयोग आधारित अनुभव प्रोजेक्ट के रूप में विद्यालय में प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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शतरंज महाभारत के समय का शह-मात का खेल युद्ध हैं। शतरंज का उदय भारत देश में ही हुआ है। भारतीय खेल शतरंज खेलना पढ़ाई के साथ बच्चों के लिए बहुत जरूरी है ताकि बच्चे बड़ी समस्याओं को समझ सके और अपने जीवन मे उसका समाधान खोज सके। शतरंज में प्रदेश के खिलाडी राष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त कर देश प्रदेश का नाम रोशन कर रहे है। शतरंज से ध्यान शक्ति व स्मरण मैमोरी शक्ति विकसित होती है।

गोवा, गुजरात की तरह विषय के रूप में शामिल हो शतरंज
हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) के प्रदेश महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप का कहना है कि नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश में गोवा, गुजरात व तमिलनाडू की तरह शतरंज को स्कूल व कॉलेज स्तर पर विषय के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। शतरंज से जहां एक ओर खिलाडी के व्यक्तित्व का विकास होता है वहीं दूसरी ओर उसका मानसिक विकास भी होता है। एचसीए की ओर से स्कूलों में शनिवार को शतरंज दिवस के तहत गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

20 को है अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस
अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस 20 जुलाई 2025 को मनाया जाएगा। शतरंज की दुनिया में इस तिथि का विशेष महत्व है क्योंकि यह 20 जुलाई 1924 को पेरिस, फ्रांस में अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ की स्थापना की हुई थी। इस दिन 1924 में अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ फीडे की स्थापना भी हुई थी। वहीं यूनेस्को ने 20 जुलाई 1966 में इस दिन को मनाने का प्रस्ताव पास किया था।



शतरंज एक प्राचीन खेल है जो न केवल मनोरंजन प्रदान करता है, बल्कि बौद्धिक विकास, आलोचनात्मक सोच और सांस्कृतिक विविधता को भी बढ़ावा देता है। यह एक ऐसा खेल है जो दुनिया भर के लोगों को एक साथ लाता है भले ही उनकी पृष्ठभूमि या भाषा कुछ भी हो। स्कूलों में जुलाई के पहले शनिवार को शतरंज दिवस मनाया जाएगा।
- सुदेश ठुकराल, जिला शिक्षा अधिकारी
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