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शिक्षकों की कमी से साल भर जूझते रहे विद्यार्थी, अब परीक्षा की चिंता
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नरेंद्र शर्मा
करनाल। इसी माह से स्कूलों में परीक्षाएं शुरू होनी है लेकिन शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों को पढ़ाई में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस कारण वे परीक्षा की तैयारी को लेकर चिंतित हैं। हालांकि विभाग विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा करवाने का दावा कर रहा है। जानकारी के अनुसार जिले भर में विभिन्न श्रेणी के 7038 अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं लेकिन स्कूलों में 5050 शिक्षकों से ही काम चलाया जा रहा है, जिनमें 842 गेस्ट टीचर भी शामिल हैं। ऐसेे में जिले भर में लगभग 1985 शिक्षकों के पद खाली हैं। पहले तो कोरोना के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु नहीं चल सकी वहीं अध्यापकों की कमी से समस्या और बढ़ गई। संवाद
जिले में 778 राजकीय स्कूल
विभाग के अनुसार जिले में करीब 778 राजकीय स्कूल हैं। जिनमें 484 प्राथमिक, 119 माध्यमिक विद्यालय व 175 उच्च व वरिष्ठ विद्यालय हैं जिनमें हजारों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
बोर्ड के विद्यार्थियों को ज्यादा परेशानी
इसी माह से स्कूलों में विभिन्न कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू हैं। जिनमें कक्षा नौवीं से 11वीं सीबीएसई बोर्ड की 11 मार्च, छठी से आठवीं की 17 मार्च से परीक्षाएं शुरू हैं। वहीं हरियाणा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 30 मार्च से शुरू हैं। ऐसे में उन्हें परेशानी हो सकती है।
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ये हैं शिक्षकों की स्थिति
शिक्षक कुल कार्यरत गेस्ट रिक्त
जेबीटी 2370 1486 475 409
लेक्चरर 2124 1361 84 679
मास्टर 1449 765 216 468
सी एंड वी 784 359 67 358
एलेमेंट्री हेड 135 86 - 49
प्रधानाचार्य 120 105 - 15
मुख्याध्यापक 56 49 - 7
जिले के राजकीय स्कूलों में अध्यापकों की कमी विभाग के संज्ञान में है हालांकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो उसके लिए सामंजस्य बैठा कर शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी जाती है। उनकी पढ़ाई पर इसका असर नहीं होने दिया जाता है।
राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
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करनाल। इसी माह से स्कूलों में परीक्षाएं शुरू होनी है लेकिन शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों को पढ़ाई में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस कारण वे परीक्षा की तैयारी को लेकर चिंतित हैं। हालांकि विभाग विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा करवाने का दावा कर रहा है। जानकारी के अनुसार जिले भर में विभिन्न श्रेणी के 7038 अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं लेकिन स्कूलों में 5050 शिक्षकों से ही काम चलाया जा रहा है, जिनमें 842 गेस्ट टीचर भी शामिल हैं। ऐसेे में जिले भर में लगभग 1985 शिक्षकों के पद खाली हैं। पहले तो कोरोना के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु नहीं चल सकी वहीं अध्यापकों की कमी से समस्या और बढ़ गई। संवाद
जिले में 778 राजकीय स्कूल
विभाग के अनुसार जिले में करीब 778 राजकीय स्कूल हैं। जिनमें 484 प्राथमिक, 119 माध्यमिक विद्यालय व 175 उच्च व वरिष्ठ विद्यालय हैं जिनमें हजारों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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बोर्ड के विद्यार्थियों को ज्यादा परेशानी
इसी माह से स्कूलों में विभिन्न कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू हैं। जिनमें कक्षा नौवीं से 11वीं सीबीएसई बोर्ड की 11 मार्च, छठी से आठवीं की 17 मार्च से परीक्षाएं शुरू हैं। वहीं हरियाणा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 30 मार्च से शुरू हैं। ऐसे में उन्हें परेशानी हो सकती है।
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ये हैं शिक्षकों की स्थिति
शिक्षक कुल कार्यरत गेस्ट रिक्त
जेबीटी 2370 1486 475 409
लेक्चरर 2124 1361 84 679
मास्टर 1449 765 216 468
सी एंड वी 784 359 67 358
एलेमेंट्री हेड 135 86 - 49
प्रधानाचार्य 120 105 - 15
मुख्याध्यापक 56 49 - 7
जिले के राजकीय स्कूलों में अध्यापकों की कमी विभाग के संज्ञान में है हालांकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो उसके लिए सामंजस्य बैठा कर शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी जाती है। उनकी पढ़ाई पर इसका असर नहीं होने दिया जाता है।
राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी