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Karnal News: स्कूलों में विद्यार्थी नाटक से समझाएंगे विज्ञान का महत्व
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- राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र दिल्ली की ओर से करवाई जाएगी विज्ञान नाटक प्रतियोगिता
- जिला स्तर के विजेता को मिलेगा नौ हजार रुपये पुरस्कार
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। स्कूलों में विद्यार्थी नाटक के जरिये विज्ञान का जीवन में महत्व व उपयोगिता के बारे में बताएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से विज्ञान नाटक प्रतियोगिता होगी। यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र दिल्ली की ओर से करवाई जा रही है।
प्रतियोगिता पहले खंड फिर जिलास्तर पर कराई जाएगी। विजेताओं को विभाग की ओर से नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पहली बार प्रतियोगिता के लिए 9000 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। वहीं, पिछले साल यमुनानगर जिले की टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान नाटक पर प्रस्तुति दी थी और जीत कर लौटी थी। प्रतियोगिता के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है।
विदित हो कि विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने व उनकी रुचि पैदा करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसके तहत जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में विभाग की ओर से विज्ञान नाटक कार्यक्रम करवाया जा रहा है। जिसमें विद्यार्थी नाटक से विज्ञान का जीवन में महत्व बताएंगे। यह प्रतियोगिता केंद्र की ओर से करवाई जा रही है।
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जिला स्तर पर दो-दो टीमें दिखाएंगी प्रतिभा
पहले यह प्रतियोगिता खंड स्तर पर करवाई जाती है। खंड स्तर के विजेता जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। जिला विजेता टीम को प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा। प्रदेश स्तर पर जीतने वाली टीम राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेगी। अभी यह प्रतियोगिता खंड स्तर पर करवाई जा रही है। जिले के सभी छह खंडों से दो-दो टीमों का चयन जिला स्तर के लिए किया जाएगा। इसके बाद जिला स्तरीय प्रतियोगिता करवाई जाएगी।
ये रहेंगे नाटक के विषय
इस बार सूचना एवं नियम उत्तरी भारत विज्ञान नाट्य प्रतियोगिता का थीम मानव जाति के कल्याण के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी रखा गया है। परिषद की ओर से इसके लिए पांच विषय निर्धारित किए हैं। इन विषयों पर विद्यार्थियों को अपना नाटक तैयार कर प्रस्तुति देनी होगी। इस दौरान पहला विषय वैश्विक जल संकट रखा गया है। जबकि दूसरा विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और समाज रखा गया है। वहीं, तीसरा विषय आपदा प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक, चौथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता रखा गया है। जबकि पांचवां विषय जलवायु परिवर्तन और इसका प्रभाव रखा गया है।
विद्यार्थियों की विज्ञान में रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से यह प्रतियोगिता करवाई जाती है। जिले में अभी खंड स्तर पर प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं। सितंबर में विद्यार्थियों की परीक्षाएं भी हैं, इसलिए 15 सितंबर के बाद जिला स्तरीय प्रतियोगिता करवाई जाएंगी।
- दीपक वर्मा, जिला विज्ञान विशेषज्ञ
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- जिला स्तर के विजेता को मिलेगा नौ हजार रुपये पुरस्कार
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। स्कूलों में विद्यार्थी नाटक के जरिये विज्ञान का जीवन में महत्व व उपयोगिता के बारे में बताएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से विज्ञान नाटक प्रतियोगिता होगी। यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र दिल्ली की ओर से करवाई जा रही है।
प्रतियोगिता पहले खंड फिर जिलास्तर पर कराई जाएगी। विजेताओं को विभाग की ओर से नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पहली बार प्रतियोगिता के लिए 9000 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। वहीं, पिछले साल यमुनानगर जिले की टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान नाटक पर प्रस्तुति दी थी और जीत कर लौटी थी। प्रतियोगिता के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है।
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विदित हो कि विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाने व उनकी रुचि पैदा करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसके तहत जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में विभाग की ओर से विज्ञान नाटक कार्यक्रम करवाया जा रहा है। जिसमें विद्यार्थी नाटक से विज्ञान का जीवन में महत्व बताएंगे। यह प्रतियोगिता केंद्र की ओर से करवाई जा रही है।
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जिला स्तर पर दो-दो टीमें दिखाएंगी प्रतिभा
पहले यह प्रतियोगिता खंड स्तर पर करवाई जाती है। खंड स्तर के विजेता जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। जिला विजेता टीम को प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा। प्रदेश स्तर पर जीतने वाली टीम राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेगी। अभी यह प्रतियोगिता खंड स्तर पर करवाई जा रही है। जिले के सभी छह खंडों से दो-दो टीमों का चयन जिला स्तर के लिए किया जाएगा। इसके बाद जिला स्तरीय प्रतियोगिता करवाई जाएगी।
ये रहेंगे नाटक के विषय
इस बार सूचना एवं नियम उत्तरी भारत विज्ञान नाट्य प्रतियोगिता का थीम मानव जाति के कल्याण के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी रखा गया है। परिषद की ओर से इसके लिए पांच विषय निर्धारित किए हैं। इन विषयों पर विद्यार्थियों को अपना नाटक तैयार कर प्रस्तुति देनी होगी। इस दौरान पहला विषय वैश्विक जल संकट रखा गया है। जबकि दूसरा विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और समाज रखा गया है। वहीं, तीसरा विषय आपदा प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक, चौथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता रखा गया है। जबकि पांचवां विषय जलवायु परिवर्तन और इसका प्रभाव रखा गया है।
विद्यार्थियों की विज्ञान में रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से यह प्रतियोगिता करवाई जाती है। जिले में अभी खंड स्तर पर प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं। सितंबर में विद्यार्थियों की परीक्षाएं भी हैं, इसलिए 15 सितंबर के बाद जिला स्तरीय प्रतियोगिता करवाई जाएंगी।
- दीपक वर्मा, जिला विज्ञान विशेषज्ञ