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Karnal News: प्रदेश में पांच वर्ष से नहीं हुए छात्र संघ चुनाव, तैयारी में संगठन
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प्रदेश में पांच वर्ष से नहीं हुए छात्र संघ चुनाव, तैयारी में संगठन
- एबीवीपी बैठक में करेगी प्रस्ताव पास, इनसो राज्यपाल और मुख्यमंत्री से करेगी मुलाकात, आप कॉलेज स्तर पर कर रही इकाई तैयार
- कॉलेजों का नया सत्र शुरू होते ही चुनाव कराने की उठाई मांग, छात्र नेता बोले- चुनाव प्रत्यक्ष हों तो होता है समस्याओं का समाधान
गगन तलवार
करनाल। प्रदेश में पिछले पांच वर्ष से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं। 2019 में भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार बनने के बाद छात्र नेताओं को निरंतर चुनाव होने की उम्मीद जगी थी लेकिन कोरोना के कारण चुनाव नहीं हो पाए। अब फिर चुनावी साल नजदीक आते ही छात्र नेताओं में छात्र संघ चुनाव की आस जगी है। विभिन्न संगठन अपने स्तर पर तैयारी में भी जुटे हैं।
अपने संगठन की मजबूती के साथ-साथ सरकार को भी छात्र संघ चुनाव कराने के वादे की याद दिलाई जा रही है। इसे लेकर एबीवीपी की ओर से प्रदेश स्तर पर बैठक करके विशेष रूप से प्रस्ताव पास किया जाएगा। इनका प्रदेश में 156 नगर इकाई का गठन हो चुका है। वहीं इनसो की ओर से राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी। साथ ही अपने स्थापना दिवस से पहले सरकार को छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग भी की जा रही है। इसी तरह दिल्ली के बाद पंजाब जीतने पर उत्साहित आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई हरियाणा के जिलों के साथ-साथ कॉलेज स्तर पर संगठन खड़ा करने में जुटी है। इधर, छात्र नेताओं की ओर से कॉलेजों में नया सत्र शुरू होते ही चुनाव कराए जाने की मांग भी उठने लगी है। एबीवीपी सहित विभिन्न संगठन इसे लेकर ज्ञापन भी सौंप रहे हैं। ब्यूरो
22 साल के इंतजार के बाद 2018 में हुए थे चुनाव
अक्तूबर 2018 में प्रदेश में छात्र संघ चुनाव कराए गए थे। उस समय अप्रत्यक्ष चुनाव हुआ था, लेकिन इस बार संगठनों की ओर से प्रत्यक्ष चुनाव कराने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि प्रत्यक्ष चुनाव में ही विद्यार्थियों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा सकता है। अप्रत्यक्ष चुनाव में कॉलेज प्रबंधन का नुमाइंदों के चुनाव में पूर्ण हस्तक्षेप रहता है। 2018 से पहले हरियाणा में 1996 में छात्र संघ चुनाव हुए थे।
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फोटो- 111
ज्ञापन सौंपे, अब रणनीति बनाएगी एबीवीपी
एबीवीपी के प्रदेश विभाग संगठन मंत्री सूर्य प्रताप का कहना है कि कॉलेजों में प्रिंसिपल और विश्वविद्यालय स्तर पर वीसी को ज्ञापन सौंप चुके हैं। अब 29 जून से दो जुलाई तक रेवाड़ी में होने वाली प्रांत अभ्यास वर्ग बैठक में चुनाव को लेकर प्रस्ताव भी पास करेंगे। इसके बाद आगामी रणनीति तय होगी। पिछले दिनों मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया था तो चुनाव को लेकर उन्होंने हामी भी भरी थी, लेकिन अब तक घोषणा न होने से छात्रों में रोष है। सरकार शीघ्र चुनाव कराए ताकि नए सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों की समस्या का समाधान हो।
फोटो-- 112
पांच अगस्त के बाद सड़कों पर उतरेगी इनसो
इनसो के प्रदेशाध्यक्ष अजय राव का कहना है कि छात्र संघ चुनाव के लिए हमने सदस्यता अभियान चलाया हुआ है। 30 जून तक सदस्य पूरे करके सरकार के नाम ज्ञापन देंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की जाएगी। पांच अगस्त को इनसो का स्थापना दिवस है, तब तक सरकार को भी चुनाव बहाल करने का अल्टीमेटम भी दिया हुआ है। अन्यथा इसके बाद हम सड़कों पर उतरेंगे। हिसार में होने वाले स्थापना दिवस समारोह में मंच से ही आगे की घोषणा की जाएगी। छात्र हित में चुनाव प्रत्यक्ष ही होना चाहिए।
फोटो-- 113
हमारी तैयारी पूरी, चुनाव की घोषणा करे सरकार
छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) आप के प्रदेशाध्यक्ष आयुष खटखड़ का कहना है कि युवाओं के मुद्दों का समाधान कराने के लिए छात्र संघ चुनाव जरूरी है। जजपा और भाजपा चुनाव कराने से डर रही है, क्योंकि सरकार ने छात्र हित में अब तक कुछ नहीं किया। हरियाणा के 12 जिलों में संगठन खड़ा कर चुके हैं। एक माह में सभी जिलों के प्रत्येक कॉलेज में हमारी इकाई होगी। चुनाव को लेकर हमारी तैयारी पूरी है। सिर्फ सरकार की घोषणा का इंतजार है। नए सत्र की शुरुआत पर इसे लेकर धरने भी देंगे।
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- कॉलेजों का नया सत्र शुरू होते ही चुनाव कराने की उठाई मांग, छात्र नेता बोले- चुनाव प्रत्यक्ष हों तो होता है समस्याओं का समाधान
गगन तलवार
करनाल। प्रदेश में पिछले पांच वर्ष से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं। 2019 में भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार बनने के बाद छात्र नेताओं को निरंतर चुनाव होने की उम्मीद जगी थी लेकिन कोरोना के कारण चुनाव नहीं हो पाए। अब फिर चुनावी साल नजदीक आते ही छात्र नेताओं में छात्र संघ चुनाव की आस जगी है। विभिन्न संगठन अपने स्तर पर तैयारी में भी जुटे हैं।
अपने संगठन की मजबूती के साथ-साथ सरकार को भी छात्र संघ चुनाव कराने के वादे की याद दिलाई जा रही है। इसे लेकर एबीवीपी की ओर से प्रदेश स्तर पर बैठक करके विशेष रूप से प्रस्ताव पास किया जाएगा। इनका प्रदेश में 156 नगर इकाई का गठन हो चुका है। वहीं इनसो की ओर से राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी। साथ ही अपने स्थापना दिवस से पहले सरकार को छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग भी की जा रही है। इसी तरह दिल्ली के बाद पंजाब जीतने पर उत्साहित आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई हरियाणा के जिलों के साथ-साथ कॉलेज स्तर पर संगठन खड़ा करने में जुटी है। इधर, छात्र नेताओं की ओर से कॉलेजों में नया सत्र शुरू होते ही चुनाव कराए जाने की मांग भी उठने लगी है। एबीवीपी सहित विभिन्न संगठन इसे लेकर ज्ञापन भी सौंप रहे हैं। ब्यूरो
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22 साल के इंतजार के बाद 2018 में हुए थे चुनाव
अक्तूबर 2018 में प्रदेश में छात्र संघ चुनाव कराए गए थे। उस समय अप्रत्यक्ष चुनाव हुआ था, लेकिन इस बार संगठनों की ओर से प्रत्यक्ष चुनाव कराने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि प्रत्यक्ष चुनाव में ही विद्यार्थियों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा सकता है। अप्रत्यक्ष चुनाव में कॉलेज प्रबंधन का नुमाइंदों के चुनाव में पूर्ण हस्तक्षेप रहता है। 2018 से पहले हरियाणा में 1996 में छात्र संघ चुनाव हुए थे।
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फोटो- 111
ज्ञापन सौंपे, अब रणनीति बनाएगी एबीवीपी
एबीवीपी के प्रदेश विभाग संगठन मंत्री सूर्य प्रताप का कहना है कि कॉलेजों में प्रिंसिपल और विश्वविद्यालय स्तर पर वीसी को ज्ञापन सौंप चुके हैं। अब 29 जून से दो जुलाई तक रेवाड़ी में होने वाली प्रांत अभ्यास वर्ग बैठक में चुनाव को लेकर प्रस्ताव भी पास करेंगे। इसके बाद आगामी रणनीति तय होगी। पिछले दिनों मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया था तो चुनाव को लेकर उन्होंने हामी भी भरी थी, लेकिन अब तक घोषणा न होने से छात्रों में रोष है। सरकार शीघ्र चुनाव कराए ताकि नए सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों की समस्या का समाधान हो।
फोटो
पांच अगस्त के बाद सड़कों पर उतरेगी इनसो
इनसो के प्रदेशाध्यक्ष अजय राव का कहना है कि छात्र संघ चुनाव के लिए हमने सदस्यता अभियान चलाया हुआ है। 30 जून तक सदस्य पूरे करके सरकार के नाम ज्ञापन देंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की जाएगी। पांच अगस्त को इनसो का स्थापना दिवस है, तब तक सरकार को भी चुनाव बहाल करने का अल्टीमेटम भी दिया हुआ है। अन्यथा इसके बाद हम सड़कों पर उतरेंगे। हिसार में होने वाले स्थापना दिवस समारोह में मंच से ही आगे की घोषणा की जाएगी। छात्र हित में चुनाव प्रत्यक्ष ही होना चाहिए।
फोटो
हमारी तैयारी पूरी, चुनाव की घोषणा करे सरकार
छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) आप के प्रदेशाध्यक्ष आयुष खटखड़ का कहना है कि युवाओं के मुद्दों का समाधान कराने के लिए छात्र संघ चुनाव जरूरी है। जजपा और भाजपा चुनाव कराने से डर रही है, क्योंकि सरकार ने छात्र हित में अब तक कुछ नहीं किया। हरियाणा के 12 जिलों में संगठन खड़ा कर चुके हैं। एक माह में सभी जिलों के प्रत्येक कॉलेज में हमारी इकाई होगी। चुनाव को लेकर हमारी तैयारी पूरी है। सिर्फ सरकार की घोषणा का इंतजार है। नए सत्र की शुरुआत पर इसे लेकर धरने भी देंगे।