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Karnal News: कुंजपुरा ग्राम पंचायत में सरपंच और पंचों में खींचतान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Nov 2024 03:00 AM IST
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Struggle between Sarpanch and Panches in Kunjpura Gram Panchayat
- नाराजगी दूर करने के लिए हुई बैठक में पहुंचे तीन पंच, 17 रहे नदारद
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संवाद न्यूज एजेंसी

कुंजपुरा। ग्राम पंचायत में सरपंच व पंचों के बीच चल रही खींचतान सुलझती नजर नहीं आ रही। वीरवार को खंड कार्यालय में ग्राम पंचायत की हुई बैठक में सरपंच के अलावा मात्र तीन पंच ही पहुंचे। जबकि अन्य सभी पंच मीटिंग से नदारद रहे। जिससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरपंच व पंचों के बीच पनपे मतभेद सुलझना इतना आसान नहीं है। दरअसल यह मीटिंग सरपंच सुमन देवी द्वारा चौकीदार के माध्यम से सभी पंचों को बाकायदा लिखित एजेंडा भेज कर सूचना दी गई थी ताकि गांव में अटके विकास कार्यों को लेकर वांछित विधिवत प्रक्रिया पूरी की जा सके।

इसके अलावा पंचों व सरपंच के बीच चली आ रही खींचतान को सुलझाने के लिए भी कोई सकारात्मक पहल हो सके। लेकिन सरपंच सुमन के अलग महिला पंच स्वाति, सुशील तथा अनुज पंच ही इस मीटिंग में पहुंचे। जबकि 17 पंच नदारद रहे। एसइपीओ तेजवीर सिंह मौजूद रहे। जबकि खंड विकास अधिकारी मोनिका किसी जरूरी मीटिंग में भाग लेने गई थीं।
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बीते कुछ माह से पंचों व सरपंच के बीच किसी मुद्दे को लेकर खींचतान चल रही है। जिस कारण गांव में सभी विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। करीब 25 हजार की आबादी वाले इस ऐतिहासिक गांव में गंदे पानी की निकासी तक का उचित प्रबंध नहीं हो पा रहा। पशुओं को पीने के लिए साफ पानी भी उपलब्ध नहीं है। जगह-जगह गलियां उखड़ी पड़ी हैं। यहां तक की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। हालांकि सरपंच द्वारा सुलह का प्रयास किया जा रहा है ताकि गांव में विकास कार्य करवाए जा सकें लेकिन दूसरे पक्ष द्वारा सकारात्मक पहल न किए जाने से बहरहाल दोनों पक्षों में सुलह होती नजर नहीं आ रही।
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इन दोनों पक्षों की खींचतान में गांव के लोग विकास कार्यों से महरूम हो रहे हैं। जिस कारण समूचे ग्राम वासियों में नाराजगी पनप रही है। ग्रामीण बार-बार जिला प्रशासन से गांव में विकास कार्य करवाने के लिए हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं। वीरवार को ग्रामीणों ने यहां तक कहा कि सरपंच द्वारा बुलाई गई मीटिंग में भाग न लेने वाले पंचों के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही सरपंच को पंचों के बहुमत बिना विकास कार्य करने का अधिकार भी दिया जाए। अब देखना होगा कि बीडीपीओ व जिला प्रशासन इस संबंध में क्या कदम उठाएंगे।
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