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सख्ती : तीन बार बायोमेट्रिक, दो जगह लगा अंगूठे का निशान
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करनाल। सामान्य पात्रता परीक्षा यानी सीईटी में हिस्सा लेने वाले अभ्यर्थियों को गहन जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश होने दिया गया। पिछली परीक्षाओं में नकल के मामले सामने आने के कारण इस बार ज्यादा सख्ती बरती गई। जहां प्रतिबंधित वस्तुएं चूड़ी, कंगन और कड़ा तक अंदर नहीं ले जाने दिया गया। वहीं, जूते और जुराब तक उतरवाकर जांचे गए। इसके बाद ही मुख्य द्वार से प्रवेश दिया गया।
परीक्षा के दौरान थ्री लेयर जांच की गई। इस दौरान तीन बार बायोमेट्रिक हुई और दो जगह अंगूठे का निशान भी लिया गया। मुख्य द्वार से प्रवेश करने के बाद दूसरे प्रवेश पर पंजीकरण हुआ। जहां अभ्यर्थी की बायोमेट्रिक तरीके से उपस्थिति दर्ज की गई। इस दौरान फोटो भी लिया। इसके बाद सीट पर बैठने के बाद फिर दो बार परीक्षा की शुरुआत और अंत में यही जांच हुई। इसके अतिरिक्त उपस्थिति शीट और उत्तर पुस्तिका पर अंगूठे के निशान भी लगवाए गए। परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई। दोनों सत्र में कुल 44496 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। 50 केंद्रों पर 27734 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। जबकि 16762 अनुपस्थित रहे।
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परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना न करना पड़ा उसे देखते हुए कई अभ्यर्थी अन्य जिलों से एक रात पहले ही करनाल पहुंच गए थे। जिन्होंने रात करनाल रोड़ धर्मशाला, जाट धर्मशाला, रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर बिताई। इधर, आर्य समाज की ओर से कई केंद्रों के बाहर स्टॉल लगाकर अभ्यर्थियों के सामान के रखरखाव की सेवा भी की गई। उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि रविवार को भी सुबह के सत्र में 10 बजे से 11.45 बजे तक और सायं के सत्र में दोपहर बाद 3 बजे से 4.45 बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए एसडीएम घरौंडा अदिति को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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परीक्षा में सुबह के सत्र के मुकाबले शाम के सत्र में ज्यादा उपस्थिति दर्ज की गई। सुबह के सत्र में 22248 अभ्यर्थियों में से 13691 ने परीक्षा दी और 8557 अनुपस्थित रहे। इस परीक्षा में कुल 61.53 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इसी प्रकार शाम के सत्र में 22248 अभ्यर्थियों में से 14043 ने परीक्षा दी और 8205 अनुपस्थित रहे। इस परीक्षा में कुल 63.12 प्रतिशत उपस्थिति रही। उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुई है। उन्होंने भी कई केंद्रों का दौरा किया।
उपकरणों से लेकर ज्वैलरी तक पर रोक
परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, ब्लू टूथ, टैबलेट, इयरफोन, हिडन कैमरे, पेजर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ कोई भी ज्वैलरी, पेन, पेंसिल, पर्स, बेल्ट, पानी की बोतल, किताब आदि सब के ले जाने पर संपूर्ण रूप से पाबंदी रही। परीक्षा केंद्र में नजदीक सभी कोचिंग सेंटर, किताबों की दुकानें, स्टेशनरी शॉप और फोटो स्टेट की दुकानें बंद रखी गई।
उपवास वाले स्टाफ को नहीं मिला फलाहार
सरकार की ओर से दावा किया गया था कि जिन स्टाफ की ड्यूटी है, उन्हें उपवास के चलते फलाहार भी दिया जाएगा, लेकिन करनाल के कई केंद्रों में ड्यूटी स्टाफ को रिफ्रेशमेंट नहीं मिली। ऐसे में खाली पेट ड्यूटी देनी पड़ी। इस पर कई शिक्षकों ने आपत्ति भी दर्ज कराई। नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षिका ने बताया कि उपवास की जानकारी लेने भी कोई नहीं आया। केंद्र अधीक्षक को भी उन्होंने परीक्षा उपरांत आपत्ति दर्ज कराई थी।
अष्टमी पूजन कैसे और कब करें
शिक्षकों ने बताया कि दूसरे दिन रविवार की परीक्षा के लिए सुबह सात बजे सभी स्टाफ को ड्यूटी पर बुलाया गया है, लेकिन परीक्षा के दिन अष्टमी है। इन दिन घरों में कन्याओं का पूजन भी किया जाता है। लेकिन परीक्षा के कारण अष्टमी पूजन कैसे और कब करेंगे। उन्होंने सरकार से त्योहारी दिनों में परीक्षाएं न आयोजित कराने की मांग की है। गत वर्ष सीईटी ग्रुप सी की परीक्षा भी नवंबर माह की शुरुआत में थी। उस समय भी त्योहार नजदीक थे।