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घर बैठे दूर कर सकेंगे तनाव, घटेगा आत्महत्या का ग्राफ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Feb 2022 02:51 AM IST
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Stress can be removed by sitting at home, the graph of suicide will decrease
राकेश चौहान
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करनाल। बजट में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू करने का एलान किया गया है। इस योजना के तहत नेशनल टेली मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के माध्यम से मनोरोगी फोन पर सीधे डॉक्टर से बात कर सकेंगे। मनोरोग चिकित्सक फोन पर ही उसकी काउंसलिंग करेंगे, दवाइयां लिखेंगे और तनाव खत्म करने का प्रयास करेंगे।
नागरिक अस्पताल के मनोरोग चिकित्सक डॉ. मनन गुप्ता ने बताया कि अमेरिका की तर्ज पर अब भारत में भी तनाव को इस व्यवस्था से खत्म किया जाएगा। इससे देश में आत्महत्या का ग्राफ कम होगा, क्योंकि डब्ल्यूएचओ के अनुसार विश्व में हर 40 सेकेंड में एक व्यक्ति आत्महत्या कर रहा है। हरियाणा में एक लाख लोगों में से 15 आत्महत्या कर लेते हैं। यदि समय रहते इनकी काउंसलिंग हो जाए तो मौत का ग्राफ कम हो जाएगा। तनाव के कारण ही सोचने की क्षमता कम हो जाती है और व्यक्ति आत्महत्या का रास्ता अपनाता है। नागरिक अस्पताल और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग में 200 से अधिक मरीज एक दिन में जांच के लिए आते हैं। संवाद
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घर में रहने वाली महिलाओं को ज्यादा फायदा
इस प्रोग्राम से महिलाओं को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा, क्योंकि अब भी देश में अधिकतर महिलाएं ऐसी हैं जो घर से बाहर नहीं निकल सकतीं और घर के झगड़ों के कारण वह तनाव में रहती हैं, यही कारण है कि वह फंदा लगाकर, जहरीला पदार्थ निगलकर या नहर में कूदकर जान दे देती हैं। इस व्यवस्था से ऐसी महिलाएं घर पर ही फोन कर मनोरोग चिकित्सक से बात कर अपनी समस्या बिना हिचक रख सकती हैं। युवतियां भी कई बार तनाव के कारण आत्महत्या जैसा कदम उठा लेती हैं। ऐसी युवतियां भी फोन पर अपनी बात डॉक्टर के सक्षम रख सकती हैं।
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नशा करने वाले भी कर सकेंगे बात
नशे के कारण कई परिवार टूट चुके हैं। घर बिक चुके हैं। अब नशा करने वाले व्यक्ति के परिजन घर बैठे ही मनोरोग चिकित्सक से दवाई ले सकते हैं, क्योंकि ज्यादातर नशा करने वाले लोग डॉक्टर के पास नहीं जाते। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इस समस्या से ज्यादा जूझना पड़ता है। अब घर बैठे की नशा करने वाले लोग या उनके परिजन डॉक्टर से बात कर सकते हैं। प्राइवेट नशा मुक्ति केंद्र में जाकर रुपये खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। वहीं व्यापार करने वाला घाटा होने पर या अन्य कारणों से तनाव में रहने लगता है। वह परिजनों व दोस्तों को अपनी समस्या नहीं बताता। अंत में आत्महत्या कर लेता है। ऐसे लोग भी फोन पर डॉक्टर से बात कर सकते हैं।
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