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Karnal News: महाकुंभ में कथा, तलवारबाजी से भक्तों का दिल जीत रहे कर्णनगरी के संत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jan 2025 02:18 AM IST
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Story in Mahakumbh, the saints of Karnanagari are winning the hearts of devotees with sword fighting.
महाकुंभ में कथा, तलवारबाजी से भक्तों का दिल जीत रहे कर्णनगरी के संत
- स्वामी ज्ञानानंद महाराज कर रहे प्रवचन, संत प्रह्लाद गिरी दिखा रहे हैरतंअंगेज कारनामे
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संवाद न्यूज एजेंसी

करनाल। सनातन धर्म में मान्यता है कि प्रयागराज में महाकुंभ के समय संगम में स्नान करने से जीवन के सारे पाप धुल जाते हैं और मन को शांति मिलती है। इस समय करनाल के भी कई संत व साधू महाकुंभ में पहुंचे हैं। कोई कथा के माध्यम से तो कोई तलवारबाजी से हैरतअंगेज कारनामे दिखाकर श्रद्धालुओं का मन जीतकर धर्म लाभ कमा रहा है।
महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज भी प्रयागराज के उदासीन आश्रम में पहुंचे हैं। स्वामी ज्ञानानंद ने बताया कि भारतीय वैदिक काल गणना के अनुसार कुछ विशेष लग्न नक्षत्रों का एक साथ मिलना महाकुंभ के रूप में होता है। 12 वर्ष बाद तो कुंभ का योग होता है, इस बार 12 गुना 12 यानी 144 वर्ष बाद यह संयोग बना है।
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उन्होंने कहा कि केवल महाकुंभ के पंचांग में ऐसे योग को देखकर ही देश-विदेश के श्रद्धालु स्नानामृत की उत्सुकता स्पष्ट देखी जा रही है। करोड़ों लोग यहां आ ही रहे हैं, वहीं सोशल मीडिया के माध्यम से पूरा विश्व कुंभ से जुड़ा हुआ है। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ में उनका चौथा स्नान है। प्रयागराज आकर जो आनंद की अनुभूति हो रही है, उसके लिए कोई शब्द नहीं है।
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जुंडला गेट के डेरा मस्त गिरी के संत प्रह्लाद गिरी महाराज दो महीने से प्रयागराज में हैं। प्रह्लाद गिरी महाराज ने बताया कि उनका यह पांचवां महाकुंभ है, जहां उन्होंने पवित्र स्नान किया। कुंभ तो लगभग 13-14 हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि महाकुंभ का भारत के साथ-साथ विश्वभर के संतों को बेसब्री से इंतजार रहता है ताकि इस पवित्र स्थान पर आकर शाही स्नान कर सकें। संत प्रह्लाद गिरी महाराज इस दौरान तलवारबाजी के हैरतअंगेज कारनामे दिखाकर श्रद्धालुओं का दिल जीत रहे हैं। वह करनाल में वह हर वर्ष अग्नि परीक्षा और जल परीक्षा देते हैं। करनाल से जुडे़ संत महामंडलेश्वर डाॅ. विकास दास को 29 जनवरी को शाही स्नान के अवसर पर जगदगुरु की उपाधि दी जाएगी। इसलिए उनके समर्थक व शिष्य भी बड़ी संख्या में महाकुंभ में हैं।
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