फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Steps being taken towards availability of one litre milk per person

Karnal News: प्रति व्यक्ति एक लीटर दुग्ध उपलब्धता की ओर बढ़ रहे कदम

Sat, 01 Jun 2024 05:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sat, 01 Jun 2024 05:44 AM IST
विज्ञापन
Steps being taken towards availability of one litre milk per person
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। एक जून को विश्व दुग्ध दिवस है, दुग्ध उत्पादन में भारत दुनिया में पहले पायदान पर है। जिसे लेकर करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) भी उत्साहित है, जो देश में प्रति व्यक्ति एक लीटर दूध की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। देश में डेयरी मांग को पूरा करने के लिए अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है।
बढ़ती जनसंख्या के बीच एक अनुमान के मुताबिक देश की दूध और उसके उत्पादों की मांग को पूरा करने के लिए भारत को 2033 तक प्रति वर्ष 330 एमएमटी दूध का उत्पादन करने की आवश्यकता है। दूध उत्पादन में वृद्धि औसतन 6.6 प्रतिशत है, लेकिन लक्षित 330 एमएमटी प्राप्त करने के लिए, कम से कम 14 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर हासिल करनी होगी।
विज्ञापन

आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल के कुलपति और निदेशक डॉ. धीर सिंह ने दुग्ध दिवस पर उत्पादकों और उपभोक्ताओं को बधाई देते हुए बताया कि विश्व दुग्ध दिवस वैश्विक भोजन के रूप में दूध के महत्व को पहचानने के लिए संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा स्थापित एक अंतरराष्ट्रीय दिवस है। यह 2001 से प्रत्येक वर्ष एक जून को मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम दुनिया को पोषण देने के लिए गुणवत्तापूर्ण पोषण प्रदान करने में डेयरी की महत्वपूर्ण भूमिका का जश्न मनाने पर केंद्रित होगी। डेयरी एक सुलभ, किफायती और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन है और दुनिया भर में संतुलित आहार का एक अनिवार्य हिस्सा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

निदेशक ने बताया कि भारत में वैश्विक दुग्ध उत्पादन का करीब 24.64 प्रतिशत दूध उत्पादन कर विश्व में पहले स्थान पर है। दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश होने के बावजूद भारत दुधारू पशुओं की कम उत्पादकता से जूझ रहा है। इसके लिए हमें अपने डेयरी पशुओं के पोषण में सुधार करना होगा और स्वदेशी पशुओं पर भी अधिक ध्यान केंद्रित करना होगा क्योंकि वे जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक सहिष्णु हैं।
भारत के बाद दूध उत्पादन के मामले में अमरीका, चीन, ब्राजील जैसे देश आते हैं। भारत में प्रतिदिन लगभग 64 करोड़ लीटर से भी ज्यादा दूध की खपत होती है। देश में दूध की उपलब्धता लगभग 459 ग्राम प्रति व्यक्ति है जबकि हरियाणा राज्य में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 1098 ग्राम प्रतिदिन है, पूरे देश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता एक लीटर हो सके, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। देश वार्षिक दुग्ध उत्पादन 221.1 मिलियन मीट्रिक टन है।

वर्ष 2033 तक प्रति वर्ष 330 मिलियन मीट्रिक टन दूध के उत्पादन की जरूरत होगी। जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ कई बड़ी चुनौतियां भी है। जिनसे निपटने के लिए, जीन एडिटिंग, क्लोनिंग, अधिक दूध वाले पशुओं की नस्लों का संरक्षण के साथ साथ किसानों को प्रशिक्षण, दुग्ध के उत्पादों में बढ़ोतरी, दूध की चिकित्सीय गुणों व जलवायु सहनशील पशुओं को तैयार करने आदि कई स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed