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यूक्रेन से भारत शिफ्ट हो रही स्टील इंडस्ट्री, निर्यात पर जोर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2022 02:27 AM IST
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Steel industry shifting from Ukraine to India, emphasis on exports
कृषि यंत्र निर्यात प्रोत्साहन कार्यशाला को संबोधित करते ईईपीसी इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक राक?
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। दुनियाभर के करीब तीन सौ से अधिक देशों में भारतीय कृषि यंत्रों की मांग बढ़ी है। 2021 में 1849.2 मिलियन डॉलर के कृषि यंत्रों का निर्यात किया गया है, जो पूरे विश्व के कारोबार का 1.4 प्रतिशत है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद स्टील इंडस्ट्री भारत में शिफ्ट हो रही है, ये भारतीय कृषि यंत्र इंडस्ट्री के लिए सुनहरा अवसर है। इसलिए करनाल सहित हरियाणा की कृषि यंत्र इंडस्ट्री को निर्यात की ओर कदम बढ़ाने चाहिए। इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के ईईपीसी इंडिया, ईसीजीसी एवं डीजीएफटी और एमएसएमई-डीएफओ आदि विभाग निर्यातकों का हर कदम पर साथ देने को तैयार हैं। ये बात मंगलवार को एमएसएमई-डीएफओ कार्यालय करनाल में एमएसएमई और करनाल एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन (कायमा) की ओर से आयोजित कृषि यंत्र उद्यमियों व निर्यातकों की राज्य स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन कार्यशाला में ईईपीसी के क्षेत्रीय निदेशक राकेश सूरज ने कही।
कायमा के महासचिव भावुक मेहता ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए करनाल में कृषि यंत्र उद्योगों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री लगातार उंचाइयों की ओर बढ़ रही है। उन्होंने एमएसएमई के सहयोग की सराहना की। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) के क्षेत्रीय निदेशक राकेश सूरज ने कहा कि लगातार दुनिया के विभिन्न देशों से निर्यात के अनुबंध हो रहे हैं। उद्यमियों को किसी सलाहकार की जरूरत नहीं, बल्कि सीधे विभाग से संपर्क करें। इंडिया ट्रेड वेबसाइट पर एचएसएन कोड डालते ही पूरी जानकारी मिलेगी।
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एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (ईसीजीसी) के शाखा प्रबंधक कुलदीप सिंह ने कहा कि उद्यमियों को खरीदार तलाश करके भी विभाग देगा। उनके पास 229 देशों के चार करोड़ खरीदारों का पूरा डाटा है। मॉल बीमित होने पर जोर दिया गया, जिससे उसकी पूरी गारंटी विभाग की रहती है, कभी कोई घाटा नहीं होगा। फ्रॉड खरीदार से सावधान रहने की सलाह दी गई। कहा कि व्हाट्सएप पर 90 प्रतिशत आर्डर आ रहे हैं, लेकिन ये लीगल नहीं है, इसलिए ऑर्डर ई-मेल पर मंगाएं। डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) के एफटीडीओ राकेश कुमार ने विदेशों से निर्यात का लाभ समझाया। कायमा के प्रधान रविंद्र ढल ने विश्वास दिलाया कि करनाल की इंडस्ट्री निर्यात की ओर तेजी के साथ कदम बढ़ाएगी। इससे पहले एमएसएमई-डीएफओ करनाल के निदेशक संजीव चावला, संयुक्त निदेशक प्रदीप ओझा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर दिनेश सचदेवा, अक्षय कटारिया, सागर शर्मा, ऋतिक गोयल, भारत गाबा, चैतन्य मेहतानी, मौर्य तलूजा, मनीष गुप्ता आदि कई जिलों के उद्यमी शामिल रहे।
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