{"_id":"58e294134f1c1b4a3e5b56b6","slug":"state-president-we-are-not-getting-any-job-or-honor-karnal","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेशाध्यक्ष जी हमें ना नौकरी मिल रही और न ही मान सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेशाध्यक्ष जी हमें ना नौकरी मिल रही और न ही मान सम्मान
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
Updated Mon, 03 Apr 2017 11:57 PM IST
विज्ञापन
प्रदेशाध्यक्ष जी हमें ना नौकरी मिल रही और न ही मान सम्मान
- फोटो : Amar Ujala
सेक्टर 14 स्थित श्रीकृष्णा मंदिर में कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला से मिलकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त की। जहां महिलाओं ने पार्टी में मान सम्मान न मिलने की शिकायत की तो वहीं पुरुष कार्यकर्ताओं ने नौकरी न मिलने की शिकायत प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला से की है। कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर प्रदेशाध्यक्ष ने उन्हें समझाने का काफी प्रयास किया, परंतु कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष पार्टी के लिए जी जान से काम कर रहे हैं, फिर भी उन्हें पार्टी में न तो मान सम्मान मिल रहा है और न ही उन्हें नौकरियां मिल रहीं हैं।
विज्ञापन
हालांकि, प्रदेशाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि उनकी बातें सरकार के सामने रखी जाएंगी। सम्मेलन खत्म होने के बाद भाजपा नेताओं ने एक अलग हाल में कार्यकर्ताओं ने प्रदेशाध्यक्ष के साथ बैठक कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। वहीं कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष से गुहार लगाते हुए कहा कि अध्यक्ष उनकी इस समस्या का समाधान करें। इस दौरान बैठक में जिलाध्यक्ष भगवानदास कबीरपंथी, विधायक हरविंद्र कल्याण, चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया, एडवोकेट वेदपाल, अशोक सुखिजा, योगेंद्र राणा, मंडल अध्यक्ष व अन्य पार्टी नेता मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यकर्ताओं की नाराजगी का किसी को पता न लगे, इसलिए अलग कमरे में की बैठक
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने पहले एक बड़े हाल में कार्यकर्ता सम्मेलन में सभी कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इसके बाद मंच से कहा गया कि किसी कार्यकर्ता को अध्यक्ष से कोई भी संगठन संबंधी या अपनी कोई निजी बात करनी है तो वह एक अलग कमरे में कर सकता है। सम्मेलन खत्म होने के बाद अध्यक्ष एक अलग कमरे में चले गए, उनके साथ पार्टी के कई नेता भी मौजूद रहे। जिन कार्यकर्ताओं को नाराजगी थी उन्होंने एक-एक करके अपनी शिकायत बराला को सुनाई। इस दौरान बैठक में भी मीडिया को अंदर नहीं जाने दिया गया। कमरे में कोई अन्य व्यक्ति न जा सके इसके लिए दो कमांडों को कमरे के गेट पर तैनात किया गया।
विज्ञापन