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प्रदेश में बागवानी पर जोर देने की जरूरत
करनाल
Updated Mon, 17 Feb 2014 12:07 AM IST
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घरौंडा। बागवानी विभाग की ओर से रविवार को नई अनाज मंडी में प्रदेश स्तरीय किसान सब्जी मेले का आयोजन किया गया। मेले में बागवानी विभाग के महानिदेशक अर्जुन सिंह सैनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और उन्होंने किसानाें के लिए प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान प्रशभनोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
जादूगर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने किसानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। किसानों ने पोली हाउस की नई नई तकनीकों की जानकारी के लिए सब्जी उत्कृष्टता केंद्र का भ्रमण किया। मेले में अधिकारियों के दावे के अनुसार किसान नहीं पहुंच पाए। किसान मेले के पहले दिन प्रदर्शनी प्रतियोगिता में विभिन्न सब्जियों की 2463 प्रवृष्ठियां प्राप्त हुईं। इस मौके पर बागवानी विभाग के महानिदेशक अर्जुन सैनी ने कहा कि किसानों को सब्जियों की नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए हर वर्ष मेले का आयोजन होता है।
उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश में करीब एक हजार एकड़ भूमि पर पोली हाउस बनाए गए हैं। सब्जी उत्कृष्टता केंद्र के प्रोजेक्ट अधिकारी डॉ. सत्येंद्र यादव सहित लगभग अन्य कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को संरक्षित खेती व सूक्ष्म सिंचाई के बारे में विस्तार से बताया और पोली हाउस में उगाई जाने वाली सब्जी शिमला मिर्च, चेरी, टमाटर, बिना बीज के खीरे, खरबूजे, गोभी, मटर, ब्रोकली, बेंगन, गाजर सब्जियों की तकनीक के बारे में जानकारी दी। खुले में खेती के बजाये किसान पोली हाउस में बढ़िया उत्पादन व मुनाफा कमा सकते हैं।
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सब्जी मेले में प्रदेश भर के लगभग 2463 किसानों की सब्जी प्रदर्शनी में सब्जी विशेषज्ञों की जज कमेटी ने सब्जियों का अवलोकन किया और अच्छी तकनीकियों की जांच की। हालांकि विशेषज्ञों ने क्वालिटी के आधार पर किसानों की सब्जियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान तो नोट किया, लेकिन उसका सामूहिक तौर खुलासा नही किया गया। मौके पर बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक डा. बीएस शेहरावत, उप निदेशक डा. धर्म सिंह यादव, उपनिदेशक डा. कुलदीप सिंह, उप निदेशक डा. रणबीर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी मदनलाल, सहायक प्रोजेक्ट अधिकारी डा. कृष्ण कुमार, अकाउंटेंट ऑफिसर जयप्रकाश मौजूद रहे।
रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए किसानों में लगी होड़-
किसान सब्जी मेले में हिस्सा लेने के लिए किसान सुबह से ही नई अनाज मंडी में पहुंचने शुरू हो गए थे। किसानों मेें अपना रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए होड़ सी मची रही, लेकिन कार्यक्रम अव्यवस्थित होने के कारण किसानों को मायूसी हाथ लगी।
किसानों ने आरोप लगाया कि मेले में किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन की कोई खास व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने बताया कि जिले भर से मात्र पंद्रह किसानों का ही रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर आरोप लगाया कि जिला उद्यान अधिकारियों ने दावा किया था कि किसानों को मेले में ले जाने व लाने का खर्च विभाग करेगा लेकिन किसान अपने खर्चे से मेले में पहुंचे है।
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जादूगर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने किसानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। किसानों ने पोली हाउस की नई नई तकनीकों की जानकारी के लिए सब्जी उत्कृष्टता केंद्र का भ्रमण किया। मेले में अधिकारियों के दावे के अनुसार किसान नहीं पहुंच पाए। किसान मेले के पहले दिन प्रदर्शनी प्रतियोगिता में विभिन्न सब्जियों की 2463 प्रवृष्ठियां प्राप्त हुईं। इस मौके पर बागवानी विभाग के महानिदेशक अर्जुन सैनी ने कहा कि किसानों को सब्जियों की नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए हर वर्ष मेले का आयोजन होता है।
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उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश में करीब एक हजार एकड़ भूमि पर पोली हाउस बनाए गए हैं। सब्जी उत्कृष्टता केंद्र के प्रोजेक्ट अधिकारी डॉ. सत्येंद्र यादव सहित लगभग अन्य कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को संरक्षित खेती व सूक्ष्म सिंचाई के बारे में विस्तार से बताया और पोली हाउस में उगाई जाने वाली सब्जी शिमला मिर्च, चेरी, टमाटर, बिना बीज के खीरे, खरबूजे, गोभी, मटर, ब्रोकली, बेंगन, गाजर सब्जियों की तकनीक के बारे में जानकारी दी। खुले में खेती के बजाये किसान पोली हाउस में बढ़िया उत्पादन व मुनाफा कमा सकते हैं।
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सब्जी मेले में प्रदेश भर के लगभग 2463 किसानों की सब्जी प्रदर्शनी में सब्जी विशेषज्ञों की जज कमेटी ने सब्जियों का अवलोकन किया और अच्छी तकनीकियों की जांच की। हालांकि विशेषज्ञों ने क्वालिटी के आधार पर किसानों की सब्जियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान तो नोट किया, लेकिन उसका सामूहिक तौर खुलासा नही किया गया। मौके पर बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक डा. बीएस शेहरावत, उप निदेशक डा. धर्म सिंह यादव, उपनिदेशक डा. कुलदीप सिंह, उप निदेशक डा. रणबीर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी मदनलाल, सहायक प्रोजेक्ट अधिकारी डा. कृष्ण कुमार, अकाउंटेंट ऑफिसर जयप्रकाश मौजूद रहे।
रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए किसानों में लगी होड़-
किसान सब्जी मेले में हिस्सा लेने के लिए किसान सुबह से ही नई अनाज मंडी में पहुंचने शुरू हो गए थे। किसानों मेें अपना रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए होड़ सी मची रही, लेकिन कार्यक्रम अव्यवस्थित होने के कारण किसानों को मायूसी हाथ लगी।
किसानों ने आरोप लगाया कि मेले में किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन की कोई खास व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने बताया कि जिले भर से मात्र पंद्रह किसानों का ही रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर आरोप लगाया कि जिला उद्यान अधिकारियों ने दावा किया था कि किसानों को मेले में ले जाने व लाने का खर्च विभाग करेगा लेकिन किसान अपने खर्चे से मेले में पहुंचे है।