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Karnal News: कुष्ठ रोगियों की पहचान करेगा राज्य स्वास्थ्य विभाग, 2.62 करोड़ का बजट जारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Apr 2024 05:25 AM IST
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State Health Department will identify leprosy patients, budget of Rs 2.62 crore released
- प्रदेश के 22 जिलों में से आठ में एलसीडीसी और 14 में चलेगा यूएलसीपी कार्यक्रम
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- एलसीडीसी में 2.31 करोड़ और यूएलसीपी में खर्च होंगे 30.75 लाख रुपये

अनुज शर्मा
करनाल। प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग कुष्ठ रोगियों की पहचान करेगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से एनएलईपी कार्यक्रम के तहत प्रदेश को दो करोड़ 62 लाख 25 हजार रुपये का बजट जारी किया है। आठ जिलों में कुष्ठ रोग खोज अभियान (एलसीडीसी) और 14 जिलों में शहरी कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम (यूएलसीपी) चलाया जाएगा। प्रदेश में अभी 408 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (एनएलईपी) 2027 तक भारत को कुष्ठ रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
राज्य कुष्ठ अधिकारी डॉ. रीटा कोटवाल ने बताया कि एनएलईपी कार्यक्रम के तहत आगामी 13 से 26 मई तक प्रदेश के 22 जिलों में से आठ जिलों में जिला स्तर पर और 14 जिलों में शहरी स्तर पर कुष्ठ रोगियों को तलाशने का अभियान चलाया जाएगा। जिसका रोडमैप प्रदेशभर के सभी जिलों को भेजा जा चुका है। इसमें एक आशा कर्मी और पुरुष वाॅलिंटियर्स की टीम गठित की जाएगी। जो प्रदेश के हर घर में दस्तक देकर कुष्ठ रोगियों की पहचान करेगी।
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अभियान शुरू करने से पहले गठित टीमों को प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे टीम आसानी से कुष्ठ रोगियों की पहचान कर सकें और उन्हें नागरिक अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में लाकर जांच करवा सकें। इसके अलावा टीमों पर सुपरविजन रखने के लिए सुपरवाइजर रखे जाएंगे। सुपरवाइजरों को भी प्रतिदिन की रिपोर्ट टीमों से एकत्रित कर विभाग को सौंपनी होगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी 10 मई तक चलेगा। - संवाद
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एलसीडीसी कार्यक्रम वाले जिले
अंबाला में 25.70 लाख, फरीदाबाद में 38.35 लाख, गुरुग्राम में 33.29 लाख, पानीपत में 25.80 लाख, सोनीपत में 33.29 लाख, पंचकूला में 13.05 लाख, करनाल में 33.29 लाख, यमुनानगर में 28.23 लाख व राज्य मुख्यालय में 50 हजार रुपये खर्च किए जांएगे।
यूएलसीपी कार्यक्रम वाले जिले
भिवानी में 1.65 लाख, चरखी दादरी में 65 हजार, फतेहाबाद में दो लाख, हिसार में दो लाख, झज्जर में तीन लाख, जींद में 1.65 लाख, कैथल में 2.50 लाख, कुरुक्षेत्र में तीन लाख, मेवात में तीन लाख, नारनौल में 1.65 लाख, पलवल में 1.65 लाख, रेवाड़ी में तीन लाख, रोहतक में तीन लाख व सिरसा में दो लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।


यह हैं लक्षण

उप-सिविल सर्जन करनाल डॉ. सिम्मी कपूर ने बताया कि कुष्ठ रोग छूत की बीमारी नहीं है। यह सांस के माध्यम से एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसमें शरीर पर लाल चकते, कानों पर और शरीर पर गांठें, हाथ-पैरों की नसों में झनझनाहट, त्वचा में सुन्नपन व हाथ-पैरों में घाव इसके लक्षण हैं।
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