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Khelo India Youth Games: करनाल के 16 खिलाड़ी भी प्रतिभा का करेंगे प्रदर्शन, खिलाड़ियों में खासा उत्साह

Sun, 29 May 2022 02:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 29 May 2022 02:33 AM IST
सार

सभी खिलाड़ी जी-जान से कोच के साथ अभ्यास में जुटे हैं। दूसरी ओर नेशनल गेम्स की सुरक्षा और अन्य व्यवस्था के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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sports
खेलो इंडिया - फोटो : social media

विस्तार

हरियाणा की मेजबानी में होने वाले खेलो इंडिया यूथ गेम्स का काउंट डाउन शुरू हो गया है। चार जून को परंपरागत रूप से पंचकूला में इसका शुभारंभ होगा। इसके बाद पंचकूला के साथ ही चंडीगढ़, अंबाला, शाहाबाद और दिल्ली में विभिन्न मुकाबले होंगे, जिसमें देशभर से करीब 8500 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इसमें करनाल के 16 खिलाड़ी भी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, जिसे लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह है।

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फिलहाल सभी खिलाड़ी जी-जान से कोच के साथ अभ्यास में जुटे हैं। दूसरी ओर नेशनल गेम्स की सुरक्षा और अन्य व्यवस्था के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके तहत खिलाड़ियों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए खेल परिसरों में मेडिकल स्टाफ और फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती रहेगी। साथ ही बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर खिलाड़ियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क उपलब्ध रहेगी। सभी खेल प्रतियोगिताओं का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स और हॉट स्टार पर किया जाएगा।
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छोटी उम्र में बड़ी तीरंदाज बनी रिद्धि
करनाल की बेटी और अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज रिद्धि फोर ने छोटी सी उम्र में ही छह अंतरराष्ट्रीय पदक जीत लिए थे। हाल ही में तुर्की, दक्षिण कोरिया, बंाग्लादेश में हुई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन कर पदक अपने नाम किए। साथ ही खेलो इंडिया यूथ गेम्स के बाद जून में ही फ्रांस में होने वाले वर्ल्ड कप और सितंबर में चीन में होने वाली प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगी। रिद्धि का शुरुआती प्रशिक्षण अपने भाई के नेतृत्व में हुआ और अब वह झारखंड के कोच माझी शिवइया के दिशा निर्देशन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। खालसा कालेज की छात्रा रिद्धि का सपना ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
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स्वर्ण पंच लगाने को आतुर तेजस
खेल महाकुंभ में स्वर्ण और नेशनल यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के बाद अब तेजस खेलो इंडिया में स्वर्ण पंच लगाने को बेताब हैं। तेजस एसआर बॉक्सिंग अकादमी सेक्टर आठ में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। तेजस को खेलों मेें आगे बढ़ाने वाले उनके पिता दलबीर सिंह को पूरा भरोसा है कि तेजस खेलो इंडिया के साथ ही ओलंपिक में भी जरूर स्वर्ण पदक जीतेगा। फिलहाल वह कैप्टन सतपाल सिंह और रवि शर्मा के नेतृत्व में रिंग में खेलो इंडिया की तैयारी कर रहा है।

पहली बार नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे शिवाजी
करनाल के गांव बलड़ी निवासी शिवाजी फुटबाल में पहचान बना चुके हैं। वह पहली बार नेशनल स्तर की खेलो इंडिया यूथ गेम्स प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहें हैं। उनके पिता अमित कुमार ने बताया कि शिवाजी प्रदेश स्तर पर बेहतर खेल प्रदर्शन से रजत पदक ला चुका है। अब खेलो इंडिया में प्रदेश की टीम को जरूर स्वर्ण पदक दिलाएगा। खेल प्रशिक्षक अमित के नेतृत्व में वह प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है।

प्रशिक्षण में पसीना बहा रही शन्नो
प्रदेश स्तरीय फुटबाल खिलाड़ी शन्नो राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 12वीं की छात्रा हैं। इन्होंने खेलो इंडिया के लिए हाल ही में कर्ण स्टेडियम में आयोजित 20 से 26 मई के बीच प्रशिक्षण शिविर में खूब पसीना बहाया है। शन्नो के खेल प्रशिक्षक अमित और पुनीत मानते हैं शन्नो टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी।

हैंडबॉल खिलाड़ी प्रिंस से पदक की आस
प्रदेश स्तर पर शानदार प्रदर्शन के दम पर पहली बार नेशनल स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे करनाल जिले से एक मात्र हैंडबॉल खिलाड़ी प्रिंस से भी सभी को पदक की आस है। पिता जोगिंदर सिंह राणा और माता किरण का कहना है कि प्रिंस पूरी लगन से खेलता हैं। मूल रूप से करनाल के गांव बीजना निवासी प्रिंस ने हैंडबॉल प्रशिक्षक अंकुश के नेतृत्व में प्रशिक्षण प्राप्त किया हैं। शिव शक्ति पब्लिक स्कूल के छात्र प्रिंस का सपना देश के लिए पदक जीतने का है।

कबड्डी में दिखेगा पूजा का दम
राष्ट्रस्तरीय कबड्डी खिलाड़ी पूजा आर्य कॉलेज कन्या महाविद्यालय गुरुकुल मोर माजरा की कबड्डी टीम का हिस्सा हैं। पूजा बैंगलुरू में हुए खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स, जूनियर नेशनल कबड्डी में पदक जीत चुकी है। कबड्डी प्रशिक्षक राजकुमार के नेतृत्व में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही पूजा को पूरा विश्वास है कि वह खेलो इंडिया में उसकी टीम स्वर्ण पदक जीतेगी।

अंतरराष्ट्रीय पदक जीत देश का नाम करना है रोशन
प्रदेश स्तरीय कबड्डी खिलाड़ी कविता सीनियर स्टेट चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी है। कविता के पिता राजबीर सामान्य किसान हैं। कविता की पढ़ाई और खेल प्रशिक्षण आर्य कालेज कन्या महाविद्यालय गुरुकुल मोर माजरा में हुआ, जहां उसने कबड्डी प्रशिक्षक राजकुमार से खेल के गुर सीखे। कविता का सपना भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना है।

सम्राट ने पिता से सीखे शूटिंग के प्राथमिक गुर
भारतीय शूटिंग टीम का हिस्सा सम्राट राणा को शूटिंग के प्राथमिक गुर उनके पिता अशोक राणा ने 14 वर्ष की आयु में सिखाना शुरू कर दिया था। सम्राट राणा ने एयर पिस्टल इवेंट में दूसरे खेलो इंडिया यूथ गेम्स में रजत पदक जीता था। करनाल निवासी सम्राट राणा शूटिंग प्रशिक्षक तरुण चौहान के नेतृत्व में 2018 से लगातर अभ्यास कर रहे हैं। अब वह भारतीय शूटिंग टीम का हिस्सा भी हैं। सम्राट का लक्ष्य खेलो इंडिया यूथ गेम्स में प्रदेश को स्वर्ण पदक दिलाना और अगले ओलंपिक खेलों में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।

टेनिस खिलाड़ी कर्ण सिंगल्स और डबल्स दोनों में लेंगे हिस्सा
अंतरराष्ट्रीय स्तर के टेनिस खिलाड़ी कर्ण सिंह पहले से ही देश, प्रदेश और जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। इसलिए कर्ण से प्रदेश टीम को अधिक उम्मीद है। कर्ण सिंह टेनिस के सिंगल्स और डबल्स दोनो ही इवेंट में हिस्सा लेंगे। वर्ल्ड जूनियर रैंकिंग में 613 स्थान रखने वाले खिलाड़ी कर्ण सिंह कई नेशनल व स्टेट स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। करनाल निवासी कर्ण सिंह के पिता अशोक कुमार चौहान कहते हैं कि खेलो इंडिया में भी बेटा प्रदेश के लिए जरूर स्वर्ण पदक जीतेगा।

पिता को भरोसा बेटी जीतेगी पदक
वॉलीबाल खिलाड़ी काजल नेशनल प्रतियोगिता में प्रदेश की महिला टीम के लिए स्वर्ण पदक जीत चुकी है। काजल चोरकारसा स्थित वॉलीबाल अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। काजल के पिता पवन कुमार कहते हैं राष्ट्रीय टीम में बेटी का होना गौरव की बात है, भरोसा है कि वह जरूर पदक जीतेगी।

साक्षी ने नेशनल में किया है शानदार प्रदर्शन
राष्ट्रीय वॉलीबाल खिलाड़ी साक्षी भी चोरकारसा में ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। साक्षी ने प्रदेश और नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है। पिता महेंद्र सिंह बताते हैं कि साक्षी छोटी सी उम्र से ही खेलों में शानदार प्रदर्शन कर रही है। खेलो इंडिया यूथ गेम्स में प्रदेश की टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में उसका योगदान होगा तो हमारे लिए गर्व की बात होगी। उसका सपना प्रदेश के साथ ही देश के लिए पदक लाने का है।

नेशनल में स्वर्ण पदक विजेता टीम का हिस्सा रही है मुस्कान
राष्ट्रीय वॉलीबाल खिलाड़ी मुस्कान नेशनल प्रतियोगिता में टीम के साथ स्वर्ण जीत चुकी है। उसने भी वालीबॉल अकादमी चोरकारसा में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। मुस्कान के पिता सतपाल सिंह ने बताया कि बेटी अभी खेलो इंडिया के तहत चल रहे प्रशिक्षण शिविर में अभ्यास कर रही है। मुस्कान का सपना प्रदेश के साथ ही देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का है।

लंबाई के दम पर गोल करने के लिए जाने जाते हैं शेखर
वॉलीबाल के राष्ट्रीय खिलाड़ी शेखर तुरान करनाल के रहने वाले हैं। अपनी लंबाई के दम पर वॉलीबाल में गोल करने के लिए वे जाने जाते हैं। फिलहाल शेखर कुरुक्षेत्र स्थित साई के प्रशिक्षण केंद्र में अभ्यास कर रहे हैं। शेखर कई नेशनल वालीबॉल प्रतियोगिता में पदक जीत चुके हैं। शेखर के पिता रामफली कहते हैं कि बेटे की काबिलियत पर पूरा भरोसा है, वह जरूर प्रदेश के लिए पदक जीतेगा। उसका सपना प्रदेश के साथ ही देश के लिए पदक जीतने का है।

वर्ल्ड चैंपियनशिप खेल चुके अमन
अंतरराष्ट्रीय वॉलीबाल खिलाड़ी अमन प्रदेश के साथ-साथ देश के लिए भी 24 अगस्त से दो सितंबर के बीच ईरान में हुई अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियनशिप में खेल चुके हैं, जहां उनकी टीम का दसवां स्थान रहा था। वहीं जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में प्रदेश की टीम को कांस्य पदक दिलाने में उनका योगदान सराहनीय रहा। उपलानी चोरकारसा के रहने वाले अमन के पिता नाथूराम एक सामान्य किसान हैं। उनका कहना है कि गांव के मैदान पर पसीना बहाकर विदेश तक का सफर तय करने वाले बेटे पर गर्व है। भरोसा है कि खेलो इंडिया में वह पदक जरूर जीतेगा।


पहले कुश्ती में पदक फिर थांग टा मणिपुरी मार्शल आर्ट में गाड़े झंडे
खेलो इंडिया यूथ गेम्स में पहली बार थांग टा मणिपुरी मार्शल आर्ट को शामिल किया गया है। इसमें प्रतिभाग कर रही ममता मणिपुर में हुए नेशनल थांग टा प्रतियोगिता में प्रदेश को कांस्य पदक दिला चुकी है। असंध के गांव बहरीस निवासी ममता आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से है। पिता सोमदत्त शर्मा हलवाई का काम करते हैं। ममता पहले कुश्ती में प्रदेश लेवल पर कई पदक ला चुकी है, लेकिन कुछ नया करने का सपना लिए ममता की मुलाकात विक्रम कादयान मार्शल आर्ट प्रशिक्षक से हुई। इसके बाद ममता ने थांग टा को अपना कैरियर बना लिया। फिलहाल ममता खेलो इंडिया के तहत कलानौर पंचकूला में चल रहे थांग टा मणिपुरी मार्शल आर्ट प्रशिक्षण शिविर में अभ्यास कर रही है।

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