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डी-प्लान की राशि समय से खर्च करें, वापस नहीं जानी चाहिए
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जिला योजना की राशि समय से खर्च करें, वापस नहीं जानी चाहिए
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। वित्तीय वर्ष के अब कुछ महीने ही शेष है, लेकिन विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये धनराशि अभी बाकी है। डी-प्लान के तहत मिली धनराशि खर्च नहीं हुई तो वापस हो जाएगी, जिसका असर विकास कार्यों पर पड़ेगा। अतिरिक्त उपायुक्त योगेश कुमार ने बुधवार को लघु सचिवालय में वर्ष 2021-22 के तहत जिला विकास योजना के कार्यों की समीक्षा की। 13 दिसंबर से पहले-पहले विकास कार्यों पर खर्च होने वाले अनुमानित लागत की रिपोर्ट मांगी। कार्यकारी एजेंसियों को निर्देशित किया कि उन्हें जो भी कार्य आवंटित किए गए हैं, उन्हें प्रत्येक दशा में 15 फरवरी तक हर संभव पूरा करके उनके बिलों को भी जमा कराएं।
एडीसी ने कहा कि खर्च राशि के बिल 15 फरवरी से पहले-पहले ही जमा कराएं ताकि बिलों की अदायगी करवाने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। जिला में विकास कार्यों का निरीक्षण करने के लिए स्पेशल ऑडिट टीम दौरे पर आई हुई है। इसलिए सभी कार्यकारी एजेंसियां अपने रिकॉर्ड को सही रखें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिला विकास योजना के कार्योंकी हर 15 दिन बाद समीक्षा बैठक होगी। डी-प्लान का पैसा किसी भी सूरत में वापस नहीं जाना जाए।
जिला परियोजना अधिकारी निर्मल सिंह ने बताया कि जिला विकास योजना के तहत वर्ष 2021-22 के लिए करीब 21 करोड़ 67 लाख रुपये मिले हैं। इससे विभिन्न ब्लॉकों, नगर निगम, नगर पालिका क्षेत्रों में करीब 447 विकास कार्य पूरे करवाए जाने हैं। पंचायती राज के माध्यम से सामान्य वर्ग के करीब 13 करोड़ से 261 विकास कार्य व 8 करोड़ 68 लाख रुपये से एससी कंपोनेंट के तहत 186 विकास कार्य कराने हैं।
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बैठक में नगर निगम की कार्यकारी अभियंता मोनिका शर्मा, बीडीपीओ सुमित चौधरी, सहायक परियोजना अधिकारी ईशम सिंह भुक्कल आदि शामिल रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। वित्तीय वर्ष के अब कुछ महीने ही शेष है, लेकिन विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये धनराशि अभी बाकी है। डी-प्लान के तहत मिली धनराशि खर्च नहीं हुई तो वापस हो जाएगी, जिसका असर विकास कार्यों पर पड़ेगा। अतिरिक्त उपायुक्त योगेश कुमार ने बुधवार को लघु सचिवालय में वर्ष 2021-22 के तहत जिला विकास योजना के कार्यों की समीक्षा की। 13 दिसंबर से पहले-पहले विकास कार्यों पर खर्च होने वाले अनुमानित लागत की रिपोर्ट मांगी। कार्यकारी एजेंसियों को निर्देशित किया कि उन्हें जो भी कार्य आवंटित किए गए हैं, उन्हें प्रत्येक दशा में 15 फरवरी तक हर संभव पूरा करके उनके बिलों को भी जमा कराएं।
एडीसी ने कहा कि खर्च राशि के बिल 15 फरवरी से पहले-पहले ही जमा कराएं ताकि बिलों की अदायगी करवाने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। जिला में विकास कार्यों का निरीक्षण करने के लिए स्पेशल ऑडिट टीम दौरे पर आई हुई है। इसलिए सभी कार्यकारी एजेंसियां अपने रिकॉर्ड को सही रखें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिला विकास योजना के कार्योंकी हर 15 दिन बाद समीक्षा बैठक होगी। डी-प्लान का पैसा किसी भी सूरत में वापस नहीं जाना जाए।
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जिला परियोजना अधिकारी निर्मल सिंह ने बताया कि जिला विकास योजना के तहत वर्ष 2021-22 के लिए करीब 21 करोड़ 67 लाख रुपये मिले हैं। इससे विभिन्न ब्लॉकों, नगर निगम, नगर पालिका क्षेत्रों में करीब 447 विकास कार्य पूरे करवाए जाने हैं। पंचायती राज के माध्यम से सामान्य वर्ग के करीब 13 करोड़ से 261 विकास कार्य व 8 करोड़ 68 लाख रुपये से एससी कंपोनेंट के तहत 186 विकास कार्य कराने हैं।
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बैठक में नगर निगम की कार्यकारी अभियंता मोनिका शर्मा, बीडीपीओ सुमित चौधरी, सहायक परियोजना अधिकारी ईशम सिंह भुक्कल आदि शामिल रहे।