हरियाणा: बिना टैक्स भरे सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों को पकड़ेगी स्पेशल टास्क फोर्स, सात टीम बनाई
परिवहन विभाग की इस विशेष सात टीमों में सात जिलों के आरटीए सहायक सचिवों की ड्यूटी लगाई गई है। टैक्स की चोरी और चालान का जुर्माना न भरने वालों पर भी नकेल कसी जाएगी। प्रत्येक टीम को तीन-चार जिले दिए गए हैं। भ्रष्टाचार को खत्म करना, पुरानी रिकवरी और अवैध तरीके से चलने वाले वाहनों पर लगाम लगाना उद्देश्य है।
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हरियाणा में बिना टैक्स (एमवी और पैसेंजर) भरे सड़कों पर दौड़ने वाले वाहन चालकों की अब खैर नहीं है। इन पर कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग की ओर से स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है। नई बनी सात टीमों में प्रदेश सरकार के विश्वसनीय सात जिलों के आरटीए सहायक सचिवों की ड्यूटी लगाई गई है, जो दूसरे जिलों में जाकर कार्रवाई करेंगे। प्रत्येक टीम को तीन या चार जिले सौंपे गए हैं।
टास्क फोर्स बिना टैक्स भरे चलने वाले वाहनों के अलावा बिना परमिट लिए चलने वाले और ओवरलोड सहित अन्य चालान का जुर्माना भरे बिना चलने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई करेगी। इस फोर्स को बनाने के पीछे भ्रष्टाचार खत्म करना, वर्षों पुराने टैक्स और जुर्माने की रिकवरी करना व अवैध तरीके से चलने वाले वाहनों पर लगाम लगाना उद्देश्य है।
ये टीमें प्रदेश के सभी जिलों में विभिन्न मार्गों पर दौड़ने वाले अवैध वाहनों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से आने वाले यात्री वाहनों की सघन जांच भी करेगी। परिवहन विभाग की तरफ से कुछ समय पहले ऐसे वाहनों पर कार्रवाई के लिए पांच जिलों के डीटीओ की ड्यूटी बदलकर उन्हें दूसरे जिलों में कार्रवाई के लिए भेजा था। अब सहायक सचिवों को भी विशेष टीमें बनाकर फिल्ड में उतारा है। ब्यूरो
रोडवेज के निरीक्षक, उप निरीक्षक करेंगे वाहनों की पहचान
सातों टीमों में रोडवेज के निरीक्षक और उप निरीक्षकों को भी शामिल किया गया है। मुख्यालय की तरफ से इन टीमों के लिए आरटीए सहायक सचिवों को ही प्रभारी बनाया गया है और जांच के दौरान उन्हीं को जुर्माना तय करना है। यात्री वाहनों की पहचान और रोडवेज के मार्गों पर चलने वाले अवैध वाहनों की पहचान रोडवेज के निरीक्षक और उप निरीक्षक करेंगे।
ये अधिकारी इस जिले में करेंगे जांच
- करनाल के सहायक सचिव पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में।
- कैथल के सहायक सचिव करनाल, पानीपत, कैथल और जींद में।
- रोहतक के सहायक सचिव गुरुग्राम में।
- नारनौल के सहायक सचिव फरीदाबाद, पलवल और मेवात में।
- भिवानी के सहायक सचिव रेवाड़ी, भिवानी, चरखी दादरी एवं नारनौल में।
- पानीपत के सहायक सचिव झज्जर, रोहतक और सोनीपत में।
- सिरसा के सहायक सचिव हिसार, सिरसा और फतेहाबाद मेें।
ऑडिट की रिकवरी और पुराने चालान, इंपाउंड वाहनों के जुर्माने व टैक्स की रिकवरी के लिए टीमें सरकार ने बनाई हैं। करनाल के सहायक सचिव की भी ड्यूटी लगी है। टीमों ने नई जिम्मेदारी के हिसाब से कार्य करना शुरू कर दिया है। - डॉ. सुभाष चंद्र, डीटीओ