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Karnal News: ... खून से सन गया था बेटे का गुलाल भरा चेहरा
Thu, 12 Sep 2024 04:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 12 Sep 2024 04:07 AM IST
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राकेश चौहान
करनाल। होली का दिन था... (06 मार्च 2023) हम सब सुबह के समय एक-दूसरे को रंग लगाकर होली मना रहे थे। सचिन (20) का चेहरा भी रंगों से खिला हुआ था। वह बहुत खुश था। पहले उसने परिवार के साथ होली मनाई तो फिर गली में अपने भाइयों व दोस्तों के साथ मस्ती करने लगा। दोपहर बाद सचिन हंसता हुआ घर आया। उसने बाइक उठाई, तो सचिन के बड़े भाई राहुल की नजर उस पर पड़ी। उसने सचिन से पूछा कहां जा रहा है? सचिन ने कहा कि दोस्त के साथ बाजार में घूमने जा रहा हूं। जब यह शब्द सचिन के पिता सुदेश के कानों में पड़े तो उन्होंने भी सचिन को टोक दिया और कहा कि कहीं नहीं जाना है, आजा खाना खा ले।
इतनी बात कहकर सचिन के पिता और भाई अन्य काम में लग गए मगर सचिन चुपके से बाइक लेकर घर से निकल गया। इसके बाद उसने अपने दोस्त प्रिंस (19) को बाइक पर बैठाया और अन्य दोस्तों के पास हांसी रोड की तरफ चला गया। घर में बड़ा भाई राहुल और पिता सुदेश ने देखा कि सचिन बाइक लेकर चला गया है। उन्होंने सचिन को फोन किया तो पता चला कि उसका मोबाइल तो घर पर ही है। करीब एक-डेढ़ घंटे बाद दोपहर बाद लगभग डेढ़ बजे उसके पिता के पास एक फोन आया। जिसे सुनते ही पिता के पांव तले की जमीन खिसक गई और एक आवाज आई... क्या हुआ सचिन को। इतना सुनते ही हम सभी सचिन के पिता के पास खड़े हुए और उनसे पूछने लगे। पिता ने बताया कि सचिन का एक्सीडेंट हो गया है।
इतनी बात सुनते ही पूरा परिवार सचिन को देखने के लिए घर से दौड़ पड़ा और नागरिक अस्पताल में जाकर देखा कि सचिन के जिस चेहरे पर अलग-अलग रंग लगे हुए थे वह खून से सना पड़ा था। यह दर्द भरी कहानी करनाल स्थित चक्रवर्ती ग्राम कॉलोनी निवासी सचिन की मां गीता ने बयां की। इस हादसे में गीता ने अपने लाल को खो दिया।
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उधर सचिन की मां गीता ने रोते हुए बताया कि उस दिन अस्पताल में सचिन अपनी सांसें छोड़ चुका था। उनके घर में तो मातम पसर हुआ था लेकिन कुछ घंटे इलाज के बाद सचिन के दोस्त प्रिंस की भी मौत हो गई। जिससे लवकुश कॉलोनी निवासी प्रिंस के घरवालों पर भी दुखों का पहाड़ टूट गया। दोनों परिवारों को उस दिन ऐसा लग रहा था कि उनके पास कुछ नहीं रहा, शायद भगवान ने सब कुछ ही उनसे छीन लिया है। इस हादसे के बाद परिवार ने होली पर्व मनाना ही छोड़ दिया है।
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ऐसे हुआ था सड़क हादसा
सचिन के भाई राहुल ने बताया कि जब सचिन बाइक पर अपने दोस्त प्रिंस को बैठाकर घर से निकला था तो वे पहले हांसी चौक पर अपने दोस्तों के घर गए थे। इसके बाद जब वे लौटकर घर आ रहे थे तो हांसी चौक के नजदीक सड़क के बीच में एक ट्रक भी खड़ा था। पीछे से एक तेज रफ्तार व अनियंत्रित कार चालक ने सचिन की बाइक को टक्कर मार दी। इसके बाद बाइक पर सवार सचिन और प्रिंस की बाइक ट्रक से टकरा गई। हादसे में दोनों युवकों के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। जिससे उनकी जान चली गई।
मां बोलीं...
सचिन की मां गीता का कहना है कि सड़क हादसे में उन्होंने अपने लाल को खोया है। सचिन को उसके बड़े भाई और पिता ने घर से बाहर जाने से रोका था, यदि सचिन उनकी बात मान लेता तो आज सचिन उनके बीच होता। यदि सचिन और प्रिंस ने हेलमेट भी पहना होता तो उनकी जान बच सकती थी। इसलिए हमें अपने माता-पिता की बात जरूर माननी चाहिए, जिस काम को करने से वे मना करें तो उसे नहीं करना चाहिए।
यातायात नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए। नियम हमारी सुरक्षा के लिए बने हैं। यदि तेज रफ्तार व बेकाबू कार चालक उसके बेटे की बाइक को टक्कर नहीं मारता तो सचिन और प्रिंस आज हमारे साथ होते।
ये अभियान इसलिए...
सड़क हादसों में मरने व घायल होने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। यातायात नियमों का उल्लंघन करना जान पर भारी पड़ रहा है। हादसों में कई परिवार अपनों को खो रहे हैं। उसके बाद यह दर्द उन्हें ताउम्र सताता है। सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए अमर उजाला इस अभियान की पहल कर रहा है। यदि हम यातायात नियमों का गंभीरता से पालन करें तो न केवल सड़क दुर्घटनाएं कम हो सकती हैं बल्कि इस दौरान मरने व घायल होने वालों का आंकड़ा भी घटेगा।
-संवाद
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करनाल। होली का दिन था... (06 मार्च 2023) हम सब सुबह के समय एक-दूसरे को रंग लगाकर होली मना रहे थे। सचिन (20) का चेहरा भी रंगों से खिला हुआ था। वह बहुत खुश था। पहले उसने परिवार के साथ होली मनाई तो फिर गली में अपने भाइयों व दोस्तों के साथ मस्ती करने लगा। दोपहर बाद सचिन हंसता हुआ घर आया। उसने बाइक उठाई, तो सचिन के बड़े भाई राहुल की नजर उस पर पड़ी। उसने सचिन से पूछा कहां जा रहा है? सचिन ने कहा कि दोस्त के साथ बाजार में घूमने जा रहा हूं। जब यह शब्द सचिन के पिता सुदेश के कानों में पड़े तो उन्होंने भी सचिन को टोक दिया और कहा कि कहीं नहीं जाना है, आजा खाना खा ले।
इतनी बात कहकर सचिन के पिता और भाई अन्य काम में लग गए मगर सचिन चुपके से बाइक लेकर घर से निकल गया। इसके बाद उसने अपने दोस्त प्रिंस (19) को बाइक पर बैठाया और अन्य दोस्तों के पास हांसी रोड की तरफ चला गया। घर में बड़ा भाई राहुल और पिता सुदेश ने देखा कि सचिन बाइक लेकर चला गया है। उन्होंने सचिन को फोन किया तो पता चला कि उसका मोबाइल तो घर पर ही है। करीब एक-डेढ़ घंटे बाद दोपहर बाद लगभग डेढ़ बजे उसके पिता के पास एक फोन आया। जिसे सुनते ही पिता के पांव तले की जमीन खिसक गई और एक आवाज आई... क्या हुआ सचिन को। इतना सुनते ही हम सभी सचिन के पिता के पास खड़े हुए और उनसे पूछने लगे। पिता ने बताया कि सचिन का एक्सीडेंट हो गया है।
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इतनी बात सुनते ही पूरा परिवार सचिन को देखने के लिए घर से दौड़ पड़ा और नागरिक अस्पताल में जाकर देखा कि सचिन के जिस चेहरे पर अलग-अलग रंग लगे हुए थे वह खून से सना पड़ा था। यह दर्द भरी कहानी करनाल स्थित चक्रवर्ती ग्राम कॉलोनी निवासी सचिन की मां गीता ने बयां की। इस हादसे में गीता ने अपने लाल को खो दिया।
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उधर सचिन की मां गीता ने रोते हुए बताया कि उस दिन अस्पताल में सचिन अपनी सांसें छोड़ चुका था। उनके घर में तो मातम पसर हुआ था लेकिन कुछ घंटे इलाज के बाद सचिन के दोस्त प्रिंस की भी मौत हो गई। जिससे लवकुश कॉलोनी निवासी प्रिंस के घरवालों पर भी दुखों का पहाड़ टूट गया। दोनों परिवारों को उस दिन ऐसा लग रहा था कि उनके पास कुछ नहीं रहा, शायद भगवान ने सब कुछ ही उनसे छीन लिया है। इस हादसे के बाद परिवार ने होली पर्व मनाना ही छोड़ दिया है।
ऐसे हुआ था सड़क हादसा
सचिन के भाई राहुल ने बताया कि जब सचिन बाइक पर अपने दोस्त प्रिंस को बैठाकर घर से निकला था तो वे पहले हांसी चौक पर अपने दोस्तों के घर गए थे। इसके बाद जब वे लौटकर घर आ रहे थे तो हांसी चौक के नजदीक सड़क के बीच में एक ट्रक भी खड़ा था। पीछे से एक तेज रफ्तार व अनियंत्रित कार चालक ने सचिन की बाइक को टक्कर मार दी। इसके बाद बाइक पर सवार सचिन और प्रिंस की बाइक ट्रक से टकरा गई। हादसे में दोनों युवकों के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। जिससे उनकी जान चली गई।
मां बोलीं...
सचिन की मां गीता का कहना है कि सड़क हादसे में उन्होंने अपने लाल को खोया है। सचिन को उसके बड़े भाई और पिता ने घर से बाहर जाने से रोका था, यदि सचिन उनकी बात मान लेता तो आज सचिन उनके बीच होता। यदि सचिन और प्रिंस ने हेलमेट भी पहना होता तो उनकी जान बच सकती थी। इसलिए हमें अपने माता-पिता की बात जरूर माननी चाहिए, जिस काम को करने से वे मना करें तो उसे नहीं करना चाहिए।
यातायात नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए। नियम हमारी सुरक्षा के लिए बने हैं। यदि तेज रफ्तार व बेकाबू कार चालक उसके बेटे की बाइक को टक्कर नहीं मारता तो सचिन और प्रिंस आज हमारे साथ होते।
ये अभियान इसलिए...
सड़क हादसों में मरने व घायल होने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। यातायात नियमों का उल्लंघन करना जान पर भारी पड़ रहा है। हादसों में कई परिवार अपनों को खो रहे हैं। उसके बाद यह दर्द उन्हें ताउम्र सताता है। सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए अमर उजाला इस अभियान की पहल कर रहा है। यदि हम यातायात नियमों का गंभीरता से पालन करें तो न केवल सड़क दुर्घटनाएं कम हो सकती हैं बल्कि इस दौरान मरने व घायल होने वालों का आंकड़ा भी घटेगा।
-संवाद